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एथिकल हैकर ने आरोग्य सेतु एप को बताया 9 करोड़ लोगों की सुरक्षा पर खतरा

फ्रेंच हैकर राबर्ट बैपटिस्टे ने आरोग्य सेतु एप में डेटा सिक्योरिटी को लेकर प्रश्न खड़े करते हुए सरकार को चैलेंज किया, सरकार ने भी इस एप में लोगों की डेटा सुरक्षा को लेकर भरोसा दिलाया

Archna Jha
Archna Jha | 06 May, 2020 | 1:59 pm

हाल ही में भारत सरकार ने कोरोना संक्रमितों को ट्रेस कर बाकी लोगों को इस महामारी से बचाने के उद्देश्य से आरोग्य सेतु  एप लॉच किया था। जिसकी सराहना वर्ल्ड बैंक ने भी की थी। लेकिन अब आरोग्य सेतु एप के बारे में एक चौंका देने वाली बात सामने आ रही है। दरअसल एक फ्रेंच हैकर राबर्ट बैपटिस्टे का यह दावा है कि आरोग्य सेतु एप मे लोगों के इस्तेमाल किये जा रहे डेटा सेफ्टी को लेकर खतरा है। इतना ही नही अपने इस तर्क को लेकर उसने भारतीय सरकार को चैलेंज भी किया।

Main
Points
आरोग्य सेतु एप से 9 करोड़ लोगों के डेटा को ख़तरा: फ्रेंच हैकर
सरकार ने कहा हमने सभी तथ्यों को ध्यान में रखकर बनाया है आरोग्य सेतु एप
इससे पहले राबर्ट बैपटिस्टे आधार लीक के बारे में भी बता चुके हैं

आरोग्य सेतु एप को लेकर क्या कहना है फ्रेंच हैकर का

हैकर ने ट्विटर के ज़रिये बताया कि- “आरोग्य सेतु एप में सिक्योरिटी के इश्यू है, जिससे 9 करोड़ लोगों की प्राइवेसी को खतरा हो सकता है” इस बारे में आरोग्य सेतु एप टीम को सचेत करते हुए हैकर ने टीम से बात करने का प्रस्ताव भी रखा। कुछ दिन पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोग्य सेतु एप में डेटा सुरक्षा को लेकर उठाए जाने वाले मुद्दे को भी हैकर ने सही ठहराया। इस ट्वीट के एक घंटे बाद राबर्ट ने फिर से ट्वीट करते हुए कहा कि  “आरोग्य सेतु एप को लेकर किये गए मेरे ट्वीट के 49 मिनट बाद मिनिस्ट्री ऑफ इलैक्ट्रनिक्स् एंड इनफार्मेशन टेक्नोलोजी, कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम(CERT) और नेशनल इनफार्मेटिक सेंटर( NIC) ने मुझसे संपर्क किया है  और मैने उन्हे आरोग्य सेतु एप की इस खामी के बारे में बताया है।“ ऐसे में सोचनीय विषय यह है कि CERT और  NIC दोनों ही भारत सरकार की संस्था हैं, बता दे कि आरोग्य सेतु एप को NIC ने ही बनाया है।

सरकार का इस बारे में क्या कहना है

राबर्ट बैपटिस्टे के उठए गए मुद्दे जैसे एप कुछ मौकों पर यूज़र्स् की लोकेशन फेच कर सकता है साथ ही, यूज़र अपना रेडियस और लेटिट्यूट-लांगिट्यूट बदलकर होम स्क्रीन पर कोरोना के आंकड़े देख सकता है पर सरकार का कहना है कि- “हमने एप का डिज़ाइन ऐसा बनाया है कि यूज़र की लोकेशन सर्वर पर एनक्रिप्टिड और सुरक्षित तरीके से स्टोर की जाती है। हमने इस बारे में प्राइवेसी पॉलिसी में डिटेलस् भी बताई हैं। दूसरी बात, क्योंकि रेडियस के पैरामीटर फिक्स हैं। यूज़र एक से ज़्यादा लोकेशन के डेटा देखने के लिए लैटिट्यूड-लांगिट्यूड चेंज कर सकता है। सभी लोकेशन के लिए यह जानकारी सार्वजनिक है, इससे किसी की भी निजी जानकारी को कोई हानि नही पहुंच सकती।”

कौन हैं राबर्ट बैपटिस्टे

राबर्ट बैपटिस्टे एक एथिकल हैकर हैं जिन्होने आधार लीक के बारे में भी सचेत किया था, इसके अलावा भी दुनिया भर के कईं डेटा लीक्स का ये खुलासा कर चुके हैं। एथिकल हैकर के बारे में बताते हुए भारतीय हैकर का कहना है कि-“भले ही हैकिंग को अभी तक भी एक नेगेटिव टैग मिला हुआ हो लेकिन अब इसका इस्तेमाल डेटा सिक्योरिटी के लिए ज़्यादा हो रहा है। वर्तमान में कंपनियां हैकिंग में ट्रेंड लोगों को अपनी कंपनी में नौकरी दे रही है जिससे कि कोई व्यक्ति किन-किन तरीकों से डेटा हैक कर सकता है यह पता रहे और ज्यादा बेहतर तरीके से डेटा सिक्योरिटी में मदद मिल सके।”

Tags:
Arogya Setu   |  app   |  french   |  hacker   |  privacy   |  challenge

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