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लॉकडाउन 2.0: पीएम का राष्ट्र के नाम सम्बोधन, 3 मई तक बढ़ा लॉकडाउन


Ankit Mishra
Ankit Mishra | 14 Apr, 2020 | 1:52 pm

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बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की जयंती के दिन कोरोना पर राष्ट्र के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लॉकडाउन को 3 मई तक के लिए बढ़ाने का एलान किया। हालांकि  20 अप्रैल के बाद कुछ सीमित क्षेत्रों में सशर्त छूट देने की भी बात कही। लेकिन पीएम ने ये साफ कर दिया कि अगर संक्रमण के मामले बढ़े तो रियायतें समाप्त भी हो सकती हैं। प्रधानमंत्री ने कोरोना महामारी से लड़ाई में देशवासियों की तरफ से मिल रहे समर्थन को बाबा साहब के लिए सच्ची श्रद्धांजलि बताई।

Main
Points
3 मई तक के लिए बढ़ा लॉकडाउन
बुधवार को विस्तृत गाइडलाइन जारी करेगी सरकार
लॉकडाउन 2.0 और अधिक सख्ती से होगा लागू
20 अप्रैल के बाद जिस क्षेत्र में कोरोना के नए मरीज़ नहीं मिलेंगे वहां मिलेगी छूट
यंग वैज्ञानिकों से कोरोना की दवा ढूढ़ने की पीएम ने की अपील

19 दिन और बढ़ा लॉकडाउन

प्रधानमंत्री ने 21 दिनों के लॉकडाउन का ऐलान किया था। आज लॉकडाउन के 21वें दिन इस महामारी के विस्तार को रोकने के लिए लॉकडाउन को 19 दिन और बढ़ाने का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि यह निर्णय तमाम स्वास्थ्य विशेषज्ञों, राज्य सरकारों और आम जनता से मिले सुझाव को देखकर लिया गया है।

एक सप्ताह बाद होगा आकलन

प्रधानमंत्री ने बताया कि अगले एक सप्ताह तक कोरोना के खिलाफ लड़ाई में कठोरता और ज्यादा बढ़ाई जाएगी। हर कस्बे, थाने, जिले, राज्य को परखा जाएगा। 20 अप्रैल के बाद जिस क्षेत्र में कोरोना के नए मरीज़ नहीं मिलेंगे या जो क्षेत्र हॉटस्पॉट में नहीं होंगे और जिनके हॉटस्पॉट में बदलने की आशंका भी कम होगी, वहां पर कुछ जरूरी गतिविधियों की सशर्त अनुमति दी जाएगी। इस बारे में सरकार की तरफ से बुधवार को एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की जाऐगी।

दिहाड़ी मज़दूरों की चिंता

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि लॉकडाउन के लिए नई गाइडलाइन बनाते समय दिहाड़ी कामगारों का ख़ास ख्याल रखा जायेगा। उन्होंने कहा कि जिनकी जरूरतें उनकी रोज़ की कमाई से पूरी होती है वह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में एक है।

देशवासियों से मिला भरपूर सहयोग

राष्ट्र के नाम संबोधन में प्रधानमंत्री ने देशवासियों की तरफ से इस लड़ाई में सहयोग की सरहना की। उन्होंने कहा कि देशवासियों की तपस्या और त्याग की वजह से भारत अब तक कोरोना से होने वाले नुकसान को काफी हद तक टालने में सफल रहा है। आम जन ने कष्ट सह कर अपने देश को बचाया है। तमाम दिक्कतों और परेशानियों के बावजूद देश की खातिर एक अनुशासित सिपाही की तरह देशवासी अपने कर्त्तव्य निभा रहे हैं।

अन्य देशों के मुकाबले हमारे प्रयास बेहतर

प्रधानमंत्री ने अन्य देशों के मुक़ाबले भारत के प्रयासों को बेहतर बताया। दुनिया के सामर्थ्यवान देशों के तुलना करते हुए कहा कि "महीना-डेढ़ महीना पहले कई देशों में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या भारत के बराबर थी लेकिन आज उन देशों में भारत की तुलना में कोरोना के केस 25 से 30 गुना बढ़ गए हैं। उन देशों में हजारों लोगों की मौत हो चुकी है। भारत ने सही फैसले नहीं लिए होते तो आज भारत की स्थिति क्या होती, इसकी कल्पना करते ही रोएं खड़े हो जाते हैं। मगर बीते दिनों के अनुभवों से यह साफ है कि हमने जो रास्ता चुना है, आज की स्थिति में वही हमारे लिए सही है"

तैयार है स्वास्थ्य महकमा

प्रधानमंत्री ने हैल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर की गई तैयारियों का भी जिक्र किया। उनके अनुसार जनवरी में कोरोना की जांच के लिए देश में सिर्फ एक लैब थी, वहीं अब 220 से अधिक लैब में जांच का कार्य हो रहा है। 600 से भी अधिक ऐसे अस्पताल हैं जो सिर्फ कोविड-19 के इलाज के लिए काम कर रहे हैं। इसके अलावा भारत में आज एक लाख से अधिक बेड की व्यवस्था भी की जा चुकी है जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दस हजार मरीज़ों पर मात्र 1500 बेड की ही आवश्यकता है।

देशवासियों से माँगा साथ

अपने सम्बोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने देशवासियों से 7 बातों के लिए सहयोग की अपील की।  अपनी अपील में उन्होंने बुजुर्गों की सुरक्षा से लेकर स्वास्थ्यकर्मियों और पुलिसकर्मियों का सम्मान करने की मांग की।

Tags:
PMO   |  narendra modi   |  Corona   |  fightagainst   |  corona

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