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कोरोना से लड़ने के लिए जानिए किन देशों को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन टेबलेट देगा भारत?

भारत HCQ का निर्यात निजी कंपनियों को नहीं बल्कि विदेशी सरकारों को अपने घरेलु जरुरत से 3 गुणा ज्यादा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन स्टॉक रख कर ही अन्य देशों को दवा भेजेगा|

Riya Rai
Riya Rai | 12 Apr, 2020 | 11:41 am

कोरोना वायरस का कहर आज दुनिया के सभी देश झेल रहे हैं। इस कोरोना वायरस को रोकना इसलिए मुश्किल साबित हो रहा है क्योंकि अमेरिका हो या इटली या स्पेन दुनिया के किसी देश के पास इस वायरस का कोई तोड़ नहीं है न कोई ठोस इलाज है। ऐसे समय में दुनिया के कई देशों ने भारत से करीब 15 करोड़ HCQ टेबलेट्स की मांग की है, क्योंकि पूरी दुनिया में भारत ही हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन का सबसे बड़ा निर्माता और निर्यातक है।

Main
Points
इन 13 देशों को करीब 15 करोड़ HCQ टेबलेट्स देगा भारत
दुनियभर में HCQ का सबसे बड़ा निर्माता और निर्यातक है भारत
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक भारत के पास जरुरत से 3 गुणा ज्यादा है HCQ टेबलेट्स

जानकारी के मुताबिक भारत ने जिन 13 देशों को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के टेबलेट्स देने का फैसला किया है उनमें अमेरिका, स्पेन, जर्मनी, बहरीन, ब्राजील, नेपाल, भूटान, अफगानिस्तान, मालदीव, बांग्लादेश, सेशल्स, मॉरिशस और डोमिनिकन गणराज्य के नाम शामिल हैं।

किन देशों को HCQ के कितने टेबलेट्स देगा भारत

जानकारी के मुताबिक अमेरिका को भारत HCQ की 35.82 लाख टेबलेट्स देगा। कोरोना वायरस ने सबसे ज्यादा तबाही अमेरिका में ही मचा रखी है। इस वायरस से यहाँ के करीब 5 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं और 18758 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। वहीँ जर्मनी को 50 लाख HCQ टेबलेट्स, ब्राजील को 50 लाख,नेपाल को 10 लाख, भूटान को 2 लाख, अफगानिस्तान को 5 लाख, बांग्लादेश को 20 लाख HCQ टेबलेट्स निर्यात करेगा।

इन तेरह देशों में कोरोना वायरस से मौत और संक्रमण के संख्या की बात करें तो सबसे ज्यादा 5 लाख से ज्यादा लोग अमेरिका में क्रोना वायरस से संक्रमित हुए है और करीब 18758  से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 29 हजार लोग ठीक भी हो चुके हैं। स्पेन में संक्रमित लोगों की संख्या करीब 158273 है, मारने वालों की संख्या 16081 और ठीक हुए लोगों की संख्या 55668 है। जर्मनी में 122171 लोग कोरोना से संक्रमित हैं और करीब 2736 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 53913 लोग ठीक हो चुके हैं। बहरीन में 998 संक्रमित लोगों में से 551 लोग ठीक हो चुके है और करीब 46 लोगों की मौत हो चुकी है, ब्राजील में करीब 19943 संक्रमित लोगों में से 1074 लोगों की मौत हो चुकी है और केवल 173 लोग ठीक हुए हैं, वही नेपाल में 9 लोग संक्रमित हैं जिनमे से एक व्यकित ठीक होने की जानकारी है। भूटान में 5 संक्रमित मामले में से 2 लोग ठीक हो चुके है और शुन्य मौत है। अफगानिस्तान में कुल 521 लोग संक्रमित हा जिम से 15 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 32 लोग ठीक हो गए हैं, मालदीव में 19 लोग संक्रमित है 13 लोग ठीक हो चुके हैं किसी की मौत की खबर नहीं है। बांग्लादेस में कोरोना से 424 लोग संक्रमित हैं जिनमे से 27 लोगों की मौत हो चुकी है करीब 33 लोग ठीक हो चुके हैं, वही सेशल्स में 11 लोग संक्रमित हैं, मॉरिशस में 318 संक्रमित लोगों में से 9 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 23 लोग ठीक हो चुके हैं। वही डोमेनिकन गणराज्य में 2620 लोग संक्रमित हुए हैं जिनमे से 126 लोगों की मौत हो चुकी है करीब 98 लोग ठीक हो चुके हैं।

