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केन्द्र सरकार ने लिया भारतीयों की वापसी का फैसला

सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर होने के बाद केन्द्र सरकार ने विदेशों में फंसे भारतीयों की वापसी का फैसला लिया है। फंसे हुए 14 हजार 800 लोगों की हो सकती है वापसी

Archna Jha
Archna Jha | 05 May, 2020 | 6:57 pm

कोरोना महामारी की वजह से विदेशों में फंसे भारतीयो के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। जिसमें वह दुनिया के विभिन्न भागों में फंसे भारतीयों की वापसी कराने जा रही है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट में विदेशों में फंसे भारतीयों की वापसी के लिए गंगा गिरी ने याचिका दायर की थी। जिसके चलते केन्द्र सरकार ने भारतीयों की घर वापसी का आश्वासन दिया है।

Main
Points
सुप्रीम कोर्ट में गंगा गिरी ने विदेशों में फंसे भारतीयों की वापसी के लिए याचिका दायर की
केन्द्र सरकार ने लिया भारतीयों की वापसी का फैसला
लोगों को पहले कराना होगा कोरोना टैस्ट फिर रहना होगा 14 दिन क्वैरांटीन: केन्द्र सरकार
नौसेना भी आई बचाव कार्य में आगे

किन देशों से हो सकती है भारतीयों की वापसी

7 मई से इस अभियान की शुरुआत हो सकती है जिसमें नेपाल, कतर, मलेशिया और सऊदी अरब समेत 12 देशों में फंसे भारतीयों को लाने के लिए 64 विमान भेजे जाएंगे। हर दिन करीब 2000 लोगों की देश वापसी की इस योजना में भारतीय छात्र, ब्लू कॉलर मजदूर मिलाकर कुल 14 हज़ार 800 लोग हैं। लेकिन इससे पहले भारत सरकार ने देश वापसी के इच्छुक लोगों के रजिस्ट्रेशन की बात भी कही है। इस तमाम प्रक्रिया के दौरान लोगों को न केवल एक रजिस्ट्रेशन फॉर्म भरना होगा बल्कि अपना कोरोना टैस्ट भी करवाना होगा।

क्या कहना है गृह मंत्रालय का

गृह मंत्रालय के मुताबिक- “ केवल उन लोगों को वापसी की इजाज़त मिलेगी जिनमें संक्रमण का कोई खतरा नही होगा। इतना ही नही, भारत आने के बाद भी उनकी पूरी जांच होगी और उन्हे 14 दिन तक क्वैरांटीन भी किया जाएगा इन तमाम कामों के लिए एक स्टैंडर्ड प्रोटोकोल भी बनाया गया है”

भारत लौटने के लिए सरकार ने क्या शर्तें रखी हैं

लोगों को अपने खर्चे पर कोरोना टैस्ट कराना होगा और भारत आने से पहले टैस्ट सर्टिफिकेट अपने पास रखना होगा। सभी लोगों को प्लेन का किराया खुद देना होगा साथ ही वापसी के 14 दिनों तक क्वैरांटीन रहना होगा। क्वैरांटीन रहने के दौरान आने वाला खर्च भी यात्रियों को खुद ही देना होगा। इतना ही नही, सभी यात्रियों की बोर्डिंग से पहले स्क्रीनिंग होगी। यात्रा के दौरान भी उन्हे हेल्थ मिनिस्टरी और सिविल एविएशन मिनिस्ट्री के निर्देशों का पालन करना होगा।

नौसेना भी आई बचाव कार्य में आगे

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और विदेश मंत्रालय के बीच सहमति बनने के बाद लिए गए एक फैसले के चलते नौसेना ने मालदीव और संयुक्त अरब अमीरात में फंसे भारतीयों को वापस लाने का अभियान शुरु कर दिया है। जिसमें आईएनएस मगर, आईएनएस शार्दुल और आईएनएस जलाश्व को मालदीव रवाना कर दिया गया है जो लोगों को लेकर कोच्चि पहुचेंगें। बता दें कि, सोशल डिस्टैंसिंग का पालन करते हुए इसमें केवल 700 से 800 लोग ही वापसी कर सकेंगें। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति कोरोना पॉज़िटीव होता है तो उसे जहाज पर ही आइसोलेट करने की भी सुविधा होगी। नौसेना ने भी सभी यात्रियों की स्क्रीनिंग आवश्यक की है।

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