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मृतक के अवशेष को भारत लाने पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किए दिशा-निर्देश

कोरोना संक्रमण के दौरान यदि किसी व्यक्ति की मौत हो जाती है और उसके अवशेष को भारत लाया जाता है इस संदर्भ में स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। हवाई अड्डे पर मौजूद स्वास्थ्य अधिकारी मृत्यु प्रमाण पत्र सहित तमाम दस्तावेजों की जांच करेगा।

Manmeet Singh
Manmeet Singh | 22 Apr, 2020 | 3:01 pm

यदि किसी व्यक्ति की विदेश में कोरोना वायरस की वजह से मौत हो गई है तो उसके पार्थिव शरीर या अवशेषों को भारत लाने की स्वास्थ्य मंत्रालय ने सलाह नहीं दी है। इसके बावजूद यदि किसी परिस्थिति में मृतक के अवशेष भारत लाए जाते हैं तो इससे संबंधित स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके अनुसार जैसे ही अवशेष भारतीय हवाई अड्डे पर आते हैं संबंधित स्वास्थ्य अधिकारी दिशा-निर्देशों के तहत कार्यवाही करेगा।

Main
Points
मृतक के अवशेष भारत लाने पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी किए दिशा- निर्देश
स्वास्थ्य अधिकारी करेगा मृत्यु प्रमाण पत्र और अनापत्ति प्रमाण पत्र की जांच
ताबूत की पैकेजिंग की भी होगी जांच
विमानन कंपनी को यात्रियों की सूची सौपनी होगी स्वास्थ्य अधिकारी को

दस्तावेज की जांच

यदि किसी ऐसे व्यक्ति के अवशेष  भारतीय हवाई अड्डे पर लाए जाते हैं जिसकी मौत कोरोना वायरस की वजह से हुई हो या ऐसा संदेह हो  तो इस सूरत में  हवाई अड्डे पर मौजूद स्वास्थ्य अधिकारी सबसे पहले मृतक के मृत्यु प्रमाण पत्र की जांच करेगा जिसमें मौत के कारण  का उल्लेख हो। उसके बाद वह भारतीय उच्चायोग द्वारा जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र की भी जांच करेगा।

पैकेजिंग की भी होगी जांच

विमानन कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि जिन ताबूतों में अवशेष को लाया गया है उनकी पैकेजिंग अच्छे तरीके से हो। उसमें किसी भी प्रकार की कोई क्षति ना हो। स्वास्थ्य अधिकारी भारतीय विमानन नियमावली 1954 के तहत दस्तावेज के साथ-साथ पैकेजिंग का भी सत्यापन करेगा।

यदि पैकेजिंग या ताबूत को किसी भी तरह की क्षति पहुंची है तो ऐसी सूरत में हैंडलर पूर्ण पीपीई का उपयोग करेंगे, अंतिम दफन के लिए संबंधित प्राधिकरण को मानव अवशेषों से पहले शरीर / शरीर के तरल पदार्थ के साथ किसी भी संपर्क से बचाने के लिए प्लास्टिक की चादर में ताबूत को कवर करेंगे।

अवशेषों को संभालने वाले कर्मियों को व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन करना होगा और COVID -19 के लिए अन्य सुरक्षात्मक उपायों का पालन करना होगा, जैसे कि साबुन और पानी से हाथ धोना ताकि वे प्रक्रिया के दौरान संरक्षित रहें। हैंडलर की 28 दिनों तक निगरानी की जाएगी और नामित वाहन को कीटाणुरहित किया जाएगा।

यदि हवाई जहाज में किसी की मौत हो जाए

कोरोना संक्रमण के दौरान यदि किसी यात्री की मौत हवाई जहाज में यात्रा के दौरान हो जाए तो जब तक उसके मौत का कारण साबित नहीं हो जाता, मौत की वजह कोरोना संक्रमण ही मानी जाएगी। पायलट को यात्री की मौत की सूचना फौरन हवाई अड्डे  पर मौजूद स्वास्थ्य अधिकारी को देनी होगी और हवाई जहाज के कर्मचारी पार्थिव शरीर को कंबल या किसी शीट में फौरन ढककर अन्य यात्रियों से अलग करेंगे।

यदि विमान को 8 घंटे से अधिक  यात्रा करना बाकी है तो पायलट को नजदीकी हवाई अड्डे पर फौरन उतरने की इजाजत लेनी होगी तत्पश्चात विमानन कंपनी को यात्रियों की सूची स्वास्थ्य अधिकारी को देनी होगी जिससे आईडीएसपी 28 दिन तक उनकी निगरानी कर सके। बाद में हवाई जहाज सहित शव वाहिनी को भी निर्धारित नियमों के तहत सैनिटाइज किया जाएगा।

Tags:
Corona   |  Covid-19   |  MoHFW   |  guideline

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