HCQ से कोरोना हारेगा इस बात का कोई ठोस सबूत नहीं

कोरोना से जंग में दुनिया के कई बड़े देश भारत से जिस HCQ टेबलेट्स की माँग कर रहे हैं उसका इस्तेमाल मलेरिया के इलाज के लिए किया जाता है। इसके अलावा हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन का इस्तेमाल रयूमेटायड अर्थराइटिस और ल्यूपस जैसी ऑटो इम्यून बीमारियों के इलाज में भी किया जाता है। HCQ से कोरोना का सफल इलाज हो सकता है इस बात का कोई सबूत नहीं है। लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने इसे कोरोना वायरस से लड़ाई में गेम चेंजर बताया था।

भारत के पास कितनी मात्रा में है हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन

स्वस्थ्य मंत्रालय के मुताबिक भारत के पास 3.28 करोड़ HCQ टेबलेट्स उपलब्ध हैं। अतिरिक्त आपूर्ति के लिए व्यवस्था की गई है। निजी क्षेत्रों में 2 करोड़ टेबलेट्स फील्ड पर हैं जो परामर्श पर दी जाएंगी। स्वस्थ्य मंत्रालय के मुताबिक भारत की घरेलु आवश्यकता 1 करोड़ HCQ गोलियों की है। ऐसे में अपने जरुरत से तीन गुणा ज्यादा HCQ का स्टॉक रख कर ही अन्य देशों में निर्यात किया जाएगा।

निजी कंपनियों को निर्यात नहीं करेगा भारत

जानकारी के मुताबिक हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन टेबलेट्स का निर्यात निजी कंपनियोँ को नहीं करेगा बल्कि इसकी आपूर्ति सीधे विदेशी सरकारों को ही किया जाएगा।

मांग की समीक्षा के बाद ही HCQ दवाओं का निर्यात करेगा भारत

प्राप्त जानकारी के मुताबिक कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए पिछले सप्ताह में कई देशों की तरफ से HCQ की मांग की गई है और ऐसा लग रहा है कि कई देश आपातकालीन स्थिति के लिए जरुरत से ज्यादा HCQ की मांग कर रहे हैं। इसलिए हर देश की ओर से की गई HCQ की मांग की समीक्षा के बाद ही भारत अपने स्टॉक के अनुसार उन देशों को दवाओं का निर्यात करेगा।

जानकारी के मुताबिक अमेरिका स्पेन जैसे देशों ने पहले से ही भारतीय कम्पनियों को इसके मांग कर रखी हैं इसलिए उन्हें पहले दिया जाएगा।

विदेश मंत्रालय से अनुमोदन पर ही निर्यात का फसल होगा

हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन के निर्यात के बारे में विदेश मंत्रालय,स्वास्थ्य मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय के बीच बातचीत करने पर ही फैसला होगा। फ़िलहाल पहले चरण में इन 13 देशों को तक़रीबन 15 करोड़ HCQ टेबलेट्स दी जाएँगी।

भारत ने चीन के शंघाई से 22 टन चिकित्सा सामग्री आयात की

बता दे की यदि भारत दुनिया के अग्रणी देशों को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वीन की आपूर्ति कर रहा है तो वह दूसरे देशों से कोरोना वायरस से लड़ने के लिए उपयोगी और जरुरी दूसरे चिकित्सा सामग्री का आयात भी कर रहा है। जानकारी के मुताबिक 9 अप्रैल 2020 को भारत ने चीन के शंघाई शहर से करीब 22 टन चिकित्सा सामग्री आयात की है।

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Corona   |  world   |  demand for HCQ   |  America   |  India,

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