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फ्री में कोरोना टेस्ट करने के लिए सरकार ने किससे लगाई गुहार?


Parliamentary Business Team
Parliamentary Business Team | 26 Mar, 2020 | 12:00 am

कोरोना टेस्टिंग को लेकर भारत सरकार की ओर से थोड़ी राहत दिलाने वाली खबर सामने आई है, बुधवार को स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रेस कांफ्रेंस कर जानकारी साझा करते हुए बताया कि कुल 148 लैब को मंजूरी दी गई है जिसमें से केंद्र सरकार के 119 तथा निजी 29 लैब शामिल हैं।अब 12000 टेस्ट रोजाना किया जा सकता है, जिनमें निजी लैब अपने 16000 कलेक्शन सेंटर के साथ काम करेंगे। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने यह भी कहा कि ये सैंपल कलेक्शन आईसीएमआर के गाइडलाइन के मुताबिक किया जा रहा है।

गौरतलब है कि अभी तक देश में सिर्फ 119 सरकारी लैब में ही कोरोना का टेस्ट होता था, लेकिन मंगलवार को भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने प्राइवेट लैब को भी कोरोना वायरस की जांच की मंजूरी दे दी । देश में कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच ऐसा फैसला लिया गया ।आईसीएमआर ने शर्तों के साथ यह मंजूरी दी है, आईसीएमआर के निर्देशों के तहत प्राइवेट लैब में कोरोना की जांच अधिकतम 4500 रुपये में होगी, जिसमें संक्रमित संदिग्‍ध मामलों में स्‍क्रीनिंग टेस्‍ट के लिए अधिकतम 1,500 तथा कन्‍फर्मेशन टेस्‍ट के लिए अतिरिक्‍त 3,000 रुपये ही देने होंगे। आसीएमआर ने निजी लैब को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि वे सिर्फ डॉक्टर की सलाह पर ही कोरोना का टेस्ट करें। आसीएमआर ने गुहार लगाते हुए यह भी कहा है कि हो सके तो निजी लैब मुफ्त में ही कोरोना का टेस्ट करें।

Main
Points
कुल 148 लैब को मंजूरी दी गई है जिसमें से केंद्र सरकार के 119 तथा निजी 29 लैब शामिल हैं
अब 12000 टेस्ट रोजाना किया जा सकता है
प्राइवेट लैब में कोरोना की जांच अधिकतम 4500 रुपये में होगी
संक्रमित संदिग्‍ध मामलों में स्‍क्रीनिंग टेस्‍ट के लिए अधिकतम 1,500 तथा कन्‍फर्मेशन टेस्‍ट के लिए अतिरिक्‍त 3,000 रुपये ही देने होंगे
मायलैब ने एक सप्ताह में 1 लाख किट तैयार करने का किया वादा

बता दें कि इससे पहले  भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने कोरोना वायरस के टेस्ट के लिए भारत निर्मित पहली टेस्ट किट को भी मंजूरी दी थी। दक्षिण कोरिया और सिंगापुर जैसे देश भारत से आगे हैं जिन्होंने कोरोना वायरस के मामलों को टेस्ट किट की मदद से पहचान करने और रोकने में सफलता हासिल की है लेकिन अब ये किट भारत में भी बन सकेगी । पुणे की फर्म मायलैब को इसकी जिम्मेदारी सौंपी गई है। मायलैब ने एक सप्ताह में 1 लाख किट तैयार करने का वादा भी किया है।

हालात को मद्देनजर रखते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि “किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें, सरकार कोरोना टेस्टिंग के लिए उचित कदम लगातार उठा रही है तथा जो लोग हाइड्रो क्लोरोक्वीन नामक दवा का इस्तेमाल कर रहे उसे तुरंत बंद कर दें, इस दवा के इस्तेमाल से साइड इफेक्ट होता है, हमनें किसी को भी ये दवा नहीं लेने को कहा है।” बता दें कि ये दवा सिर्फ उनके लिए है जो चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े हैं।

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