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एप्पल, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट जैसी कंपनियां करेंगी चाइना से पलायन

अमेरिकी टैक- कंपनियां चीन से दूर हो वियतनाम और ताइवान पर हुई मेहरबान, क्या ये देश बरकरार रख सकेंगे इन कंपनियों की मौजूदा ऊंचाइयों को

Archna Jha
Archna Jha | 24 Apr, 2020 | 4:20 pm

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बेशक ही, आज दुनिया को कोरोना जैसी महामारी में झोकनें वाला देश चीन है, लेकिन इस सच्चाई को भी कतई अनदेखा नही किया जा सकता कि दुनियाभर की तमाम बड़ी कंपनियों को वैश्विक बाज़ार देने वाला देश भी चीन ही है। दिसबंर 2019 के डाटा के मुताबिक, तकनीक आधारित कंपनियों के क्षेत्र में दुनिया में सबसे अधिक उत्पादन(28.4%) करने वाला देश चीन ही है। यहां तक कि, अमेरिकन कंपनीज़ एपल, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी कंपनियाँ भी अपने उत्पादों की प्रोडेक्शन के लिए चीन का मुंह देखती हैं। लेकिन कोरोना महामारी और अनछुपी अमेरिका- चीन ट्रैडवार के चलते लगभग सभी कंपनियों ने चीन पर निर्भरता कम करने और प्रोडेक्शन को हटाने के लिए वैकल्पिक आर्थिक रास्ते तलाशने शुरु कर दिए हैं।

Main
Points
कोरोना महामारी के चलते अमेरिकी टैक- कंपनियों ने लिया चीन से दूर होने का फैसला
जापान, दक्षिणी- कोरिया की कॉम्पनियाँ भी चलीं इसी राह पर
ताईवान, वियतनाम, थाईलैंड़ जैसे देशों में शिफ्ट कर सकती हैं अपनी उत्पादन श्रेणियाँ
चीन से कटकर कच्चे माल, आटो-पार्टस, लेबर की प्राप्ति बढ़ा सकती हैं भविष्य में इन देशों की मुश्किलें
चीन इतनी आसानी से नही छोड़ेगा इन कंपनियों पर से अपनी पकड़

कंपनियों के इस निर्णय का किन देशों को मिल सकता है लाभ

गूगल और माइक्रोसॉफ्ट PIXAL PHONE और  PERSONAL COMPUTERS जैसे उत्पादों को बनाने के लिए थाईलैंड़ और वियतनाम  का रुख करने का विचार कर रही हैं। मीडिया रिपोर्टस् के मुताबिक गूगल ने NEST WI-FI internet router  के लिए ताईवान को अपना नया बसेरा बनाया है। वहीं माइक्रोसॉफ्ट ने SURFACE- PRO और SURFACE TABLETS के लिए वियतनाम का रास्ता अपनाया है। दूसरी ओर, एपल ने भी AIRPOD  के लिए वियतनाम और दक्षिण-पश्चिम एशिया को चुना है। निकायी एशियन रिपोर्ट के अनुसार- साउथ-कोरिया की कंपनी SAMSANG  ने वियतनाम में शिफ्ट होने का मन बना लिया है। अब दक्षिणी-कोरिया और जापान भी अपनी कंपनियों को चीन से हटाकर दूसरे देशों में स्थापित करने का विचार कर रहे हैं।

इस फैसले के बाद क्या सच में चीन पर निर्भरता कम हो जाएगी

वर्तमान में चीनी उत्पादों जैसे- इलैक्ट्रानिक मशीनरी, मोबाइल-पार्टस्, ऑटो-पार्टस्, ऑरगेनिक कैमिकल से लेकर दवाँईयों तक के क्षेत्र में चीनी बाज़ार ने वैश्विक बाज़ार पर कब्ज़ा किया हुआ है। ऐसे में, कोविड-19 के चलते भले ही कंपनियों ने चीन से स्थानांतरण की बात सोची हो, लेकिन इन सामानों की ज़रुरत के चलते चीन से अपनी निर्भरता हटाना इन देशों के लिए क्या इतना आसान होगा, क्योकिं पिछले 30 सालों से चीन इन सभी देशों को वैश्विक बाज़ार, उत्पादन चेन, इस क्षेत्र में कुशल-कारीगर देने में लगा हुआ है ऐसे में क्या चीन इन तमाम कंपनियों पर अपनी पकड़ इतनी आसानी से छोड़ देगा ? दूसरी बात, यदि एपल, गूगल, माइक्रोसॉफ्ट  अपनी यूनिट चीन से निकाल भी लेती हैं तो क्या इन उत्पादों में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल की कंपनियाँ भी आसानी से खुद को चीन से दूर कर लेगीं ? प्रश्न कठिन हैं पर सच हैं

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Covid 19   |  america   |  google   |  apple   |  microsoft   |  China   |  decidetomove

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