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गृह मंत्रालय ने जगाई प्रवासियों में घर वापसी की उम्मीद

लॉकडाउन के चलते देश के विभिन्न राज्यों में फंसे लोगों की वापसी करवाने के लिए गृह मंत्रालय ने 8 प्वाइंट्स की एडवाइज़री जारी की है

Archna Jha
Archna Jha | 30 Apr, 2020 | 11:44 am

कोविड-19 महामारी के चलते देश के प्रधानमंत्री मोदी ने पहले 24 मार्च से 21 दिनों के लिए लॉकडाउन घोषित किया जो 15 अप्रैल को ख़त्म होने वाला था  लेकिन कोरोना के लगातार बढ़ते संक्रमण के मद्देनज़र इसे 3 मई तक फिर से बढ़ा दिया गया है । 2 बार हुए लॉकडाउन का परिणाम यह हुआ कि देश के विभिन्न भागों में फंसे हुए कामगार, टूरिस्ट, श्रृध्दालु और विघार्थी अपने आजीविका कमाने और पढ़ाई के लिए जिन जगहों पर गए थे वह लोग वहीं फंस कर रह गए हैं। ऐसे में न तो उन्हे लॉकडाउन के चलते उन राज्यों में काम ही मिल रहा है और न वे आपदा के इन क्षणों में अपने परिवार के साथ ही हैं।

Main
Points
लॉकडाउन के 35 दिनों बाद प्रवासियों को गृह मंत्रालय की तरफ से बड़ी राहत
फंसे हुए कामगार, छात्र, पर्यटक और श्रृध्दालु कर सकेंगें घर वापसी
फंसे हुए हर व्यक्ति की करनी होगी स्क्रीनिंग: गृह मंत्रालय
प्रवासियों की उनके घर पहुंचने के बाद भी करनी होगी जाँच: गृह मंत्रालय
संक्रमित होने के परिणाम के चलते करना होगा होम क्वैरांटीन: गृह मंत्रालय

इस संदर्भ में केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने क्या निर्णय लिया है 

लॉकडाउन की वजह से अन्य राज्यों में फंसे मजदूरों, छात्रों, पर्यटकों और श्रृध्दालुओं के लिए 29 अप्रैल को केन्द्रीय गृह मंत्रालय की ओर से एक बड़ी राहत की ख़बर आई है। जिसके चलते सरकार ने कहा है कि-“देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे हुए प्रवासी मज़दूर, छात्र, पर्यटक और श्रृध्दालु अपने घरों को जा सकते हैं। इसके लिए राज्य सरकारें बसों का इंतज़ाम करेंगी।“ इस बारे में गृह मंत्रालय ने 6 प्वाइंट्स की गाइडलाइन राज्यों को भेजी है, जिसमें बताया गया है कि कैसे राज्य सरकारें लॉकडाउन में फंसे इन लोगों को उनके घर तक पहुचाने का काम कर सकती हैं।

मंत्रालय की पेश की गई गाइडलाइन्स क्या हैं 

सभी राज्य और केन्द्र शासित प्रदेश मजदूरों, छात्रों और पर्यटकों को घर भेजने के लिए नोडल अथॉरिटी बनाएंगें. यही अथॉरिटी अन्य राज्य सरकारों के साथ बातचीत करके फंसे हुए लोगों को वापस उनके राज्य भेजने और अपने राज्य के लोगों को वापस बुलाने का काम करेंगी और यह अथॉरिटी की ही जिम्मेदारी होगी कि वह फंसे हुए लोगों का रजिस्ट्रेशन कराए।

फंसे हुए हर एक व्यक्ति की बकायदा स्क्रीनिंग होगी, भले ही वे कोरोना ASYMPTOMATIC  हों, ऐसे में बगैर लक्षण वाले को ही यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी।

जिस बस से लोगों को ले जाने की व्यवस्था की जाएगी उन बसों को पूरी तरह से सैनेटाइज़ करते हुए यात्रियों के बीच पूरी तरह से सोशल डिस्टैन्सिंग का पालन करना होगा।राज्य सरकारें फंसे हुए लोगों को उनके घर भेजने के लिए स्वंय रुट तय करेंगी।

इन रुटों के बीच पड़ने वाले राज्यों को भी यात्रियों को जाने की अनुमति देनी होगी।

अपने गन्तव्य पर पहुचनें के बाद वहां की हेल्थ अथॉरिटी इन लोगों की जांच करेगीं, जिसके बाद व्यक्ति में संक्रमण कम या ज़्यादा होने की स्थिति के अनुसार उनकों आइसोलेशन या 14 दिन के होम क्वैरांटीन में रखा जाएगा। इतना ही नही, इनके पेरिऑडिक चेकअपस् भी होगें।

ऐसे लोगो को आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करने एंव उसको हमेशा ऑन रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि उन्हे ट्रेस किया जा सके।

लॉकडाउन में फंसे 10 लाख से ज़्यादा मजदूरों, छात्रो, पर्यटकों और श्रृधदालुओं को बेशक ही सरकार के इस फैसले से एक बड़ी राहत मिलेगी।

Tags:
Covid 19   |  MHA   |  advisory   |  strande   |  dpeople

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