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यूके, ब्रिटेन और इटली के बच्चों मे कोरोना या कावासाकी को लेकर डॉक्टर्स परेशान

बच्चों की धमनियों में सूजन, पाचन क्रिया में परेशानी, तेज़ बुखार के चलते विश्व के कई बड़े देश असमंजस में है। कोरोना, कावासाकी और टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम से ग्रसित पाये जा रहे हैं बच्चे

Archna Jha
Archna Jha | 01 May, 2020 | 5:52 pm

कोरोना वायरस महामारी के संदर्भ में अब तक यहीं बात सामने आई थी कि ये अधिकतर वरिष्ठ नागरिकों को ही अपना शिकार अधिक बना रहा है। लेकिन हाल ही में यूके, स्पेन और इटली जैसे देशों में 3 से 9 वर्ष की आयु वाले बच्चों में एक अलग तरह की बीमारी के लक्षण पाये जा रहे हैं, जिसमें बच्चों के शरीर में सूजन हो रही है, लेकिन किसी भी बच्चे की मृत्यु के बारे में जानकारी अभी तक नही मिली है। इस बात को लेकर वहां के डॉक्टरों में चिंता बनी हुई है कि कहीं ये लक्षण कोरोना से संबधित तो नही है। THE GURDIAN की रिपोर्ट के अनुसार यूके, स्पेन और इटली में बच्चों में इऩ लक्षणों के चलते तकरीबन 100 मामलें सामने आये हैं।

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Points
यूके, इटली, ब्रिटेन में बच्चों में कोरोना और कावासाकी बीमारी को लेकर विशेषज्ञों में असमंजस
धमनियों में सूजन, भोजन न पचना जैसे देखे जा रहे हैं लक्षण

बच्चों में दिखाई देने वाले लक्षण कौन से हैं

हेल्थ एक्सपर्टस् के मुताबिक- “इस अजीब सी बीमारी में बच्चों के भीतर पेट दर्द , छाती में सूजन, पेट के अन्दर के वाल्ब का ठीक से काम न करना मतलब बच्चों में भोजन पाचन जैसी समस्या होना, तेज़ बुखार और धमनियों में सूजन संबंधी लक्षण नज़र आ रहे हैं” ऐसे में डॉक्टर्स इस बात को लेकर चिंतित हैं कि कहीं ये लक्षण कोरोना से ताल्लुक तो नही रखते या ये लक्षण बच्चों मे होने वाली कावासाकी बीमारी के हैं। दूसरी ओर, विषेशज्ञों का यह भी मानना है कि-“वर्तमान में उत्तरी इटली के लाम्बार्डी में जो की इटली का सर्वाधिक कोरोना प्रभावित इलाका है, वहां के बच्चों में कावासाकी बीमारी से मिलते-जुलते लक्षण देखे जा रहे हैं, जबकि आमतौर पर ये बीमारी यूरोपीय देशों में नही पाई जाती है, हां, एशियाई देशों यहां तक कि भारत में भी कावासाकी संक्रमित बच्चों की संख्या काफी अधिक है।“

क्या है बच्चों में होने वाली कावासाकी बीमारी

कावासाकी बीमारी में 5 साल तक की उम्र के बच्चों के शारीरिक अंगों जैसे हाथ, पैर, जीभ, धमनियों में सूजन जैसे लक्षण देखे जाते हैं। बता दें कि, 1960 में आई इस बीमारी के कारणों की वजह डॉक्टर्स आज तक नही जान पाये हैं। वहीं कुछ डॉक्टर्स इन लक्षणों को टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम से भी जोड़ कर देख रहे हैं।

बच्चों में इन लक्षणों को कोरोना से कैसे जोड़ कर देख रहे हैं रिसर्चस्

दरअसल, ब्रिटेन में लगभग 3 हफ्तों के भीतर ही शरीर के अंदरुनी भागों में सूजन के साथ फ्लू आने के चलते वहां 3 ये 9 वर्ष की उम्र के बच्चों को अस्पताल के ICU में भर्ती कराया जा रहा है। ऐसे में डॉक्टर्स ये जाँच करने में लगे हुए हैं कि कहीं इनका संबंध कोरोना महामारी से तो नही? इतना ही नही यूके के हेल्थ केयर सिस्टम NATIONAL HEALTH SERVICE( NHS) की ओर से डॉक्टरों को, सभी बच्चों में सूजन और फ्लू जैसे एकसमान लक्षणों के चलते सचेत रहने के लिए एडवाइज़री जारी की गई है। जाँच के बाद पता चला है कि कुछ बच्चों में कोविड- 19 के गंभीर लक्षण सामने आये हैं। जिसके चलते कुछ बच्चे कोरोना पॉज़िटीव हैं और कुछ नही। ऐसे में वैज्ञानिक असमंजस में हैं कि बच्चों में इस तरह के लक्षण कोरोना ही है या फिर कोरोना के बीच ही किसी दूसरे वायरस का असर है।

इस बारे में क्या कहना है UK SOCIETY PIC का

यहां के विशेषज्ञों के मुताबिक कोविड-19 के अलग-अलग स्ट्रेन और 10 तरह के टाइप्स हैं। ऐसे में देखा गया है कि जो स्ट्रेन चीन में है वो अमेरिका में नही है और जो स्ट्रेन अमेरिका में है वो भारत में नही। इसी प्रकार जो वैक्सीन एक टाइप में काम आ रही है वो कोरोना के दूसरे टाइप में नही काम आ रही। यहां तक की वर्तमान में कोरोना पूर्व में बताये गए लक्षणों तक भी सीमित नही रहा है। US(CDC) के मुताबिक अमेरिका में कोरोना के अब 6 नये लक्षण सामने आये हैं, जिनमें से कुछ इन बच्चों में भी देखे जा रहे हैं।

फिलहाल तमाम विशेषज्ञ बच्चों की इस नई बीमारी और उसके लक्षणों को लेकर असमंजस में है कि यदि ये कोरोना है, तो बेशक ही चिन्ता का विषय है।

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