Search Lok Sabha MPs Performance Click here
parliament
CURRENT SESSION
v/s PREVIOUS SESSION
Search Lok Sabha MPs Performance   Click here
अमेरिका में बच सकती थी हजारों जिंदगियां कोलंबिया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने माना है कि यदि अमेरिका में लॉक डाउन एक या दो हफ्ते पहले कर दिया गया होता तो 36 हजार लोगों की जानें बचाई जा सकती थी।
    Manmeet Singh    |    22 May 2020  |  05:13 PM

संयुक्त राज्य अमेरिका कोविड-19 से अत्यधिक प्रभावित हैं। वर्तमान आंकड़ों के मुताबिक अमेरिका में अभी तक कोविड-19 से संक्रमितों की संख्या 16 लाख  पार कर चुकी है वहीं 95000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। लेकिन अब अमेरिका में सवाल उठ रहे हैं कि  लेकिन क्या कोविड-19 से हुई मौतों में कुछ कमी आ सकती थी? यकीनन हां, कोलंबिया विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं का तो कुछ ऐसा ही कहना है। अमेरिका ने लॉक डाउन करने में देरी की। अमेरिका में जब लॉकडाउन लागू किया गया तब तक काफी देर हो चुकी थी। यदि यह एक हफ्ते पहले कर दिया गया होता तो 36000 जानें बचाई जा सकती थी। अमेरिकी अखबार न्यूयॉर्क टाइम्स ने शोध के हवाले से लिखा कि यदि लॉक डाउन 1 मार्च को यानि 2 हफ्ते पहले कर दिया गया होता और लोगों को सामाजिक दूरी का पालन करने के लिए कहा गया होता तो तकरीबन 83 फीसदी मौतों को टाला जा सकता था। इस सूरत में मई के शुरुआती हफ्तों तक केवल 56000  लोगों की ही  मौत होती।

Main
Points
यदि अमेरिका में लॉक डाउन एक हफ्ते पहले होता तो बच सकती थी 36000 जिंदगियां
कोलंबिया विश्वविद्यालय द्वारा किए गए शोध में सामने आई बात

देर कर दी मेहरबान

कहते हैं समय बेहद कीमती होता है। जो समय को बर्बाद करता है समय उसे बर्बाद करता है। अमेरिका की वर्तमान हालत देखकर कुछ ऐसा ही लग रहा है। अर्थव्यवस्था को बचाने की चाहत में वहां हजारों जिंदगियां मौत की भेंट चढ़ गई। शोधकर्ताओं का कहना है कि ऐसी नाजुक परिस्थिति में समय की छोटी से छोटी अवधि भी बेहद महत्वपूर्ण है। इससे स्थिति में बड़ा अंतर देखने को मिल सकता था। कोलंबिया यूनिवर्सिटी द्वारा किया गया यह शोध संक्रामक रोग मॉडलिंग पर आधारित हैं जो यह अनुमान लगाता हैं कि मार्च के मध्य में शुरू होने वाले लोगों के बीच वायरस का संचरण धीमा कैसे हुआ। डॉ शमन की टीम ने अनुमान लगाया कि यदि वही परिवर्तन एक या दो सप्ताह पहले हुए होते और 3 मई तक संक्रमण और मौतों के प्रसार की क्या स्थिति होती।

शोध में यह भी बताया गया कि मार्च के महीने में पाबंदी लगाने के लिए अधिकारियों द्वारा किये गये एक-एक दिन के इंतजार के कारण ही हमें भारी कीमत चुकानी पड़ी है। अकेले न्यूयॉर्क मेट्रो क्षेत्र में ही 3 मई तक 21800 लोगों की मौत हो गई और यदि एहतियातन कदम पहले ही उठाए जाते तो यह आंकड़ा 4300 तक सिमट जाता।

हालांकि यह तो सिर्फ कुछ संख्या और तथ्यों के आधार पर पेश किया गया मॉडल है जिससे मौत की सटीक संख्या बता पाना असंभव है लेकिन एक बात तो साफ है कि यदि एहतियातन कदम और पहले उठाए गए होते तो आज तस्वीर कुछ और होती और जितना नुकसान हुआ है उसमें भी भारी कमी आ सकती थी।

   

Keywords:
#Covid19   |  #USA   |  #ColumbiaUniversity
और ख़बरें पढ़ने के लिए

SEARCH YOUR MP

Or

Selected MP