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इस देश ने कराया कोरोना काल में चुनाव..क्या भारत भी अपनाएगा वही रणनीति?

कोरोना वायरस की वजह से विश्व में चुनावों पर असर पड़ा। इस बीच दक्षिण कोरिया ने सफलतापूर्वक चुनाव कराकर पूरी दुनिया को चौंका दिया है। भारतीय चुनाव आयोग भी कोरियाई मॉडल का अध्ययन कर रहा है।

Manmeet Singh
Manmeet Singh | 24 Apr, 2020 | 4:00 pm

कोरोना वायरस की वजह से दुनिया के तमाम देश एक मुश्किल वक्त से गुजर रहे हैं। ऐसे में एक खतरा विभिन्न देशों में होने वाले चुनाव पर भी मंडरा रहा है। इस घड़ी में चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न कराना एक चुनौतीपूर्ण कार्य है। ऐसे में ज्यादातर देशों ने अपने चुनाव टाल दिए हैं तो वहीं कुछ एहतियात के साथ इस प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं।

Main
Points
भारतीय चुनाव आयोग कर रहा है कोरियाई मॉडल का अध्ययन
कोरोना वायरस की वजह से दुनिया में चुनावों पर पड़ा हैं असर
भारतीय परिदृश्य को देखते हुए प्रावधान में होंगे बदलाव
सहभागी और स्वास्थ्यकर्मियों के सलाह के बाद उठाए जाएंगे कदम

दक्षिण कोरिया ने कराए चुनाव

कोरोना वायरस महामारी के बीच चुनाव कराने वाला दक्षिण कोरिया पहला देश था। 300 सीट वाली असेंबली के चुनाव में सत्ताधारी पार्टी को 163 सीटों पर जीत हासिल हुई थी। चुनाव के दरमियान दक्षिण कोरिया ने शक्ति से हर एहतियात और नियमों का पालन किया था। सामाजिक दूरी का पूरा ख्याल रखा गया था। कोरिया में हुए संसदीय चुनाव में लोगों ने मास्क और दस्ताने पहनकर मतदान किए थे। कोरोना वायरस के मद्देनजर देश में चुनाव को टालने की मांग हो रही थी जिसे तत्कालीन सरकार ने ठुकरा दिया था।

अमेरिकी चुनाव पर प्रभाव

कोरोना वायरस की वजह से अमेरिका में होने वाले चुनाव पर  भी प्रभाव पड़ा है। ओहायो, पेंसिलवेनिया, लूसियाना, और अलास्का सहित अमेरिका के 16 राज्यों ने चुनाव की तारीखों को आगे बढ़ा दिया है। वर्तमान हालात को देखते हुए उन्होंने ईमेल के जरिए भी मतदान का रास्ता अख्तियार किया है। वही विस्कॉन्सिन एरीजोना और फ्लोरिडा जैसे राज्यों ने तय समय पर चुनाव करवाए। हालांकि अमेरिका में होने वाले आगामी राष्ट्रपति चुनाव पर संशय के बादल मंडरा रहे हैं।

श्रीलंका में चुनाव की तारीख टली

श्रीलंका ने आगामी होने वाले चुनाव की तारीखों को कोरोना वायरस की स्थिति के मद्देनजर आगे बढ़ा दिया है। श्रीलंका के वर्तमान राष्ट्रपति गोटबया राजपक्षे ने 2 मार्च को संसद भंग कर दी थी और और 25 अप्रैल को मध्यावधि चुनाव कराने की घोषणा की थी। लेकिन बाद में एक सरकारी आदेश जारी कर चुनाव को 20 जून तक के लिए टाल दिया गया।

भारत में भी चुनाव पर असर

कोरोना वायरस के मद्देनजर चुनाव आयोग ने पहले ही 18 राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव की तारीखों को आगे बढ़ा दिया था। इसमें गुजरात और आंध्र प्रदेश की 4-4 सीटें मध्य प्रदेश और राजस्थान की 3-3 सीटें झारखंड की दो सीटें और मणिपुर की एक सीट शामिल है। इस सिलसिले में कई राज्यों के विधान परिषद चुनाव भी लंबित हैं और नवंबर के महीने में बिहार में विधानसभा के चुनाव भी होने हैं। ऐसे में अब भारतीय निर्वाचन आयोग को यह तय करना है इस महामारी के दौरान चुनाव समय पर कैसे पूरे होंगे।

कोरियाई मॉडल का अध्ययन कर रहा है भारतीय चुनाव आयोग

कोरोना वायरस की वजह से देश में होने वाले चुनाव पर भी असर पड़ा है। इससे निपटने के लिए चुनाव आयोग ने दक्षिण कोरिया के मॉडल का अध्ययन शुरू कर दिया है। दक्षिण कोरिया ऐसा पहला देश है जिसने कोरोना वायरस के दौरान संसदीय चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न कराए हैं। चुनाव आयुक्त अशोक लवासा ने बताया कि चुनाव के दौरान दक्षिण कोरिया में किए गए प्रक्रिया में बदलाव का अध्ययन इलेक्शन कमीशन कर रहा है। आयोग ने आगे कहा की चुनाव प्रक्रिया में संशोधन भारतीय माहौल को ध्यान में रखकर किया जाएगा। आगे का फैसला सहकर्मियों और स्वास्थ्य कर्मचारियों के सुझाव के बाद ही लिया जाएगा। वर्तमान परिदृश्य को देखते हुए भारतीय चुनाव पर इसका क्या और कितना प्रभाव पड़ेगा इस पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है।

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Corona   |  southkorea   |  ECI   |  USA   |  srilanka

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