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14 अप्रैल के बाद भी जारी रहेगा लॉकडाउन? जानिए क्या है हकीकत!


Alisha
Alisha | 01 Apr, 2020 | 8:06 pm

क्या 21 दिनों के बाद भी लॉकडाउन के चलते घरों में रहना होगा? क्या सरकार इसलिए तीन महीना के लिए राहत पैकेज देने का ऐलान कर रही है क्योंकि 14 अप्रैल के बाद भी लॉकडाउन जारी रहेगा? इन सब सवालों और उनसे जुड़ी अफवाहों पर सरकार की तरफ से बयान आ गया है। सरकार की तरफ से साफ किया गया है कि फिलहाल सरकार ने लॉकडाउन बढ़ाने का कोई फैसला नहीं किया है।

Main
Points
लॉकडाउन की अवधि बढ़ने की फैली अफ़वाह
कैबिनेट सेकेट्री ने ख़ारिज की लॉकडाउन बढ़ाने की बात
अफवाह का मुख्य कारण सरकार की तरफ जारी तीन महीने की राहत
कोरोना वायरस को रोकने के लिए 21 दिनों का लॉकडाउन था ज़रूरी

सरकार ने किया इंकार- ‘लॉकडाउन अवधि आगे बढ़ने की बात सिर्फ़ अफ़वाह’

लॉकडाउन की अवधि आगे बढ़ने को लेकर जारी अफ़वाहों पर लगाम लगाते हुए कैबिनेट सेक्रेटरी राजीव गौबा ने साफ़ किया की सरकार कीलॉकडाउन बढ़ाने की योजना नहीं है। उन्होंने कहा- ‘मैं लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने की रिपोर्ट देखकर चौंक रहा हूँ, सरकार की लॉकडाउन आगे बढ़ाने की ऐसी कोई योजना नहीं है’। इस बारे में सूचना मंत्रालय के पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) ने भी ट्वीट कर बताया की कैबिनेट सचिवगौबा ने मीडिया में आ रही इन बातों का खंडन किया।

लॉकडाउन को बढ़ने को लेकर कई अफवाहें, पर सरकार ने किया ख़ारिज

भारत में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के साथ-साथ अफवाहों का बढ़ना भी लगातार जारी है। दुनिया भर को हिलाने वाला ये वायरस आखिरकब तक ख़त्म होगा और कब ख़त्म होगी उससे जुडी अफवाहें। देशभर में 25 मार्च से लेकर 14 अप्रैल तक के लिए 21 दिनों का लॉकडाउन घोषित है। लेकिन तमाम अफ़वाहों के साथ-साथ लॉकडाउन को लेकर भी देश में कई तरह की बातें हों रही हैं। लोगों के मन में सवाल हैं कि क्यालॉकडाउन का समय आगे बढ़ाया जायेगा? तमाम लोग इस बात को सोच कर परेशान भी हैं। सबसे ज़्यादा मार पड़ रही है ग़रीबों-मज़दूरों पर, जिनको हो रही परेशानी को नाकारा नहीं जा सकता।

क्यों और कैसे फैली अफ़वाह

इस अफ़वाह के फैलने का कारण ये भी बताया जा रहा है, कि बीते दिनों में केंद्र और कुछ राज्य सरकारों की तरफ से जो राहत पैकेज के ऐलान किएगए, वो सभी आने वाले तीन महीनों तक के लिए घोषित किए गये। इसी वजह से लोगों के मन में ये शंकाएं पैदा होने लगीं कि लॉकडाउन की अवधी आगे बढ़ा दी जायेगी। बीते दिनों कोरोना के प्रकोप को देखते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 लाख 70 हज़ार करोड़ के राहत पैकेज का ऐलान किया है। जिसके तहत उज्जवल योजना के अंतर्गत आने वाली 8 करोड़ महिलों को लाभ मिलेगा, जिसमें अगले तीन महीनों तक मुफ़्तसिलिंडर दिए जायेंगे। साथ ही आने वाले तीन महीनों तक सरकार EPF में भी योगदान देगी। वही दूसरी तरफ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्दकेजरीवाल ने भी अगले तीन महीने तक गरीबों को मुफ़्त राशन देने की बात कही। वहीं यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी मनरेगा श्रमिकों समेत ग़रीब-मज़दूरों, विधवाओं और बुजुर्गों को पेंशन समेत आगामी 3 महीनों के लिए तमाम राहत देने का ऐलान किया है। इसके साथ ही RBI ने भी बैकों को ग्राहकों की EMI में तीन महीने तक राहत देने की सलाह दी गई। कहा जा रहा है कि कही न कहीं इन्हीं बातों को आधार बनाते हुए आमजनता के दिमाग में अलग-अलग तरह के सवाल पैदा हुए, जिन्होंने लॉकडाउन की अवधी आगे बढ़ाने की बातों को भी जन्म दिया।

लॉकडाउन बढ़ भी सकता है?

हालांकि इस सवाल के पीछे का भी तर्क सामने आ रहा है। कोरोना वायरस के प्रकोप से भारत समेत पूरी दुनिया तबाह है। दुनिया के तमाम विकसित देशों की तुलना में भारत में अभी भी स्थिति संभली हुई है। भारत ‘कम्यूनिटी ट्रांस्मिशन’ की तरफ बढ़ रहा है, सरकार, मीडिया, देश की तमाम ऐजेंसियां लगातार लोगों से ‘कम्यूनिटी डिस्टैंसिंग” करने के लिए जागरुकता पैदा कर रही हैं। लेकिन अगर 21 दिनों के बाद देश के हालात पर काबू नहीं पाया जाता है और कोरोना वायरस के संक्रमित बढ़ते हैं तो इसकी अवधि और भी बढ़ाई जा सकती है।

आख़िर क्यों किया गया लॉकडाउन?

देश में कोरोना वायरस के मामले दिन-बा-दिन बढ़ते जा रहें है। इन मामलों को बढ़ता देख प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 दिनों के लॉकडाउन का ऐलानकिया था। उन्होंने ये भी बोला- 'अगर ये लॉकडाउन नहीं किया तो हमारा देश 21 साल पीछे चला जायेगा'। दरअसल देश में इस महामारी को तीसरे चरण, जिसे ‘कम्यूनिटी ट्रांस्मिशन’ कहा जाता है, इस चरण में जाने से रोकने के लिए ज़रूरी लॉकडाउन ही एकमात्र रास्ता था। विशेषज्ञों के भीमुताबिक लॉकडाउन का फ़ैसला बहुत सोच समझकर और एनालिसिस के बाद लिया गया है, ताकि वायरस को फैलने से रोका जा सके औरअर्थव्यवस्था पर भी इसका कम से कम प्रभाव पड़े। विशेषज्ञ का ये भी कहना है की लॉकडाउन का मुख्य उद्देश्य अगले 21 दिनों के अंदर वायरस कोफैलने से रोकना है, और ऐसे मरीज़ो की पहचान करना है, जो पहले से संक्रमित हैं। साफ है लॉकडाउन को सफ़ल बनाकर ही भारत में इस महामारी को तीसरे चरण यानि कम्युनिटी ट्रांसमिशन में जाने से रोका जा सकता है।

Tags:
Corona Virus   |  community transmission   |  analysis   |  rumor   |  economy

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