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लोकसभा ने दिखाई तेजी, एक दिन में पास हुए तीन बिल


Parliamentary Business Team
Parliamentary Business Team | 18 Mar, 2020 | 12:00 am

आज लोकसभा की कार्यवाही का 19वां दिन था। आज सदन ने हल्के-फुल्के हंगामे के बीच अपने ज़्यादातर प्रस्तावित कार्य पूरे किये। एक तरफ जहाँ सम्बंधित मंत्रियो द्वारा विधेयक पेश किये गए, वहीं दूसरी तरफ इन विधेयकों पर चर्चा भी हुई। प्रश्न काल के दौरान पेट्रोल के बढ़े दाम, ओलावृष्टि से किसानों को हुए नुकसान सहित तमाम मुद्दे उठाये गए। लोकसभा में आज भी लंच के समय पर कार्यवाही ही चलती रही आज लगातार चोथे दिन निचले सदन की प्रोडक्टिविटी 100 प्रतिशत से उपर रही। आज की प्रोडक्टिविटी 148 प्रतिशत रही।

Main
Points
लोकसभा की प्रोडक्टिविटी 148 प्रतिशत रही।
लोकसभ से The Companies (Amendment) Bill, 2020 हुआ पास
पश्चिम बंगाल से 10 लाख लोगों ने किसान सम्मान निधि के लिए पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया

गर्माया प्रश्नकाल

लोकसभा में प्रश्न काल के दौरान किसान सम्मान निधि को लेकर केन्द्र सरकार और पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस के सांसदों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। केन्द्र सरकार का आरोप था कि किसान सम्मान निधि से देश भर के किसानों को मिलने वाले 6 हज़ार रुपए के लिए पश्चिम बंगाल सरकार ने किसानों के आँकड़े नहीं भेजे जबकि तृणमूल कांग्रेस के सांसदों का कहना था कि केन्द्र सरकार की अपेक्षा राज्य सरकार ने किसानों के लिए बेहतर स्कीम बनाई हुई है।

बिहार से जदयू सांसद दुलाल चन्द्र गोस्वामी ने पश्चिम बंगाल के किसानों को किसान सम्मान निधि न मिलने की बात कहकर विवाद पैदा कर दिया,  जिस पर केन्द्र सरकार की तरफ़ से केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की तरफ़ से किसानों का डाटा अभी तक केन्द्र सरकार के पास नहीं आया है। हालाँकि सरकार ने सदन में कहा कि पश्चिम बंगाल से 10 लाख लोगों ने योजना के पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया है जिसको सत्यापित करने के लिए राज्य सरकार को भेजा गया है। सत्यापित होते ही किसानों के खातों में पैसा आ जाएगा।

विधायी कार्य

विधायी कार्य के अंतर्गत आज राज्य वित्त मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने The Companies (Amendment) Bill,  2020  लोकसभा में पेश किया  जिसका विपक्षी सांसदों ने विरोध किया। इस बिल के विरोध में बोलते हुए बीजेडी के सांसद भृतहरि महताब ने प्रस्तावित संशोधनो पर ऐतराज़ जताया।

लोक सभा के दूसरे चरण में पहले ही दिन से लंबित अतिमहत्वपूर्ण The Aircraft (Amendment) Bill, 2020 आज अंततः पेश हुआ। लोकसभा में लंबी चली चर्चा के बाद इसे पारित कर दिया गया। इस बिल पर चर्चा में नागरिक उद्दायन मंत्री हरदीप सिंह पुरी स्वयं मौजूद रहे। विपक्ष द्वारा जताये गए आपत्तियों पर उन्होंने जवाब भी दिया। इस चर्चा के बाद एयरक्राफ्ट एक्ट 1934 में प्रस्तावित संशोधनों को लोकसभा ने अपनी मंजूरी दे दी।

सबसे आखिर में The Medical Termination of Pregnancy (Amendment) Bill, 2020 को केंद्रीय मंत्री डॉ हर्ष वर्धन ने लोक सभा में पेश किया। इस बिल पर चर्चा में महिला सांसदों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। कांग्रेस सांसद एस. ज्योतिमनी, बीजेपी सांसद संगीता कुमारी सिंह, पश्चिम बंगाल से सांसद काकोली घोष और गौतम सिगनोनी ने इस विधेयक का समर्थन किया।

आकड़ों के आधार पर आकलन

आज लोकसभा में 293 सांसदों ने 356 सवाल पूछे। पहली बार संसद में चुन कर आए जन प्रतिनिधियों में मात्र 57 प्रतिशत ने सवाल पूछा। इनसे बेहतर प्रदर्शन दूसरी (64%), तीसरी (66%) और चौथी (64%) बार चुन कर आए जन प्रतिनिधियों का रहा।

जब बात युवा नेता की होती है तो हमारे मन में ऊर्जा से भरपूर नेता की छवि उभरती है पर संसद में सवाल पूछने के जो आकड़े आए है वह बिल्कुल ही अलग तस्वीर बयान कर रहे है। निचले सदन में 25-40 के उम्र के 55 संसद है जिनमें सवाल सिर्फ 31 सांसदों ने किया। यह आकड़े बिल्कुल भी उत्साहित नहीं करते।

राज्यों के मामले में आकड़े लगभग एक से है। जो आकड़ा बजट सत्र के पहले दिन था वही आज भी है। कुछ एक राज्यों के प्रदर्शन में सुधार के अलावा ऐसा कुछ ख़ास बदलाव देखने को नहीं मिला।  महाराष्ट्र के सांसदों में थोड़ी कमी जरूर आई लेकिन फिर भी वह बड़े राज्यों में सबसे आगे रहें है। महाराष्ट्र के 85 प्रतिशत सांसदों ने सवाल पूछे। असम (38%) से आने वाले सांसदों के प्रदर्शन में गिरावट नजर आई। वहीं दिल्ली (83%) और झारखण्ड (77%) के सांसदों के प्रदर्शन में अप्रत्याशित बदलाव देखने को मिला। मध्य प्रदेश(38%), पंजाब (27%) और उत्तर प्रदेश (43%) के सांसदों के सवाल पूछने के रवैये में कोई भी बदलाव नहीं आया। बड़े राज्यों के बीच इनका प्रदर्शन सबसे खराब रहा।

दलों के आधार पर देखें तो जहां एनसीपी, एआईडीएमके, एआईएमआईएम और टीडीपी के सभी सांसदों ने सवाल पूछ कर मंत्रालयों से अपने समस्याओं का समाधान माँगा। वहीं आम आदमी पार्टी,  जनता दल (सेक्युलर),  झारखण्ड मुक्ति मोर्चा, सीपीआई और शिरोमणि अकाली दल जैसी जानी पहचानी पार्टियों के किसी भी सांसद ने सवाल पूछ कर मंत्रालयों को परेशान न करने में ही भलाई समझी।

बात अगर बड़ी पार्टियों की करें तो तृणमूल कांग्रेस (45%) टीआरएस (44%) और बीजू जनता दल (50%) के सांसदों का प्रदर्शन औसत रहा। कांग्रेस (62%) और भाजपा (58%) का प्रदर्शन वैसे तो कुछ ख़ास नहीं रहा लेकिन अगर इनकी तुलना  क्षेत्रीय पार्टियों से करें तो अधिकतर पार्टियों से यह दोनों पार्टी आगे खड़ी नज़र आती है। शिवसेना के सांसदों ने जरूर सवाल पूछने में आलस्य दिखाया जिसकी वजह से महाराष्ट्र के आकड़ो में कमी दिखी।

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