Your image is ready, you can save / share this image
Please wait!
#MPsPerformance


%
RANKOUT OF

विभिन्न देशों के बाद अब डॉक्टरों की नसीहत WHO को, जानिए क्या नसीहत दी!


Manmeet Singh
Manmeet Singh | 20 Apr, 2020 | 3:08 pm

विश्व स्वास्थ्य संगठन( WHO) की मुसीबतें कम होने का नाम ही नहीं ले रही हैं। कोरोना वायरस के मामले में WHO पर लापरवाही का आरोप लगाने वालों की सूची में एक और नाम जुड़ गया है। वर्ल्ड मेडिकल एसोसिएशन ने WHO को चिट्ठी लिखकर कहा है कि उनकी लापरवाही की वजह से स्थिति और खराब हुई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन स्थिति का आंकलन करने में नाकाम रहा है।

Main
Points
वर्ल्ड मेडिकल एसोसिएशन ने विश्व स्वास्थ्य संगठन को लिखी चिट्ठी
महामारी के वक्त लापरवाही बरतने का लगाया आरोप
यदि संगठन सही कदम उठाता तो स्थिति बदतर नहीं होती
संगठन में ताइवान की भागीदारी की वकालत
विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुखिया को विश्व राजनीति से दूर रहने की नसीहत

WHO पर क्या लगाया आरोप

वर्ल्ड मेडिकल एसोसिएशन ने अपनी चिट्ठी में कहा कि कोरोना वायरस की वजह से उपजी वर्तमान स्थिति ने ये साफ कर दिया कि ताइवान की अनदेखी और विश्व स्वास्थ्य संगठन में उसकी भागीदारी न होने की वजह से विश्व स्वास्थ्य को कितना नुकसान उठाना पड़ा है। अगर ताइवान की चेतावनी को ध्यान में रखते हुए विश्व स्वास्थ्य संगठन ने उचित समय पर स्थिति की गंभीरता को समझते हुए कार्रवाई शुरु कर देता तो आज स्थिति इतनी बदतर नहीं होती।

साल 2003 में भी SARS महामारी के दौरान ताइवान की दी गई चेतावनी और ताइवान की अनदेखी करना पूरे विश्व के लिए महंगा साबित हुआ था। इसका परिणाम पूरी दुनिया ने भुगता था। यह सारी घटनाएं साफ तौर पर विश्व स्वास्थ्य संगठन में ताइवान की भागीदारी की अहमियत की ओर इशारा करती हैं।

WMA ने दी नसीहत

वर्ल्ड मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ मिगुएल जॉर्ज और डॉक्टर फ्रैंक मोंटेगोमेरी ने 17 अप्रैल की अपनी चिट्ठी में लिखा कि ताइवान के 23 मिलियन लोगों की अनदेखी करना हमें कतई गंवारा नहीं है ।  दुनिया का हर देश विश्व स्वास्थ्य संगठन का हिस्सा होना चाहिए। एक चिकित्सक होने के नाते लोगों के स्वास्थ्य की राजनीतिकरण  का हम पुरजोर विरोध करते हैं। उन्होंने विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुखिया डॉ टेडरोज को विश्व राजनीति में न पड़ने की भी सलाह दी।

ताइवान की वकालत

ताइवान की वकालत करते हुए वर्ल्ड मेडिकल एसोसिएशन ने विश्व स्वास्थ्य संगठन से अनुरोध किया है कि एक नई शुरुआत करते हुए संगठन को ताइवान के लिए अपने दरवाजे खोलने चाहिए और आगामी होने वाले विश्व स्वास्थ्य सभा में ताइवानी प्रतिनिधि मंडल को भाग लेने की इजाजत देनी चाहिए।

WHO पर अमेरिका और ताइवान ने लगाये हैं आरोप

इससे पहले भी विश्व स्वास्थ्य संगठन पर आरोप लगते रहे हैं कि चीन के प्रभाव और दबाव की वजह से उसने ताइवान को भागीदारी से वंचित रखा है। चीन परस्ती की वजह से अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही विश्व स्वास्थ्य संगठन को दी जाने वाली आर्थिक सहायता पर रोक लगा चुके हैं और उन्होंने यह भी कहा है कि यदि कोरोना वायरस के प्रसार में चीन का हाथ हुआ तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।

Tags:
Corona   |  WHO   |  WMA   |  China   |  taiwa

Stories for you

SEARCH YOUR MP

Or

Selected MP