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Parliamentary Business Team
Parliamentary Business Team | 18 Mar, 2020 | 12:00 am

कहने को तो भारत दुनिया की  पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। 1991 से अब तक भारत की जीडीपी 10 गुणा बढ़ चुकी है।  लेकिन आज भी विश्व में कुल कुपोषित बच्चों की एक-तिहाई आबादी भारत में रहती है। संयुक्त राष्ट्र का कहना है कि भारत में हर साल कुपोषण के कारण मरने वाले पांच साल से कम उम्र वाले बच्चों की संख्या दस लाख से भी ज्यादा है। यह समस्या हमारे देश की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है। लोकसभा में बजट सत्र के 17 वे दिन प्रश्नकाल के दौरान जयनगर से सांसद प्रतिमा मंडल के कुपोषण से जुड़े सवाल का जवाब देते हुए केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने इस समस्या से निपटने के लिए सरकार द्वारा किये जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। अपने जवाब में उन्होंने सदन को सरकार द्वारा चलाये जा रहे पोषण अभियान की जानकारी देते हुए पोषण पखवाड़े का जिक्र किया और सदन में मौजूद सारे सांसदों और राज्य सरकारों से सरकार की इस महात्वकांक्षी योजना को  सफल बनाने में सहयोग करने का आह्वान किया।

Main
Points
पूरे देश में मनाया जा रहा है पोषण पखवाड़ा
विश्व में कुल कुपोषित बच्चों की एक-तिहाई आबादी भारत में रहती है

क्या है पोषण पखवाड़ा?

महिला और बाल विकास मंत्रालय देश भर में 8 से 22 मार्च, 2020 तक ‘पोषण पखवाड़ा’ मना रहा है। इसकी शुरुआत 8 मार्च, 2020 को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर हुई और यह इसकी दुसरी वर्षगांठ है। 8 मार्च, 2019 को पोषण अभियान की पहली वर्षगाँठ के मद्देनजर पहली बार देश भर में इस पोषण पखवाड़े का आयोजन किया गया था।इसकी गतिविधियों के समन्‍वय के लिये महिला और बाल विकास मंत्रालय नोडल मंत्रालय का कार्य करता है, इसी तरह राज्‍य/केंद्रशासित प्रदेशों के महिला और बाल विकास विभाग/समाज कल्‍याण विभाग नोडल विभाग होता है।

प्रमुख गतिविधियाँ

इन गतिविधियों में पोषण मेला, सभी स्‍तरों पर पोषाहार रैली, प्रभात फेरी, स्‍कूलों में पोषाहार विषय पर सत्र का आयोजन, स्‍वयं सहायता समूहों की बैठकें शामिल होती है। इसके अलावा आशा/आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा नवजात शिशुओं के घर जाकर पोषण के लिये जागरूकता फैलाना एवं ग्रामीण स्‍वास्‍थ्‍य, स्‍वच्‍छता तथा पोषाहार दिवस मनाना भी शामिल होता है।इस पखवाड़े के दौरान मास मीडिया तथा सोशल मीडिया के माध्‍यम से गतिविधियाँ भी चलाई जाती है। लोगों की अधिकतम पहुँच के लिये मीडिया सहयोगियों तथा स्‍वस्‍थ भारत प्रेरकों के दलों के माध्‍यम से एक सोशल मीडिया अभियान हैशटैग #पोषण_पखवाड़ा चलाया जाता है।

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