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क्या आयुर्वेद से होगा कोरोना वायरस का इलाज?


Alisha
Alisha | 23 Apr, 2020 | 12:20 pm

जैसा की हम सब जानते है, आज के वक़्त में कोरोना वायरस ने अपने पैर पूरी दुनिया में पसार लिए है| दुनिया भर में फैली कोरोना वायरस की महामारी भारत के लिए भी किसी चुनौती से कम नहीं  है|  यहाँ भी आंकड़े थमने का नाम नहीं ले रहें  है|  पर चिंता की बात यहाँ आकर रुक जाती है, जब कोरोना वायरस की दवा या टीके का निर्माण ना हुआ हो| आपको बता दें कोरोना वायरस का इलाज ढूंढ़ने में दुनिया भर के वैज्ञानिक रिसर्च में जुटे हुए हैं| अब भारत के वैज्ञानिको ने फीफाट्रोल से कोरोना वायरस की दवा बनाने का निर्णय लिया है| हालाँकि इससे पहले भी वैज्ञानिको ने आयुष मंत्रालय की गठित टास्क फाॅर्स को प्रस्ताव भेजा था, ताकि इस अध्ययन में सरकार से हर संभव मदद मिल सके|

Main
Points
अब आयुर्वेदिक दवा से भी होगा कोरोना का इलाज
भारत के वैज्ञानिक कर रहे हैं खोज
फीफाट्रोल की मदद से बनाई जाएगी दवा
डॉ का कहना परम्परागत चिकित्सा का करना होगा उपयोग

क्या है फीफाट्रोल?

 फीफाट्रोल एक ऐसी आयुर्वेदिक  दवा है, जिसमे 13 जड़ी बूटियों से तैयार एंटी- मइक्रोबिएल एक औषधीय फार्मूला है, जिसमे शामिल पांच प्रमुख बूटियों में सुदशरन वटी, संजीवनी वटी, गोदांती भस्म, त्रिपुवन कीर्ति रस और मृत्युंजय रस शामिल है| जबकि आठ औषधियों के अंश तुलसी, कुटकी, चिरयात्रा, मोथा गिलोय ,दारुहल्दी, करंज के अलावा अप्पमार्ग मिलाए गए हैं|  तो वहीं ये आयुर्वेदिक दवा वायरस और बक्टेरिया संक्रमित से लड़ कर बुखार को कम करता है| सिर्फ यही नहीं फ्लू, कोल्ड, और कंजेशन जैसी बिमारियों  को नियंत्रित करता है| खास तौर पर इस दवा को एंटीबायोटिक के रूप में लिया जाता है, और ये वायरस से लड़ने में मदद करता है|

क्या कहते हैं  वैज्ञानिक?

भारत के वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस से लड़ने के लिए,कभी टेस्ट किट का निर्माण किया है, तो कभी टिके पर रीसर्च की है| पर आज वैज्ञानिकों ने आयुर्वेद से दवा बनाने का फैसला लिया है| बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. केएन दिवेदी का कहना है कि, आज पूरी दुनिया इस कोरोना वायरस जैसी महामारी से निपटने के लिए इलाज तलाश रही है, हमे भी अपने परंपरागत आयुर्वेदिक  चिकित्सा का इस्तेमाल कर के इसका इलाज ढूंढना चाहिए| इसी बात को ध्यान  में रखते हुए हम ने इंसानों पर फीफाट्रोल का ट्रायल करने की योजना की है| उन्होंने ये भी बताया कि, एमिल फॉर्मास्यूटिकल के सहयोग से इस रिसर्च का प्रस्ताव टास्क फार्स को भेजा है|सिर्फ इतना ही नहीं बल्कि फीफाट्रोल पर अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान भी अध्ययन कर चूका है|

प्रमुख दवा निर्माताओ एवं शोध संस्थानों से क्लीनिकल ट्रायल के लिए ऐसी दवाओं के प्रस्ताव मांगे गए है, जो कोरोना वायरस से लड़ने में कारगर साबित हो सकते  हैं| अब तक ऐसे कई प्रस्ताव मिल चुके है, जिसमे से एक फीफाट्रोल भी है|  आपको बता दें आयुष मंत्रालय ने एक आतंरिक टास्क फाॅर्स भी गठित की है, जो देसी दवाओं का अध्ययन कर रही है|

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Corona Virus   |  fifatrol   |  scientist   |  bacteria   |  virus   |  medicine   |  ayurvedic   |  her

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