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कांग्रेसी नेताओं की लड़ाई ट्विटर पर छाई

कांग्रेस के नेतृत्व में बदलाव की मांग अब खुलकर सबके सामने आ गई है। कांग्रेसी नेताओं के लेटर बम की आंच सीडब्ल्यूसी की बैठक में भी देखी गई। मीटिंग के दौरान गांधी परिवार ने उन नेताओं पर जमकर निशाना साधा। इसके बाद अब ये मसला ट्विटर पर छाया हुआ है।

PB Desk
PB Desk | 25 Aug, 2020 | 1:48 pm

कांग्रेस के इतिहास में जो कभी नहीं हुआ, वो अब खुलकर सामने आने लगा है। पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की कमान को लेकर कांग्रेसी नेताओं में आरपार की जंग छिड़ गई है। वहीं कांग्रेसी नेताओं के ‘लेटर बम’ ने बवाल मचा दिया है। इसका गहरा असर कार्यसमिति की बैठक में देखा गया। गांधी परिवार ने लेटर भेजने वाले नेताओं को आड़े हाथों लेते हुए जमकर निशाना साधा। राहुल गांधी ने तो उन नेताओं के भाजपा से मिलीभगत का आरोप लगाया। राहुल के इस आरोप ने माहौल को और गरमाने का काम किया और ये मसला कार्यसमिति की बैठक से ट्विटर पर आ गया। अब कांग्रेसी नेता ट्विटर पर आपस में भिड़े हुए हैं। मंगलवार को सिब्बल ने ऐसा ट्वीट किया है जिससे कि अटकलें लगनी शुरू हो गई हैं। उधर, पार्टी से निलंबित नेता संजय झा ने इसे अंत की शुरुआत बताया है।

Main
Points
कांग्रेसी नेताओं में बयानबाजी जारी
कार्यसमिति की बैठक में साधा था निशाना
कांग्रेस के नेतृत्व में बदलाव की मांग तेज

राहुल गांधी के खिलाफ बोले सिब्बल

कांग्रेस के दिग्गज नेता कपिल सिब्बल ने मंगलवार को ट्वीट किया, जिसपर अटकले लगनी शुरू हो गईं। सिब्बल ने ट्वीट कर लिखा, ‘यह एक पद के बारे में नहीं है। यह मेरे देश के बारे में हैं जो सबसे ज्यादा मायने रखता है।’ इससे पहले कपिल सिब्बल ने ट्वीट कर राहुल गांधी के आरोपों पर पलटवार किया था। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट कर लिखा, ‘राहुल गांधी कह रहे हैं हम भारतीय जनता पार्टी से मिले हुए हैं। मैंने राजस्थान हाईकोर्ट में कांग्रेस पार्टी का सही पक्ष रखा, मणिपुर में पार्टी को बचाया। पिछले 30 साल में ऐसा कोई बयान नहीं दिया जो किसी भी मसले पर भारतीय जनता पार्टी को फायदा पहुंचाए। फिर भी कहा जा रहा है कि हम भारतीय जनता पार्टी के साथ हैं।’

सिब्बल ने हटाया ट्वीट

हालांकि ट्वीट के कुछ देर बाद कपिल सिब्बल ने अपना ट्वीट हटा दिया। इसके साथ ही उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा, ’राहुल गांधी ने खुद उन्हें बताया कि उन्होंने ऐसे शब्द का इस्तेमाल नहीं किया है। ऐसे में मैं अपना पुराना ट्वीट हटा रहा हूं।’ उधर, कार्यसमिति की बैठक के बाद पार्टी से निलंबित नेता संजय झा ने भी ट्वीट कर पार्टी पर निशाना साधा। संजय झा ने ट्वीट कर लिखा,’ प्रिय राहुल जी, अगर हम लोग भाजपा के साथ जुड़े हैं, तो बोरिस जॉनसन एक फेयरनस की क्रीम हैं।’ इतना ही नहीं संजय झा ने ये भी लिखा, ’यह तो अंत की शुरुआत है।’

रणदीप सुरजेवाला का पलटवार

ट्विटर पर छिड़ी इस जंग में कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला राहुल गांधी के बचाव में कूदे। उन्होंने सिब्बल पर पलटवार करते हुए लिखा, ’राहुल गांधी ने इस तरह के किसी शब्द का कोई इस्तेमाल नहीं किया है, ऐसे में किसी तरह की अफवाह में ना आएं, लेकिन हमें मोदी सरकार के खिलाफ एक साथ लड़ना होगा।’

गुलाम नबी आजाद ने की इस्तीफा देने की पेशकश

उधर राहुल गांधी के आरोपों के बाद कांग्रेस के दिग्गज नेता गुलाम नबी आजाद ने भी इस्तीफा देने की पेशकश की। उन्होंने कहा, ’अगर ऐसा होता है तो इस्तीफा दे देंगे, चिट्ठी लिखने का फैसला सिर्फ कार्यसमिति का रहा।’ दरअसल, कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने सोनिया गांधी को पत्र लिखकर पार्टी के नेतृत्व में बदलाव की मांग की थी। पत्र देने वाले नेताओं में गुलाम नबी आजाद और कपिल सिब्बल भी शामिल थे। ऐसे में राहुल गांधी ने कार्यसमिति के बैठक में चिट्ठी भेजने वाले नेताओं के भाजपा से मिलीभगत का आरोप लगाया। वहीं प्रियंका गांधी ने भी इन नेताओं पर सवाल उठाए। जिससे कांग्रेस के दिग्गज नेता राहुल गांधी के विरोध में उतर आए।

कुमार विश्वास ने ली चुटकी

वहीं कांग्रेस के अंदरूनी कलह पर मचे घमासान से दूर कुमार विश्वास भी नहीं रह पाए। उन्होंने अपने अंदाज में चुटकी लेते हुए एक ट्वीट किया। कुमार विश्वास ने ट्वीट कर लिखा, ’दिखे यो ना सुधरैं! अर फेर कहंगे ‘लोकतन्तर ख़तरे में पड़गा'! मका भाई पैले तम तो ल्याओ लोकतंतर अपनी पारटी मै।’ यानी लगता है ये नहीं सुधरेंगे और फिर कहेंगे कि लोकतंत्र खतरे में पड़ गया, पहले अपनी पार्टी में लोकतंत्र को लाएं।

Tags:
Congress   |  Twitter   |  Kapil Sibbal   |  Gulab NabiAzad

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