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सेना से जुड़ी फिल्मे या वेब सीरीज के लिए एनओसी अनिवार्य

पिछले कुछ दिनों में सेना-सुरक्षा बलों से जुड़ी फिल्मों को लेकर अक्सर विवाद सामने आते रहे हैं। कई वेब सीरीज पर रक्षा मंत्रालय ने आपत्ति भी जताई है, लेकिन अब रक्षा मंत्रालय ने फिल्म निर्माता और निर्देशकों के लिए सेना से जुड़ी फिल्मे या वेब सीरीज बनाने के लिए एनओसी अनिवार्य कर दिया है।
    PB Desk    |    01 Aug 2020  |  09:15 PM

पहले फिल्म में सैनिकों की वर्दी पर गलत बैज या स्टार को दिखकर नजरअंदाज कर दिया जाता था, लेकिन पिछले कुछ समय से वेब सीरीज के कंटेंट पर नाराजगी जताई जा रही है।कई बार तो सेना की छवि खराब करने के भी आरोप लग चुके हैं।अब रक्षा मंत्रालय ने सेना-सुरक्षा बलों से जुड़ी फिल्म और वेब सीरीज बनाने से पहले एनओसी को अनिवार्य कर दिया है। हालिया वेब सीरीज में सुरक्षा बलों की छवि को तोड़-मरोड़ कर दिखाने से रक्षा मंत्रालय बेहद नाराज है। इस बाबत रक्षा मंत्रालय ने फिल्म सेंसर बोर्ड और सूचना और प्रसारण मंत्रालय को पत्र लिखकर आपत्ति जताई है।पत्र में रक्षा मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि किसी भी निर्माता-निर्देशक को सेना पर आधरित फिल्म, वेब-सीरिज या डॉक्यूमेंट्री बनाने या सैनिकों से जुड़ा किरदार दिखाने से पहले उसे रक्षा मंत्रालय से मंजूरी लेनी होगी।मंजूरी मिलने के बाद ही वह फिल्म, वेब-सीरिज या डॉक्यूमेंट्री बना सकता है।

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Points
सेना-सुरक्षा बलों को लेकर रक्षा मंत्रालय का फैसला
फिल्मे- वेब सीरीज बनाने से पहले एनओसी अनिवार्य
रक्षा मंत्रालय ने फिल्म सेंसर बोर्ड को लिखा खत

सेना की वर्दी से पहले एनओसी अनिवार्य

पहले फिल्म में सैनिकों की वर्दी पर गलत बैज या स्टार को नजरअंदाज कर दिया जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है, हालात विपरित हो गए हैं। रक्षा मंत्रालय के अंडर सेक्रेटरी  सुदर्शन कुमार ने मुंबई स्थित सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन के रीजनल-ऑफिसर को पत्र लिखकर बताया है कि किसी भी फिल्म या वेब-सीरिज को दर्शकों के सामने लाने से पहले रक्षा मंत्रालय से एनओसी लेना होगा। पत्र में इसका भी जिक्र किया गया है कि फिल्म सेंसर बोर्ड को यह भी ध्यान देना होगा कि फिल्म या वेब सीरीज में डिफेंस फोर्सेज़ की इमेज को खराब ना करें और ना ही उनकी भावनांओं को आहत करें।

इन वेब सीरीज पर हुआ था बवाल

गौरतलब है कि ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म ऑल्ट-बालाजी की वेब सीरिज 'ट्रिपल एक्स-अन‌सें‌सर्ड' में सेना से जुड़े आपत्तिजनक सीन दिखाए जाने के बाद रक्षा मंत्रालय एक्शन मोड में है।हालांकि इससे पहले भी कई बार आपत्ति जताई जा चुकी है, लेकिन इस बार मंत्रालय ने कड़े कदम उठाए हैं।ताकि डिफेंस फोर्सेज़ की इमेज को खराब न किया जाए।बताया जा रहा है कि वेब सीरीज में दिखाए गए सीन हकीकत से कोसों दूर हैं।इतना ही नहीं आरोप है कि वेब सीरीज में मिलिट्री यूनिफॉर्म को अपमानजनक तरीके से पेश किया गया। इस सीरीज को लेकर काफी बवाल भी हुआ। सैनिकों ने इसका विरोध जताया है।वहीं पूर्व फौजियों के संगठनों ने तो ऑल्ट बालाजी के खिलाफ एफआईआर तक दर्ज कराई थी।लिहाज विवाद बढ़ता देख एकता कपूर आगे आना पड़ा और सार्वजनिक रूप से मांफी मांगनी पड़ी।इसके अलावा वेब सीरीज के आपत्तिजनक सीन को प्लेटफॉर्म से हटाना पड़ा था।

कई शिकायतों के बाद उठाया कदम

इससे पहले भी रक्षा मंत्रालय को निर्माता-निर्देशकों के खिलाफ शिकायते मिलती रही हैं। इसके बाद अब रक्षा मंत्रालय ने एनओसी को अनिवार्य बना दिया है।सूत्रों की माने तो  'कोड एम' नाम की वेब सीरीज को लेकर भी काफी नाराजगी जताई गई थी।इस वेब सीरीज में भी सेना और सैनिकों की गलत तस्वीर दर्शकों के सामने पेश की गई। जिसके मद्देनजर  रक्षा मंत्रालय ने सेंसर बोर्ड, सूचना और प्रसारण मंत्रालय‌, और इंफोर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी मंत्रालय को पत्र लिखकर सभी प्रोडेक्शन-हाउसेज़ को किसी भी फिल्म,वेब सीरिज और डॉक्यूमेंट्री के प्रदर्शन करने से पहले एनओसी लेना अनिवार्य कर दिया है।

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