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मौतों के साये के बीच भी अमेरिका क्यों नहीं चाहता लॉकडाउन?

ट्रम्प ने दी अर्थव्यवस्था को तरजीह, पेश किया “Opening Up America Again” प्रस्ताव

Ankit Mishra
Ankit Mishra | 18 Apr, 2020 | 6:55 pm

कोरोना वायरस के कारण अब तक की सबसे बड़ी वैश्विक आर्थिक मंदी के आने के आसार है। विश्व अर्थव्यवस्था को करीब 9 ट्रिलियन डॉलर का नुकसान होने की संभावना है। इस स्वास्थ्य संकट से निपटने के लिए विभिन्न देश लॉकडाउन का सहारा ले रहे हैं लेकिन इस वजह से उन्हें आर्थिक मोर्चे पर भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

Main
Points
अमेरिका में कोरोना संक्रमितों की संख्या 7 लाख
अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए नया प्लान
अर्थव्यवस्था को बंद रखना कोरोना से निपटने का उपाय नहीं

इसके विपरीत एक राष्ट्र ऐसा भी है जो इस महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित होने के बावजूद अपनी अर्थव्यवस्था को संजोनें में लगा हुआ है। हम बात कर रहे हैं अमेरिका की जहां संक्रमितों की संख्या 7 लाख पहुँच चुकी है। पूरी दुनिया के लगभग एक तिहाई संक्रमण के मामले इसी देश में दर्ज़ किए गये हैं। अमेरिका में अभी भी औसतन प्रतिदिन 30 हजार कोरोना संक्रमण के मामले सामने रहे हैं बावजूद इसके राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने लॉकडाउन को खोलने और अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए "ओपेनिंग अप अमेरिका अगेन" नाम से एक प्रस्ताव पेश किया है।

क्या है प्रस्ताव

राष्ट्रपति ट्रंप के इस प्रस्ताव में स्कूल और दफ़्तर फिर से खोलने के लिए तीन चरणों में प्रयास किया जाना है। 

फर्स्ट स्टेप- योजना के पहले चरण में सामाजिक दूरी के नियमों के तहत स्कूल और दफ़्तर बंद रखे जाएंगे। अगर इस क़दम से राज्यों में संक्रमण के मामलों में कमी आती है तो वह दूसरे चरण को लागू कर सकते हैं।

सेकंड स्टेप- दूसरे चरण में सीमित संख्या में कर्मचारियों के साथ कुछ दफ़्तरों को खोलने की इजाज़त दी जाएगी। 

थर्ड स्टेप- तीसरे चरण में सभी दफ़्तरों को सामान्य रूप से काम करने की इजाजत होगी। हालाँकि, इस दौरान भी जिन लोगों को संक्रमण का ख़तरा है उन्हें सावधानी बरतने की सलाह दी जाएगी। हालांकि यह प्रस्ताव अमेरिकी राज्यों पर अनिवार्य तौर से लागू नहीं होता। राज्य के गवर्नर इस पर आखिरी निर्णय करेंगे।

अर्थव्यवस्था बंद करना कोरोना का इलाज़ नहीं

ट्रंप के अनुसार अमेरिका ने यह जंग जीतने के लिए अपनी अर्थव्यवस्था बंद की थी और वे जंग जीत रहे हैं इसलिए अब देश पर से पाबंदियां हटा कर वे अपनी अर्थव्यवस्था को चलाना शुरू करेंगे। ट्रंप के अनुसार लंबे वक़्त तक अर्थव्यवस्था को बंद रखना कोरोना संकट से निपटने का उचित उपाय नहीं है।

लॉकडाउन के खिलाफ थे ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति कोरोना के शुरुआत से ही लॉकडाउन के हिमायती नहीं रहें है। अपने पिछले भाषणों में उन्होंने कई बार अर्थव्यवस्था को तरजीह दी है। 22 मार्च को दिए एक वक्तव्य में उन्होंने कहा था "हम उपचार को बीमारी से बदतर नहीं बना सकते" यही वजह है कि अभी तक अमेरिका की संघीय सरकार ने देशव्यापी लॉकडाउन को लेकर कोई आदेश जारी नहीं किया है।

लॉकडाउन और राज्य

अमेरिकी राष्ट्रपति के प्रस्ताव के बाद ही कुछ राज्यों ने इसको अमल में लाना भी शुरू कर दिया है। अमेरिका के कुल 50 राज्यों में से सिर्फ 8 राज्यों ने पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की है। 5 राज्य ऐसे भी है जहाँ दस से ज्यादा संख्या में लोगों के इक्कठा होने के अलावा और किसी भी प्रकार की पाबंदी नहीं है। इन 5 में से 3 राज्यों में कोरोना संक्रमितों की संख्या 1 हजार से ऊपर है। 2 लाख 35  हजार से भी ज्यादा कोरोना संक्रमितों की संख्या वाला राज्य न्यूयॉर्क में लॉकडाउन तो है पर अब भी रेस्तरां और पार्क खुले हुए हैं।

जीवन जरुरी या अर्थव्यवस्था

राष्ट्रपति ट्रंप के इस प्रस्ताव के बाद उनकी आलोचना शुरू हो गई है। कुछ विशेषज्ञों के अनुसार अमेरिका में मई के मध्य तक स्टे एट होम पॉलिसी सख़्ती से लागू होनी चाहिए। अभी अर्थव्यवस्था को दरकिनार कर स्वास्थ्य को प्रथम प्राथमिकता होनी चाहिए। हालांकि सच्चाई ये भी है कि इस महामारी के कारण बंद पड़ी अर्थव्यवस्था से पिछले 4 हफ्ते में 22 मिलियन अमेरिकियों ने अपनी नौकरी गवांई है।

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