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जानिए मौत की नींद सुलाने वाले वायरसों के बारे में, आखिर चीन से ही क्यों आते हैं ये वायरस?


Archna jha
Archna jha | 01 Apr, 2020 | 7:49 pm

21 फरवरी 2003:  सार्स महामारी, 15 दिसम्बर 2019: कोरोना महामारी, 17 मार्च 2020:   हंता वायरस, 25 मार्च 2020:   पैंगोलिन तस्करी

Main
Points
वैश्विक बाजार के साथ वैश्विक महामारियों का दाता चीन
सार्स ,कोरोना, हंतावायरस के संक्रमण से दुनिया हुई प्रभावित
ज़िन्दा जानवरों को क्यूज़िन का हिस्सा बनाने के शौक ने किया चीन को कई बार प्रभावित
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दी कई बार चेतावनी

इस सच्चाई को अनदेखा नही किया जा सकता कि चीनी उत्पादों- इलैक्ट्रानिक, मोबाइल पार्ट, ऑटो पार्टस्, सिल्क ,इलैक्ट्रानिक मशीनरी , ऑरगेनिक कैमिकल से लेकर दवाईंयों तक के क्षेत्र में चीनी बाजार ने वैश्विक बाज़ार पर कब्ज़ा किया हुआ है। लेकिन इन तमाम उत्पादों के साथ कुछ अन्य चीज़ें भी हैं जो दुनिया को चीन की ही देन हैं। वो हैं भंयकर महामारियां जैसे सार्स, कोरोना या कोविड-19 और अब हंटा वायरस। जो की न केवल वैश्विक स्तर पर अनगिनत मौतों की वजह बनी है। बल्कि जिसने अन्तर्राष्ट्रीय बाज़ार को भी हिला कर रख दिया है। आखिर ऐसी महामारियों का केन्द्र बिन्दु चाईना ही क्यों होता है। यह सोचनीय विषय है।

जानिए मौत के वायरसों के बारे में

सार्स: 21 फरवरी 2003 को अचानक ही विवाह से लौटे हांगकांग के एक डाक्टर को बुखार आने के बाद उसमें एक रहस्यमयी वायरस को पाया जाता है। जिसमें उस डाक्टर की मौत हो जाती है । इतना ही नही अगले 24 घण्टों में यह वायरस उसके द्वारा 34 अलग-अलग होटलों में फैला दिया जाता है। महीनों के शोध के बाद इस वायरस की पहचान सार्स (SARS-SEVERLY ACUTE RESPORIETRY SYNDROME) के रुप में की गई। सार्स से केवल चाईना में ही 1200 लोगों की मौत और 8000 लोग संक्रमित हुए थे। धीरे- धीरे इस संक्रमण ने  हांगकांग से निकल कर चीन के तमाम शहरों से होते हुए पूरे विश्व के लोगों को अपना शिकार बनाना शुरु कर दिया। वैज्ञानिकों की तमाम खोजों के बाद पता चला कि यह वायरस दक्षिणी चाईना की एक जिंदा जंगली जानवरों की मार्केट से शहर में फैला या कहा सकता है कि जगंली जानवरों के मनुष्य द्वारा उपभोग करने पर आया।

कोरोना या कोविड-19: 15 दिसम्बर 2019 को चीन की राजधानी वुहान की एक बड़ी सी फूड  होलसेल मार्केट ‘हुनान’ से ज़िन्दा जानवर को खाकर एक व्यक्ति की तबीयत बिगड़ जाती है।  जिसके बाद वह पास में स्थित ‘WUHAN INSTITUE OF VIROLOGY NATIONAL BIOSAFTY LAB’ में इलाज के लिए जाता है। वहां डाक्टर ली. वेंलयांग द्वारा उस व्यक्ति में कोरोना के लक्षण बताये जाने पर भी चीन सरकार द्वारा इस ओर कोई कदम नही उठाये जाते। बल्कि चीन सरकार द्वारा उन्हें शक के घेरे में लिया जाता है । इसी दौरान एक मरीज के संपर्क में आकर ली वेंलयांग की मौत हो जाती है ।  आज वुहान शहर से निकल कर कोरोना ने चीन के तमाम शहरों को अपनी चपेट में ले लिया है। इससे केवल चीन में ही 8000 लोगों की जान गई और 75000 से अधिक लोग संक्रमित हुए । समय रहते चीनी सरकार के सचेत न होने का परिणाम आज दुनिया के 195 देश कोरोना संक्रमण के रुप में झेल रहे हैं।  आज अमेरिका ,इटली जैसे सम्पन्न देश ,भारत जैसे विकासशील देश सब कोरोना की ज़द में आ चुके हैं।

वर्तमान में पूरी दुनिया में 858,669 लोग संक्रमित और 45,121 मौतें कोविड-19 की वजह से पूरी दुनिया में हो चुकी हैं।  जिसके चलते जनवरी 2020 में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोरोना को एक वैश्विक महामारी घोषित कर दिया।

हंता वायरस: 17 मार्च 2020 को चाईना के स्टेट मीडिया ’ग्लोबल टाइम्स’ द्वारा यह खबर सामने आई कि यहां के युनान क्षेत्र में हंता वायरस से एक व्यक्ति की मौत हो गई और 32 लोग संक्रमित हैं। हालाकिं इस संदर्भ  में चीन का कहना है कि हंता वायरस एक तरीके का पुराना वायरस है और अभी जो केस सामने आया है वह पुराना ही कोई मामला है । साथ ही चाईना ने यह भी आश्वासन दिया है कि हंता वायरस ,कोरोना वायरस के जैसे आदमी से आदमी में नही फैलता है।

यह कहना गलत नही होगा कि ढेड़ सौ करोड़ आबादी वाला चीन पूरी तरह से आज शहरी होता जा रहा है। यहां जंगलों को काट कर लगभग समाप्त कर दिया गया है । जिन्दा जानवर आज उनके भोजन का हिस्सा बनते जा रहे हैं । देश के कई शहरो में लाइव एनीमल मार्केट हैं।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने चीन के संदर्भ में कई बार चेतावनी दी है कि यहां हर साल करोड़ों की तादाद में बुखार और मौतें होती हैं। ऐसा पशु उपभोग की वजह से होता है । जो की जानवर से म्यूटेट होकर या चेन के रुप में मनुष्य में आता है और फिर संक्रमण फैलाते हुए एक मनुष्य से दूसरे मनुष्य में जाता है। WHO का कहना है कि आज चीन पूरी तरह से ज्यूनोटिक हो गया है। जिन्दा जानवरों का इस्तेमाल न केवल चीन को बल्कि पूरी दुनिया के लोगों में महामारी फैला रहा है।

पैंगोलिन जंगली जानवर की तस्करी

हाल ही में चीन में पैंगोलिन जंगली जानवर की तस्करी का मामला भी सामने आया है। जिससे यह सिध्द होता है कि चीन अपने खान- पान की आदतों की वजह से किसी भी हद तक दुनिया को प्रभावित कर सकता है।

यह चीन का एक बुरा इतिहास कहा जा सकता है कि यहां न केवल ऐसी महामारियों का जन्म होता है। बल्कि उनको चीनी सरकार और मीडिया द्वारा छुपाया जाता है। जिसका भयंकर परिणाम यह होता है कि यह बीमारियां वैश्विक स्तर पर महामारी का रुप ले लेती हैं।

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