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6 साल में बैंक ऑफ़ बड़ौदा की एनपीए 73 हजार करोड़ के पार


PB Desk
PB Desk | 04 May, 2020 | 6:23 pm

देश की अर्थव्यवस्था की हालत तो पहले से ही ख़राब चल रही थी ,करोना संकट ने तो देश की आर्थिक कमर ही तोड़ दी है। इधर करोना संकट के बीच ही बैंक से जुडी एक बड़ी खबर मिल रही है। जानकारी के मुताविक बैंक ऑफ बड़ौदा की गैर-निष्पादित संपत्ति यानी एनपीए पिछले छह साल में छह गुना से अधिक बढ़कर 73, 140 करोड़ रुपये हो गई है।इसी दौरान इंडियन बैंक का एनपीए चार गुना बढ़कर 35, 561.26 करोड़ रुपये हो गया है।  सूचना का अधिकार कानून के तहत दायर एक आवेदन के जवाब में यह जानकारी मिली है। कोटा निवासी सुजीत स्वामी के आवेदन पर मिले जवाब के अनुसार, बैंक ऑफ बड़ौदा का एनपीए मार्च 2014 के अंत में 11,876 करोड़ रुपये से था, जो दिसंबर 2019 के अंत में बढ़कर 73,140 करोड़ रुपये हो गया है।  इस दौरान इसके एनपीए खातों की संख्या 2,08,035 से बढ़कर 6,17,306 हो गयी है।

Main
Points
बैंक ऑफ बड़ौदा का एनपीए बढ़कर हुआ 73, 140 करोड़
RTI के तहत मिली जानकारी
बैंक ऑफ बड़ौदा ने एसएमएस अलर्ट शुल्क 107.7 करोड़ रुपये एकत्र किये

उधर ,इंडियन बैंक का एनपीए 31 मार्च 2014 को 8,068.05 करोड़ रुपये था, जो बढ़कर 31 मार्च 2020 तक 32,561.26 करोड़ रुपये हो गया। इस दौरान एनपीए खातों की संख्या 2,48,921 से बढ़कर 5,64,816 पर पहुंच गयी।  आरटीआई से यह भी पता चला है कि बैंकों ने एसएमएस अलर्ट सेवा शुल्क, न्यूनतम शेष शुल्क, लॉकर शुल्क, डेबिट-क्रेडिट कार्ड सेवा शुल्क, खाता बही के प्रभार से बड़ी राशि अर्जित की है।

जानकारी के मुताविक बैंक ऑफ बड़ौदा ने एक अप्रैल 2018 से 29 फरवरी 2020 के दौरान एसएमएस अलर्ट शुल्क के माध्यम से 107.7 करोड़ रुपये एकत्र किय। . इसी अवधि के दौरान इंडियन बैंक ने एसएमएस सेवा शुल्क के माध्यम से लगभग 21 करोड़ रुपये एकत्र किये।

Tags:
Covid-19   |  Lockdown   |  Bank of Baroda   |  NPA   |  Ind   |  economy

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