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कोरोना से लड़ने के लिए भीलवाड़ा मॉडल क्यों न हो लागू! जानिए क्या है फार्मूला!


Manmeet Singh
Manmeet Singh | 08 Apr, 2020 | 12:31 pm

राजस्थान का भीलवाड़ा शहर इस वक्त चर्चा का विषय बना हुआ है। इसकी बड़ी वजह प्रशासन से अपनाया गया मॉडल है जिस की प्रशंसा केंद्र सरकार ने भी की और इसे देश भर में लागू करने पर विचार किया जा रहा है।

Main
Points
भीलवाड़ा मॉडल की केंद्र ने की तारीफ
कोरोना संक्रमण का एक हफ्ते में मात्र 1 मामला
प्रशासन सख्त, घर-घर जाकर की स्क्रीनिंग
होटल, रिसोर्ट, धर्मशालाओं को बनाया क्वारंटाइन केंद्र

क्या हुआ था भीलवाड़ा में!

19 मार्च को भीलवाड़ा में कोरोना संक्रमण का पहला मामला सामने आया था।  30 मार्च तक मामलों की कुल संख्या बढ़कर 26 हो गई और इस क्रम में 26 मार्च को पहली मौत भी हुई थी। इतनी तेजी से पैर पसार रहे कोरोना के चलते भीलवाड़ा जिला कोरोना वायरस का हॉटस्पॉट बन गया था। एक पल के लिए तो ऐसा प्रतीत हुआ मानो कहीं यह ज़िला इटली की शक्ल न  अख्तियार कर ले।

लेकिन वक्त रहते प्रशासन की दिखाई गई सख्ती और तत्परता के चलते कोरोना का प्रसार सिमट गया। अब आलम ये है कि पिछले 1 हफ्ते में भीलवाड़ा में करोना संक्रमण मात्र एक मामला सामने आया है।

क्या है भीलवाड़ा मॉडल?

कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए  भीलवाड़ा प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों को ही भीलवाड़ा मॉडल कहते हैं।

सीमा हुई सील

कोरोना के प्रसार को रोकने के लिए प्रशासन ने सबसे पहले शहर में कर्फ्यू लगाकर जगह-जगह चेक पोस्ट बनाकर जिले की सीमा सील कर  सुनिश्चित किया  कि लॉकडाउन का पालन सख्ती से हो और जनता अपने घर से बाहर न निकले । मीडियाकर्मी ,जनप्रतिनिधि ,स्वयं सहायता समूह और अन्य गैर-सरकारी संगठन के प्रतिनिधियों के जाने पर भी शहर में रोक लगा दी गई। जरूरी सेवाएं जैसे दवाइयां, दूध, फल ,सब्जी खाद्य पदार्थ की दुकानों को भी तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया गया लेकिन प्रशासन ने  जरूरत की सभी वस्तुओं को घर-घर उपलब्ध कराया।

सघन जांच

कोरोना  संक्रमण की शुरुआत जिस निजी अस्पताल से हुई थी उसके आसपास के 1 किलोमीटर इलाके को सील कर दिया गया और संक्रमित डॉक्टर सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को फौरन क्वॉरेंटाइन कर दिया गया। 15 हजार से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों ने  18 लाख से ज्यादा लोगों की घर-घर जाकर जांच की और संदिग्ध की पहचान कर  उन्हें क्वॉरेंटाइन किया गया। संक्रमित लोगों का पता लगाने के लिए GIS  तकनीक की भी मदद ली गई।

सरकार का अधिग्रहण

ज़िले में मौजूद पांच सितारा होटल, 3 सितारा होटल, रिजॉर्ट, निजी अस्पताल व अन्य धर्मशालाओं का सरकार ने फौरन अधिग्रहण कर उन्हें क्वॉरेंटाइन सेंटर में बदल दिया। इसमें जनता का भी भरपूर सहयोग देखने को मिला। उस निजी अस्पताल से जांच कराकर राज्य के विभिन्न जिलों में गए लोगों की प्रशासन ने एक-एक कर पहचान की और उन्हें क्वॉरेंटाइन किया।

भीलवाड़ा के सांसद ने क्या कहा!

भीलवाड़ा से भाजपा सांसद सुभाष चंद्र बहेरिया ने कहा- "जिला प्रशासन पुलिस एवं स्वास्थ्य कर्मियों ने जबरदस्त काम किया है। यह वाकई काबिले तारीफ है। इसमें गैर सरकारी संगठनों का भी पूरा सहयोग मिला है। गाँव के लोगों को शहर लाकर  क्वॉरेंटाइन किया गया। जनता का भी पूर्ण साथ मिला है और कहीं से कोई दुर्व्यवहार की सूचना नहीं मिली है।"

अब तक सामने आए 27 कोरोना संक्रमण के मामलों में से 17 लोगों का सफल इलाज किया जा चुका है और 13 को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है।

Tags:
hilwada   |  Corona   |  rajasthan   |  curfew

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