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मतवाले शराबियों ने 'मधुशाला ' को जीवंत किया

शराब के शौक़ीन दूकान पर बढ़ते गए , कतारें लम्बी होती गई ,दुकाने बंद हो गई और पुलिस के डंडे ऊपर से पड़े। करोना काल में शराब का यह खेल बहुतों को रुलाया तो कइयों को हतप्रभ भी किया।

Akhilesh Akhil
Akhilesh Akhil | 05 May, 2020 | 5:13 pm

लॉकडाउन के दौरान ही  चार मई से सभी राज्यों में शराब की दुकानें खुल गयी। इसकी मुनादी 3 मई को ही कर दी गई। जैसे ही सरकार ने शराब बिकने की दुदुम्भी बजाई शराब के शौक़ीन और नशेबाजों ने अपनी अपनी तैयारी कर ली। घर में शोर मचा ,झगडे हुए। अशांत वातावरण के बीच चार तारीख को शराब की दूकान खुलने से पहले ही कड़ी धुप में लोगों की कतारें खड़ी हो गई। दिल्ली के कई इलाकों में आधा किलोमीटर तक लोग शराब के इन्तजार में खड़े रहे। जैसे ही दूकान खुलने की सूचना मिली ठेला -थैली ,धक्काम -धुक्की शुरू हुई। कई नीचे गिरे ,कइयों ने दूसरों को गिराया और कई इसका लाभ लेकर आगे सरकते गए। लेकिन भीड़ इतनी बढ़ गई कि पहले दिन बहुतों को शराब नहीं मिली। दुकाने बंद हो गई और पुलिस के डंडे ऊपर से पड़े। करोना काल में शराब का यह खेल बहुतों को रुलाया तो कइयों को हतप्रभ भी किया। 

Main
Points
दिल्ली में महँगी हुई शराब
दक्षिण भारत में शराब से हुई खूब कमाई
महाराष्ट्र सरकार का 2000 करोड़ की कमाई का लक्ष्य

शराबियों के खेल 

शाम होते होते हर शराबी के हलक में शराब की बूंदें गिरी। हलक के नीचे शराब जाते ही करोना के सारे दर्द ख़त्म हो गए। पिछले डेढ़ महीने से घर के भीतर हो रहे झंझट की यादें ख़त्म हुई। दिन भर की भागदौड़ ,लाठी डंडे की मार और पत्नी की डांट शराब के नशे में फुर्र हो गई। दिल्ली में पहली बार सरकार को भी लगा कि यह दिल्ली अब शराबी हो गई है और इस नशेड़ी जनता को भले ही कुछ ना मिले तो चलेगा ,शराब मिलती रहे तो सब ठीक है। जो शराब पर पावंदी लगाएगा उसकी सरकार चली जाएगी। सरकार को भी यह एहसास हो गया।

दूसरे दिन कई राज्यों की खबरे आई। शराब को लेकर कहाँ कहाँ किसने क्या किया ,किसने लाठियां खाई ,किसने घर में भोजन नहीं होने के बाद भी शराब के लिए पैसे के इंतजाम किये इसकी जानकारी थ्रिल पैदा कर रही थी। एक खबर यह भी आई कि कई राज्यों में शराब के लिए दो दो किलोमीटर तक लोग लाइन में खड़े रहे। महाराष्ट्र ,आंध्रा प्रदेश के शराब प्रेमी इस करना काल में भी शराब के लिए सुबह पांच बजे से ही लाइन में खड़े रहे। याद रहे जीवन के किसी भी संकट के लिए इतनी बेताबी कभी नहीं देखि गई।

मामला केवल पुरुषो तक ही सिमित नहीं रहा। कई ठेकों पर महिलाओं ने भी खूब हंगामा किया। महाराष्ट्र ,पंजाब ,आंध्रा और गोवा से खबरे आई कि बड़ी संख्या में महिलायें शराब पाने के लिए परेशान रही और कई दुकानों पर पुरुषों से आगे निकलती दिखी। नए नए शराब की लत पालने वाले छात्र =छात्रों ने भी इस मौके का  खूब फायदा उठाया। 

दिल्ली में महँगी हुई शराब 

शराबियों के आतंक को देखकर सरकार को भी आइडिया आया। सरकार के लोगों ने सोंचा कि दिल्ली में जब शराब जरुरी है और भोजन से ज्यादा जरुरी है तब इस पर टैक्स क्यों ना लगा दिया जाय .तुरंत कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में करोना के नाम से शराब पर टैक्स लगा दी गई। दिल्ली में अब शराब पर 70 फीसदी करोना टैक्स लाड दिया गया। उम्मीद है कि आर्थिक संकट से बेहाल दिल्ली सरकार को इस टैक्स से काफी लाभ होगा और शराब की दूकान पर अब भीड़ भी कम होगी। 

दक्षिण भारत में खूब कमाई 

उधर दक्षिण भारत से ख़बरें आई। कर्नाटक और आंध्रकप्रदेश में तो शराब कि रिकॉर्ड बिक्री दर्ज की गयी। इससे राज्यों को खूब कमाई भी हुई है। सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार कर्नाटक सरकार ने एक दिन में शराब बेचकर 45 करोड़ रुपये की कमाई की। जबकि आंध्र प्रदेश सरकार को शराब की बिक्री से 40 करोड़ रुपये की आमदनी हुई। उत्तर प्रदेश के शराब कारोबारियों की माने तो राज्य में एक ही दिन में 100 करोड़ रुपये की शराब की बिक्री हुई। बता दें कि राज्यों को शराब से काफी मुनाफा होता है। 

महाराष्ट्र ने रखा 2000 करोड़ का टागरेट

महाराष्ट्र के क्या कहने !शराब दुकान खुलने के बाद महाराष्ट्र में शराब दुकानों में भारी भीड़ उमड़ी। इस भीड़ को देखते हुए महाराष्ट्र आबकारी विभाग सिर्फ मई महीने में शराब की बिक्री से लगभग 2000 करोड़ रुपये की कमाई करने का लक्ष्य रखा है। आबकारी बिभाग के अधिकारी के मुताबिक महाराष्ट्र सरकार को शराब की बिक्री से हर दिन लगभग 100 करोड़ रुपये की आमदनी होगी। महाराष्ट्र सरकार को हर महीने शराब की बिक्री से 1500 करोड़ रुपए का राजस्व मिलता है।

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