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भारत -चीन के बीच कोर कमांडर स्तर की वार्ता कल

भारत-चीन सीमा विवाद को सुलझाने के लिए मंगलवार को फिर से कोर कमांडर स्तर की वार्ता होगी। दोनों देशों के बीच तीसरे दौर की यह वार्ता भारतीय क्षेत्र में होनी तय हुई है। इससे पहले 22 जून को दूसरे दौर की वार्ता चीन के इलाके चुशूल के मोल्डो में आयोजित हुई थी।
    PB Desk    |    29 Jun 2020  |  08:15 PM

भारत और चीन के बीच 15-16 जून को हुई हिंसक झड़पों के बाद मंगलवार को दोनों देशों के बीच कोर कमांडर स्तर की वार्ता होने की खबर है।पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी  में भारतीय और चीनी सेना के बीच हुई इस झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे जबकि चीन को भी नुकसान हुआ था। दोनों देशों के बीच तीसरे दौर की इस स्तर की वार्ता इस बार भारतीय क्षेत्र में होगी। दोनों देशों को बीच 22 जून को हुई दूसरे दौर की बातचीत वास्तविक सीमा रेखा के करीब चीन के हिस्से वाले चुशूल के मोल्डो में आयोजित की गई थी।

Main
Points
भारत -चीन के बीच सैन्य स्तर फिर होगी वार्ता
दोनों देशों के बीच कोर कमांडर स्तर की होगी वार्ता
चुशूल के भारतीय इलाके में होगी वार्ता

पहली बैठक 6 जून को हुई थी

गौरतलब है कि 6 जून को पहली बैठक में, दोनों पक्ष कई स्थानों पर पीछे हटने के लिए सहमत हो गए थे और भारत ने चीन से LAC पर 4 मई से पहले की अपने सैन्य स्थिति  पर लौटने के लिए कहा था। सूत्रों के मुताबिक इस बार बातचीत वास्तविक नियंत्रण रेखा पर भारतीय क्षेत्र के चुशुल में होगी। इससे पहले की दोनों बैठकें चीन के चुशुल इलाके के मोल्डो में हुई थीं। सूत्रों ने यह भी बताया कि इस वार्ता का एजेंडा दोनों देशों द्वारा बनाए गए पीछे हटने के प्रस्तावों को आगे लेकर जाना है। सूत्रों ने कहा, "मौजूदा गतिरोध के दौरान सभी क्षेत्रों में स्थिति को स्थिर करने के लिए चर्चा की जाएगी। "

22 जून को दूसरी बैठक

22 जून को फिर वार्ता आयोजित की गई। भारतीय और चीनी सैन्य प्रतिनिधियों के बीच लगभग 11 घंटे तक बातचीत चली। सूत्रों ने जानकारी दी कि यह वार्ता सौहार्दपूर्ण, सकारात्मक और रचनात्मक माहौल में आयोजित की गई थी और इसमें पीछे हटने को लेकर आपसी सहमति बनी थी। भारतीय सेना ने बाद में कहा था कि पूर्वी लद्दाख में सभी टकराव वाले क्षेत्रों से होने वाले विस्थापन के तौर-तरीकों पर चर्चा की गई थी। इसके बाद चीन की गतिविधियां और आक्रामक होती गई। कई सीमाई इलाकों में चीन ने सेना और युद्धक हथियारों को तैनात किया। भारत ने भी इसका जबाब देने के लिए कई इलाकों में अपनी सेना को तैनात किया है।

15 जून की हिंसक घटना के बाद भी बैठकें हुई

15 जून को गलवान घाटी में पैट्रोलिंग पॉइंट 14 में हुई हिंसक झड़प के बाद जिसमें भारत के 20 जवान मारे गए थे ,लगातार तीन दिनों तक एक मेजर जनरल स्तर की बातचीत हुई। तीन दिन की ये वार्ता तनाव को कम करने और 10 भारतीय सैनिकों को रिहा करने के लिए की गई, जिसमें चार अधिकारी शामिल थे, जो कैद में थे।

Tags:
India   |  China   |  Commander   |  LAC   |  BorderDispute
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