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एड्स फैलाने का आरोप लगाते हुए चीन ने किया अमेरिका पर पलटवार

एड्स, H1N1, आर्थिक मंदी फैलाने को लेकर चीन ने अमेरिका को कटघरे में खड़ा किया, क्या तथ्यात्मक तौर पर ये आरोप सही हैं

Archna Jha
Archna Jha | 25 Apr, 2020 | 2:35 pm

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कोरोना वायरस की उत्त्पति को लेकर अमेरिका ने, चीन पर शुरु से ही आरोप लगाए हैं। इतना ही नही हाल ही में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी टीम भेजकर वुहान के इंस्टीट्यूड ऑफ वायरोलोजी लैब में कोरोना वायरस के उत्पत्ति की जाँच करानी चाही, जिसको चीन ने न केवल सिरे से नकार दिया बल्कि चीन के विदेश प्रवक्ता गेंग शुआंग ने ट्वीट के ज़रिये वैश्विक स्तर पर एड्स, H1N1 और 2008 की आर्थिक मंदी फैलाने का आरोप लगाते हुए अमेरिका को घेरने की कोशिश की।

Main
Points
कोरोना के आरोपों के बदले चीन ने लगाए अमेरिका पर एड्स फैलाने के आरोप
वैश्विक आर्थिक मंदी, H1N1 वायरस का दाता था अमेरिका: विदेश प्रवक्ता, चीन
पीड़ित देशों को आर्थिक मुआवज़ा देने की बात कभी नही की अमेरिका ने: विदेश प्रवक्ता, चीन
जब अमेरिका से जवाबदेही नही हुई, तो हमसे क्यों: चीन
चीन भी कोरोना वायरस का पीड़ित है, अपराधी नही: विदेश प्रवक्ता, चीन

चीन के लगाए आरोप क्या हैं

चाइना डेली के मुताबिक, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गेंग शुआंग ने अमेरिका से सवाल किया है कि- “ एड्स महामारी साल 1980 में, अमेरिका से निकलकर पूरी दुनिया में फैली और इसके चलते लाखों लोगों की जान गई और दुनिया को भारी क्षति पहुंची। इसी तरह, साल 2009 में H1N1 फ्लू ने भी अमेरिका से निकल कर 215 देशों में फैलते हुए 2लाख से अधिक लोगों को अपना शिकार बनाया। इतना ही नही, साल 2008 में वैश्विक वित्तीय सेवा फर्म लेहमन ब्रदर्स के धाटे में जाने से पूरी दुनिया को आर्थिक मंदी का सामना करना पड़ा था। लेकिन एड्स  और H1N1 जैसी महामारियों के चलते अमेरिका ने कभी किसी देश को वित्तीय मुआवज़ा देने की बात नही कही और न ही आर्थिक मंदी को लेकर किसी देश ने अमेरिका से जवाबदेही तय की। आज जिस प्रकार ट्रंप कहते हैं कि यदि कोरोना फैलाने में चीन किसी भी तरह से दोषी पाया गया तो वह दंड का पात्र होगा, क्या इन सभी समस्यों को फैलाने के चलते किसी भी देश ने अमेरिका के लिए यही बात कही थी ? जब एड्स, H1N1, आर्थिक मंदी को लेकर अमेरिका से जवाबदेही नही की गई तो फिर चीन को निशाना क्यों बनाया जा रहा है ? अमेरिका को यह समझना होगा कि कोरोना वायरस न केवल अमेरिका को बल्कि पूरी दुनिया को नुकसान पहुंचा रहा है और अन्य देशों की तरह चीन भी कोरोना वायरस का पीड़ित है, अपराधी नही।” बता दें कि कोरोना फैलाने के अलावा पहले भी, चीन पर वहां रह रहे अफ्रीकियों के साथ रंगभेद को लेकर आरोप लग चुके हैं।

चीन के आरोपों में कितनी सच्चाई है

सबसे पहले, यदि एड्स की सच्चाई के बारे में कहा जाए तो डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कोंगों की रिपोर्ट के मुताबिक एड्स सबसे पहले पश्चिम-अफ्रीका के एक चिम्पैंज़ी में पाया गया, उसके बाद 1979-1981 के बीच यह अमेरिका में आया लेकिन वहां शुरूआत में ही इस पर रिसर्च बढ़ा दी गईं। वहीं दूसरी ओर, H1N1 वायरस 25 अप्रैल 2009 में यूएस में फैला और केवल 20 मामलों के चलते ही अमेरिका ने WHO से इसे पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित करने की अपील की, जिससे जनता को इस बारे में पता चल सके। जबकि चीन ने 30 जनवरी को देश में कोरोना के 9692 मामले और 213 मौतों के बाद WHO से इसे पब्लिक हेल्थ इमरजेंसी घोषित करने को कहा।

बता दें कि हाल ही में STATE OF MISSOURI, US ने कोरोना वायरस को फैलाने के चलते चीन पर कानूनी कार्रवाही करने की बात कही है। वहीं आस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री ने भी 23 अप्रैल को WHO को शामिल न करते हुए कोरोना पर ग्लोबल इनक्वाइरी की मांग की है। दूसरी ओर, जर्मनी की चांसलर एंजेला मारकेला ने भी चीन से कोरोना की पारदर्शिता को सामने लाने की गुज़ारिश की है।

Tags:
China   |  America   |  aids   |  h1n1   |  financialcrise

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