Your image is ready, you can save / share this image
Please wait!
#MPsPerformance


%
RANKOUT OF

शिकायत के बाद हरकत में चीन, ज़ब्त किये 8.9 करोड़ मास्क

इस महामारी से उत्पन्न हुई अप्रत्याशित स्थिति के कारण पूरे विश्व में अचानक से चिकित्सीय उपकरणों की मांग में तेजी आई है। इस मांग को पैसा कमाने के अच्छे अवसर के रूप में देखते हुए अकेले चीन में इस साल के शुरूआती दो महीने में 8950 नए निर्माताओं ने मास्क का उत्पादन शुरू किया है। एक आधिकारिक आंकड़े के मुताबिक चीन में रोज़ाना 11.6 करोड़ मास्क का निर्माण हो रहा है।

Ankit Mishra
Ankit Mishra | 27 Apr, 2020 | 3:44 pm

कोरोना संकट के बीच चीन में निर्मित मास्क, पीपीई किट समेत अन्य चिकित्सीय सुरक्षा सम्बन्धी उपकरणों की गुणवत्ता को लेकर दुनिया भर से शिकायतें आ रही थीं। उन शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए चीन ने 8.9 करोड़ से अधिक खराब गुणवत्ता वाले मास्क जब्त किये हैं।

Main
Points
चीन में 8.9 करोड़ से अधिक खराब गुणवत्ता वाले मास्क हुए जब्त
4 लाख से अधिक पीपीई किट भी हुए जब्त
चीन में रोज़ाना 11.6 करोड़ मास्क का निर्माण हो रहा है।

चीन के बाजार नियामक संस्थान स्टेट एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ मार्केट रेगुलेशन द्वारा लगभग 16 मिलियन व्यवसायों का निरीक्षण कर 8.9 करोड़ मास्क और 418,000 से अधिक सुरक्षात्मक गियर जब्त किए। इस बड़ी कार्रवाई में संस्थान ने 7.6 मिलियन युआन (लगभग 7 करोड़) से अधिक कीमत के खराब कीटाणुनाशक भी जब्त किए हैं।

निर्यात के नए नियम

खराब गुणवत्ता वाले उत्पादों के निर्यात को रोकने के लिए चीन ने शनिवार को नए नियम जारी किए। इस नियम के बाद गुणवत्ता सम्बन्धी नियम सख्त कर दिए गए हैं। अब चिकित्सीय के साथ-साथ गैर-चिकित्सीय मास्क को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता के मानकों को पूरा करना पड़ेगा। चीन के वाणिज्य मंत्रालय द्वारा निर्यातकों के लिए जारी निर्देश के तहत अब निर्यातकों को एक लिखित घोषणा दायर करनी होगी जिसमें वह घोषणा करेंगे कि उनके चिकित्सा उत्पाद गंतव्य देश की सुरक्षा आवश्यकताओं को पूरा करते हैं।

क्यों बने ऐसे हालात

चीन द्वारा निर्यातित चिकित्सा सुरक्षा उपकरणों की गुणवत्ता पर शुरू से ही सवाल उठते रहे हैं। स्पेन, इटली , चेक गणराज्य और तुर्की सहित कई देशों ने खराब गुणवत्ता के कारण चीन से आयातित लाखों की संख्या में घटिया मास्क और सुरक्षात्मक गियर वापस कर दिया है। कनाडा सरकार ने पिछले हफ्ते कहा था कि चीन से खरीदे गए करीब 10 लाख मास्क, हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स के लिए उचित मानकों को पूरा करने में नाकाम रहे हैं। पिछले महीने नीदरलैंड में अस्पतालों से शिकायत मिलने के बाद इन मास्कों को अस्पताल से वापस माँगा लिया गया।

भारत भी नहीं रहा अछूता

चीन की खराब गुणवत्ता वाले सामान का भोगी भारत भी रहा है। पिछले हफ्ते ही चीन से आये 6.5 लाख रैपिड टेस्टिंग किट के परिणाम भी असंतोषजनक साबित हुए हैं। देश के विभिन्न राज्यों में इस किट से हुए कोरोना संक्रमण की जांच के नतीजों में 6 से 71 प्रतिशत तक का अंतर देखा गया जिसके बाद भारत सरकार ने इसे चीन को वापस करने का निर्णय लिया है। हालाँकि भारत सरकार ने अभी तक चीन से पीपीई किट नहीं खरीदा है। यूरोप से आई घटिया पीपीई किट के रिपोर्ट के बाद भारत ने पहले ही चीन से पीपीई किट न मंगाने का निर्णय किया था।

मौके को भुनाने में लगा चीन

इस महामारी से उत्पन्न हुई अप्रत्याशित स्थिति के कारण पूरे विश्व में अचानक से चिकित्सीय उपकरणों की मांग में तेजी आई है। इस मांग को पैसा कमाने के अच्छे अवसर के रूप  में देखते हुए अकेले चीन में इस साल के शुरूआती दो महीने में 8950 नए निर्माताओं ने मास्क का उत्पादन शुरू किया है। एक आधिकारिक आंकड़े के मुताबिक चीन में रोज़ाना 11.6  करोड़ मास्क का निर्माण हो रहा है।

Tags:
Corona   |  China   |  ppe   |  europe   |  rtk

Stories for you

SEARCH YOUR MP

Or

Selected MP