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दो राज्यों के बीच की ‘बस-पॉलिटिक्स’ बेजोड़ कोटा से यूपी भेजे गए छात्रों के लिए उपलब्ध कराई गई बसों का 36.36 लाख रुपये का बिल गहलोत सरकार ने योगी सरकार को भेजा है जिसके चलते यूपी सरकार ने प्रिंयका वाड्रा पर तंज़ कसा है।
    PB Desk    |    22 May 2020  |  04:19 PM

बीजेपी और कांग्रेस के बीच की पॉलिटिक्स खत्म होती नहीं दिख रही है।दरअसल, राजस्थान की कांग्रेस सरकार ने यूपी सरकार को 36.36 लाख रुपये का बिल यह कहकर थमा दिया है कि यह बिल कोटा से यूपी लाए गए बच्चों के लिए बसें उपलब्ध करवाने का है। इस बिल के पाते ही यूपी सरकार भड़क उठी। यूपी की योगी सरकार ने कांग्रेस सरकार की नीयत पर प्रश्नचिन्ह लगा लगते हुए कहा है कि एक तरफ कांग्रेस के नेता प्रवासी मजदूरों के लिए बस उपलब्ध कराने की बात कर रहे हैं जबकि दूसरी तरफ राजस्थान सरकार बिल भेज रही है। बता दें, प्रियंका गाँधी और योगी सरकार के बीच प्रवासी मजदूरों के लिए बस उपलब्ध करने को लेकर रस्साकसी चल रही है।

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Points
राजस्थान सरकार ने यूपी सरकार को 36.36 लाख रुपये का बिल भेजा
कोटा से यूपी वापस भेजने के लिए इस्तेमाल की गई बसों के किराये का है यह बिल
यूपी सरकार 19.76 लाख रुपये के डीजल का भुगतान पहले ही कर चुकी है

बिल का तुरंत भुगतान करे यूपी सरकार

रिपोर्टस् के मुताबिक यह बिल उन छात्रों के नाम से है जिन्हे राजस्थान परिवहन की बसों से कोटा से यूपी भेजा गया था और अब राजस्थान की गहलोत सरकार ने जल्द से जल्द इस बिल के भुगतान की बात कही है। कहा जा रहा है कि ये बिल 8 मई का है लेकिन मीडिया के सामने 22 मई को आया है।

क्या है पूरा मामला

दरअसल लॉकडाउन के चलते कोटा में फंसे छात्रों की घर वापसी के लिए यूपी सरकार ने राजस्थान सरकार की मदद की थी वहीं छात्रों की संख्या अधिक होने की वजह से राजस्थान सरकार ने अपनी कुछ बसों से छात्रों को यूपी स्थित उनके घरों में वापस भेजा था। ऐसे में यूपी सरकार का कहना है कि- “एक ओर कांग्रेस सरकार यूपी के प्रवासियों के लिए फ्री बसें देने का दम भरती है और दूसरी ओर उसकी ही पार्टी की सरकार यूपी लाए गये बच्चों का किराया मांगती है।”

राजस्थान सरकार का तर्क

राजस्थान के परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास का कहना है कि- “यूपी सरकार ने हमसे इमरज़ेंसी में बसें मांगते हुए उसका भुगतान करने की बात भी कही थी, जिसके चलते हमने अनुबंधित और निजी बसे तुरंत उपलब्ध करवायी थी।  अब हमारे लिए उनका भुगतान करना लाज़मी है जिसकी वजह से हमने यूपी सरकार को यह बिल भेजा है।“

संबित पत्रा का तंज

वहीं संवित पात्रा ने गहलोत सरकार पर तंज़ कसते हुए कहा है कि- “कोटा से उत्तर प्रदेश के छात्रों को वापस लाते समय UP की कुछ बसों को डीज़ल की आवश्यकता पड़ी थी। आधी रात को राजस्थान सरकार ने दफ्तर खुलवाकर यूपी सरकार से पहले 19 लाख रुपये लिए और फिर बसों को रवाना किया। ये कौन सी कांग्रेस की मदद है।

खबर के मुताविक , राजस्थान गई यूपी रोडवेज़ की बसों एवं राजस्थान सरकार की ओर से दी गई 70 बसों के लिए डीज़ल का भुगतान सरकार कर चुकी है। यह रकम 19.76 लाख रुपये का है। अब राजस्थान सरकार की ओर से 36.36 लाख रुपये के बसों के किराये के बिल का भुगतान करने की बात सही नहीं नहीं।

बता दें कि कोटा राजस्थान में तकरीबन 12,000 छात्र फंसे हुए थे, जिन्हे सकुशल घर पहुंचाने के लिए यूपी की योगी सरकार ने मुफ्त बसें चलाईं थीं।  करीब  560 बसें यूपी की तरफ से भेजी गईं थीं ,लेकिन बच्चों की संख्या अधिक होने की वजह से 70 बसों की मदद राजस्थान सरकार से  ली गई थी।

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