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मौतों का सबब बना कोरोना कैसे बचा रहा है जीवन


Sunny Singh
Sunny Singh | 30 Mar, 2020 | 8:13 pm

भारत में दिल्ली सहित देश के 90 से अधिक शहरों में पिछले कुछ दिनों में हवा के न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इसके अतिरिक्त, दुनिया के विभिन्न देशो में कोरोना वायरस के चलते जहां भी लॉक डाउन हुआ है, वहां प्रदूषण स्तर में गिरावट देखी गई है। प्रदूषण में कमी सबसे अधिक भारत तथा चीन में  देखी गई है।

Main
Points
चीन समेत, दक्षिण कोरिया, इटली और भारत में लॉकडाउन की वजह से प्रदूषण स्तर में गिरावट
साफ़ हो रहे है प्रदूषण के कारक
वैश्विक कार्बन डाइऑक्साइड एमिशन में हुई गिरावट
हवा में पोलूटैंट्स 40 फीसदी कम

सांस के लिए खतरनाक नाईड्रोजन ऑक्साइड में भारी कमी

सेंटर-रन सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग रिसर्च (SAFAR) के अनुसार, COVID-19 के खिलाफ उपायों के कारण दिल्ली में PM 2.5 (फाइन पार्टिकुलेट प्रदूषक) में 30% और अहमदाबाद और पुणे में 15% की गिरावट आई है। नाइट्रोजन ऑक्साइड (एनओएक्स) प्रदूषण का स्तर, जो सांस के लिए जोखिम भरा होता है, वह भी कम हुआ है । उच्च मोटर वाहन यातायात के कारण NOx  प्रदूषण मुख्य रूप से होता है। पुणे में NOx प्रदूषण में 43%, मुंबई में 38% और अहमदाबाद में 50% तक की कमी आई है।

लॉकडाउन से प्रदूषण में गिरावट

SAFAR  के मुताबिका आम तौर पर मार्च में, प्रदूषण "मध्यम" श्रेणी (वायु गुणवत्ता सूचकांक सीमा: 100-200) में होता है जबकि वर्तमान में, यह "संतोषजनक" (AQI 50-100) या "अच्छा" है। ”(AQI 0-50) श्रेणी पर आ गया है। उन्होंने बताया की “यह लॉकडाउन प्रभाव है। स्थानीय कारकों जैसे उद्योग, निर्माण और यातायात गतिविधिया बंद होने से वायु की गुणवत्ता बेहतर हुई है। हांलाकि इसमें बारिश का भी योगदान है, लेकिन स्थानीय उत्सर्जन पर अंकुश एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

0-50 के बीच एक AQI (एयर क्वालिटी इंडेक्स) अच्छा माना जाता है, 51-100 संतोषजनक, 101-200 मध्यम, 201-300 खराब, 301-400 बहुत ख़राब और 401-500 गंभीर।

भयंकर प्रदूषित शहरों में भी कंट्रोल

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में हवा की गुणवत्ता वर्तमान में "अच्छी" श्रेणी में है। कानपुर में, जिसका प्रदूषण स्तर अक्सर बहुत अधिक रहता  है, यह "संतोषजनक" श्रेणी में है। इसके अलावा, सीपीसीबी निगरानी केंद्रों के डाटा से पता चला है की भारत के 92 अन्य शहरों ने न्यूनतम वायु प्रदूषण दर्ज किया है, जिसमें हवा की गुणवत्ता "अच्छा" से "संतोषजनक" तक है। सीपीसी के आंकड़ों से पता चला है कि पिछले कुछ दिनों में 39 शहरों ने "अच्छी" वायु गुणवत्ता और 51 शहरों ने "संतोषजनक" वायु गुणवत्ता दर्ज की है। पर्यावरणविदों का मानना है कि प्रदूषण के कम स्तर को देखते हुए सरकार को इस स्थिति का संज्ञान लेना चाहिए।

दुनिया के दूसरे देशों में क्या हाल है प्रदूषण का

चीन

चीन ऐसे देशों में से एक है, जहां पर भी वायु प्रदूषण में काफी कमी दर्ज की गई है। चीन में औद्योगिक गतिविधियों के बंद होने के चलते रिकॉर्ड गिरावट हुई है। प्रकोप शुरू होने के बाद से चीन ने वायरस के लगभग 80,000 मामले दर्ज किए हैं। यह 50 से अधिक देशों में फैल गया है, लेकिन अधिकांश संक्रमण और मृत्यु चीन में हैं, जहां वायरस पिछले साल के अंत में उत्पन्न हुआ था। अमरीकन स्पेस एजेंसी नासा की सैटलाइट से मिली तस्वीरों से यह देखा जा सकता है की पिछले वर्ष के मुक़ाबले इस वर्ष चीन के कई शहरों में प्रदूषण स्तर में भारी गिरावट आई है।

दक्षिण कोरिया

दक्षिण कोरिया में भी NO2 का स्तर गिरा है, दक्षिण कोरिया में लंबे समय से कोयले से चलने वाले बिजली संयंत्रों के बड़े बेड़े से उच्च उत्सर्जन की वजह से काफी प्रदूषण था, जो अब बंद हुआ है। लेकिन चीन में आस-पास की औद्योगिक गतिविधि रुकने से भी प्रदूषण कम हुआ है।बहरहाल दक्षिण कोरिया ने पूरे क्षेत्रों को तालाबंदी के दायरे में लाने से परहेज किया है, लेकिन संदिग्ध कोरोनावायरस मामलों का पता लगाने और उन्हें अलग-थलग करने का प्रयास जारी है।

इटली

उत्तरी इटली में परिवर्तन विशेष रूप से आश्चर्यजनक हैं क्योंकि कारखानों के घने समूह से निकलने वाला धुआं पो वैली के अंत में आल्प्स में फंस जाता है, जिससे यह पश्चिमी यूरोप के प्रदूषण के आकर्षण का केंद्र बन जाता है। चूंकि देश 9 मार्च को लॉकडाउन में चला गया था, मिलान और उत्तरी इटली के अन्य हिस्सों में NO2 का स्तर लगभग 40% तक गिर गया है।

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Coronavirur   |  Corona affectson   |  weather

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