Your image is ready, you can save / share this image
Please wait!
#MPsPerformance


%
RANKOUT OF

केंद्र सरकार के फैसले पर मनमोहन सिंह ने तोड़ी चुप्पी!

केंद्र सरकार के महंगाई भत्ते में कटौती के फैसले पर राजनीति गरमा रही है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में वृद्धि नहीं करने के सरकार के कदम की आलोचना की है। इससे पहले राहुल गांधी ने भी सरकार के इस फैसले को अनावश्यक बताया था।

Suyash Tripathi
Suyash Tripathi | 25 Apr, 2020 | 4:00 pm

कोरोना का प्रकोप भयावह रुप लेता जा रहा है, भारत में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा तेजी से बढ़ता जा रहा है। देश में अब तक 24 हज़ार से ज्यादा लोग इसकी गिरफ्त में आ चुके है तो वहीं मरने वालों की संख्या 750 के पार पहुंच चुकी है। भारत सरकार ने कोरोना से जंग में कई अहम फैसले भी लिए है, जिनमें से एक फैसला DA कटौती को लेकर भी लिया गया है। बता दें कि गुरुवार को केंद्र सरकार ने 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 61 लाख पेंशनभोगियों को दिए जाने वाला महंगाई भत्ता रोकने का फैसला किया था। सरकार के मुताबिक कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से सरकार पर पड़े आर्थिक बोझ के कारण ये फैसला लिया गया है। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर ये रोक जून 2021 तक लागू रहेगी, इस कटौती की वजह से केंद्र और राज्य सरकार के खजाने में लगभग सवा लाख करोड़ रुपये की बचत होगी।

Main
Points
केंद्र सरकार के महंगाई भत्ते में कटौती के फैसले पर राजनीति गरमाई
विपक्ष की तरफ से लगातार सरकार पर हो रहा है वार
पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सरकार के फैसले को ठहराया गलत
पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने सरकार के सेंट्रल विस्टा परियोजना पर उठाए सवाल
50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 61 लाख पेंशनभोगियों को प्रभावित करेगा यह फैसला

केंद्र सरकार के इस फैसले पर राजनीति भी गरमा चुकी है।विपक्ष की तरफ से इस फैसले पर लगातार सरकार को घेरा जा रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में वृद्धि नहीं करने के सरकार के कदम की आलोचना करते हुए कहा है कि, “इस वक्त केंद्रीय कर्मियों एवं सैनिकों के लिए मुश्किल पैदा करना उचित नहीं है।” कांग्रेस की ओर से जारी पार्टी के सलाहकार समूह की बैठक के वीडियो के मुताबिक सिंह ने यह भी कहा कि, “कांग्रेस को इस वक्त इन सरकारी कर्मचारियों और सैनिकों के साथ खड़े रहना है।हमें उन लोगों के साथ खड़े होना है जिनके भत्ते काटे जा रहे हैं। मेरा मानना है कि इस वक्त सरकारी कर्मचारियों और सशस्त्र बलों के लोगों के लिए मुश्किल पैदा करने की जरूरत नहीं थी।” सिंह हाल ही में गठित कांग्रेस सलाहकार समूह के अध्यक्ष हैं। इस समूह की बैठक एक दिन के अंतराल पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से होती है।

बैठक में कांग्रेस के कई वरिष्ठ सदस्य भी मौजूद रहे।कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी सरकार के इस फैसले पर निशाना साधते हुए कहा कि, “एक तरफ तो सेंट्रल विस्टा परियोजना पर पैसे खर्च हो रहे हैं और दूसरी तरफ मध्य वर्ग से पैसे लिए जा रहे हैं। ऐसा नहीं है कि यह पैसा गरीबों को दिया जा रहा है।” पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम और पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने भी कहा कि, “सरकार को कर्मचारियों को भत्ते कम करने के बजाय सरकार को सेंट्रल विस्टा परियोजना और दूसरे गैरजरूरी खर्च रोकने चाहिए।”

गौरतलब है कि कर्मचारियों को 17% की बजाए 21%  महंगाई भत्ता मिलने की उम्मीद थी। लेकिन अब महंगाई भत्ते में कटौती के बाद इस बढ़ोतरी पर रोक लग गई  है, इसकी वजह से अब केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को करीब 18 महीने तक सिर्फ 17 फीसदी के हिसाब से महंगाई भत्ता मिलेगा। सरकार इससे पहले कर्मचारियों को लेकर एक और फैसला कर चुकी थी।केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 14 मार्च को डीए में 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी जिसमें 1.13 करोड़ केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों को जनवरी, 2020 से ही इसका फायदा मिलना था, यह बढ़ोतरी सरकारी खजाने पर 14,595 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार डालती।

Tags:
Corona   |  Corona pandemic   |  Congress   |  Manmohan Singh   |  deductionin DA   |  PChidambaram   |  Ind Govt

Stories for you

SEARCH YOUR MP

Or

Selected MP