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ज़ूम एप क्यों बना निजी जानकारियों के लिए बड़ा खतरा!

ज़ूम एप के माध्यम से की गयी मीटिंगें सुरक्षा के सवालों पर घिरी, 1 अप्रैल को खुद रक्षा मंत्री ने सेना प्रमुखों से की थी ज़ूम एप से वार्ता

Archna Jha
Archna Jha | 18 Apr, 2020 | 12:27 pm

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भारत में लॉकडाउन के चलते सभी कपंनियां और सरकारी मंत्रालय घरों से ही वीडियो कॉन्फ्रैसिंग के ज़रिये काम कर रहे हैं। जिसके लिए ज़ूम, स्काइप, गूगल हैंग आउट और वाट्सअप जैसे कॉन्फ्रैसिंग एपस् का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन 16 मार्च को इन एप की प्राइवेसी और सिक्योरिटी पर चिंता व्यक्त करते हुए गृह मंत्रालय ने एक एडवाइजरी जारी की जिसमें कहा गया कि - “यह एप सुरक्षित नही हैं और इनका इस्तेमाल किसी भी सरकारी मीटिंग के लिए नही किया जाएगा।” जिसमें अन्य यूज़र्स को भी मीटिंगों की सुरक्षा के चलते सलाह देते हुए गृह मंत्रालय ने कहा- “यदि एप का यूज़ कर भी रहे हैं तो हर मीटिंग के लिए नई यूज़र आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल करें, वेटिंग रुम फीचर को एनेबल करे, ज्वाइन ऑप्शन को डिसएबल करें ताकि कोई भी यूज़र तभी शामिल हो जब कॉन्फ्रैंस करने वाला अनुमति दे। स्क्रीन शेयरिंग ऑप्शन केवल होस्ट के पास हो और फाइल ट्रांसफऱ के ऑप्शन का कम से कम इस्तेमाल करे।” विशेषकर सरकारी मंत्रालयों में इन सभी एप में सबसे ज्यादा इस्तेमाल ज़ूम एप का किया जा रहा है।

Main
Points
गृह मंत्रालय ने ज़ूम की प्राइवेसी पर चिन्ता जताते हुए एडवाइजरी जारी की
वीडियो कॉन्फ्रैसिंग में यूज़ हो रहे ज़ूम एप ने बढ़ाई प्राईवेसी सबंधी परेशानियाँ
सरकारी और निजी कार्यालयों से डाटा चोरी कर बेचा जा रहा सस्ते दामों में
डाटा हैकिंग बकायदा पासवर्ड और आईडी के ज़रिये हो रही है
अमेरिका, व्रिटेन, जर्मनी, सिंगापुर में लगाया गया ज़ूम एप पर बैन

ज़ूम एप पर सवाल क्यों

हाल ही में भारत में साइबर सिक्योरिटी एजेंसी कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम (सीईआईआरटीएन) ने ज़ूम एप के इस्तेमाल को असुरक्षित बताते हुए कहा है- “इस एप के जरिये पर्सनल डाटा आसानी से चोरी किया जा सकता है। वीडियो कॉलिंग भी हैक की जा सकती है।  ये एप एंड टू एंड एनक्रिप्टिड नही है यानि मैसेज भेजने वाले और मैसेज पढ़ने वाले के अलावा तीसरा इंसान भी इसे आसानी से हैक कर गुप्त डाटा ले सकता है।” इतना ही नही एक विदेशी हैकर ने यहां तक बताया कि इस एप के ज़रिये यूज़र का वेबकैम और माइक्रोफोन तक हैक किया जा सकता है।

क्या होते हैं वीडियो कॉन्फ्रैंसिंग एपस्

दरअसल इन एप के ज़रिये सभी यूज़र्स अलग-अलग लोकेशन पर होते हुए भी केवल ऑडियो या केवल वीडियो या दोनों तरह से ही एक- दूसरे से बात कर सकते हैं। हर एप की अपनी यह खास बात होती है कि एक बार में एकसाथ कितने लोग जुड़ सकते हैं, जैसे वाट्सअप के ज़रिये एकबार में 4 लोगों, स्काइप एप के ज़रिये एकबार में 50 लोग, गूगल हैंग आउट के ज़रिये एकबार में 50 लोग और जूम वीडियो कॉन्फ्रैंसिंग एप के ज़रिये एकबार में सौ लोग के साथ 40 मिनट तक जुड़ सकते हैं। वर्तमान में वर्क फ्रॉम होम के दौरान ज़ूम वीडियो कॉलिंग एप का इस्तेमाल सबसे अधिक हो रहा है। इसके अलावा स्कूल-कालेजों मे पढ़ाई भी इसी एप के ज़रिये हो रही है।

भारत में ज़ूम एप का इस्तेमाल कहां हुआ

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने एक अप्रैल को ज़ूम एप से ही चीफ ऑफ   डिफेन्स स्टाफ जनरल विपिन रावत के अलावा आर्मी, नेवी और एयरफोर्स के चीफ से मीटिंग की थी। इसके अलावा उघोग मंत्री पीयूष गोयल ने भी इसी एप का इस्तेमाल किया था। यहाँ तक कि भाजपा और कांग्रेस इस एप का अधिकतर यूज करते हुए कार्यकर्ताओं और नेताओं से बातचीत कर रहे हैं। कुछ राजनैतिक दल तो प्रेस कांफ्रेस भी इसी एप के माध्यम से कर रहे हैं। क्योंकि भारत में अभी लॉकडाउन की स्थिति है ऐसे में इस एप का इस्तेमाल कईं नेताओं ने व्यक्तिगत यूज के लिए भी किया है। आज जब एप की प्राइवेसी पर सवाल उठाए जा रहे हैं तब सबको सुरक्षा की चिंता सता रही है।

विदेशों में लगा ज़ूम एप पर बैन

अमेरिका में इस एप पर यह कहते हुए मुकदमा दायर किया गया है कि इसका डाटा फेसबुक पर शेयर किया जा रहा है, साथ ही यूज़र के वेबकैम तक को हैक कर लिया गया है। जर्मनी के विदेश मंत्रालय ने भी ज़ूम पर प्रतिबंध लगा दिया है। सर्च इंजन गूगल ने भी इसको बैन किया हुआ है। सिंगापुर में भी अध्यापकों के लिए इस एप के यूज़ पर पाबंदी है। इतना ही नही ब्रिटेन में कैबिनेट की मीटिंग हुई थी जो कुछ ही मिनटों मे इंटरनेट पर आकर वायरल हो गई। 

ऐसे में सवाल ये उठता है कि रोज़ नये आयाम हासिल करती तकनीक  असल में इंसान के लिए कितनी सुरक्षित है, जहां कि न केवल गुप्त रखी जाने वाली बातें हैक हो सकती हैं बल्कि मामूली कीमतों पर दुनिया के सामने आ सकती हैं। ब्लीचिंग कंम्प्यूटर के मुताबिक- ज़ूम के पाँच  लाख अकाउंट को हैक कर उनका निजी डाटा डार्क वेब पर मामूली कीमत में बेचा गया, इतना ही नही ये हैकिंग बकायदा पासवर्ड ओर आईडी के ज़रिये हुई।

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