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3 मई के बाद देश में लॉकडाउन हटना कितना मुमकिन ?

3 मई के बाद लॉकडाउन का क्या करना है, इसे लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात की। फ़िलहाल देश लॉकडाउन में है, जो कोरोना महामारी पर क़ाबू पाने के लिए 25 मार्च को शुरू हुआ था। पहला लॉकडाउन 21 दिन का था। 14 अप्रैल को इसे तीन मई तक के लिए बढ़ा दिया गया मतलब 19 दिन और । कुल मिलाकर 40 दिन का लॉकडाउन ।

Abhishek Dubey
Abhishek Dubey | 01 May, 2020 | 4:21 pm

अब बड़ा सवाल यही है कि क्या तीन मई के बाद भी लॉकडाउन बढ़ेगा?  हर भारतीय के दिमाग़ में आज यही सवाल है । जवाब मिलना अभी बाक़ी है । प्रधानमंत्री को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के वक़्त कुछ राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने लॉकडाउन बढ़ाए जाने का सुझाव दिया । क्या केंद्र इस सुझाव को मानते हुए लॉकडाउन 3 लाएगी या फिर कुछ और रास्ता निकलेगा । मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने ट्वीट कर बताया कि उन्होंने मेघालय के ग्रीन ज़ोन या नॉन-कोविड प्रभावित ज़िलों में कुछ गतिविधियों की छूट के साथ 3 मई के बाद लॉकडाउन बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं । 

Main
Points
बस,ट्रेन और उड़ानों पर रोक जारी रहना बेहद ज़रूरी
'जान है तो जहान है' नारा, अब 'जान भी जहान भी' हो गया
अभी कोरोना की भयावहता दिखना बाकी-WHO

इस वक्त देश जिस मोड़ पर खड़ा है वो काफी गंभीर है । देश  में लगातार केस बढ़ रहे है और ऐसी स्थिति में लॉकडाउन को खोलने या बढ़ाने को लेकर सरकार को काफी माथा पच्ची करनी पड़ेगी । रविवार को मन की बात कार्यक्रम में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश युद्ध के बीच खड़ा है और लोगों को सावधानी बरतना जारी रखना होगा। उन्होंने देशवासियों को ये बात ऐसे वक़्त में कही जब आर्थिक गतिविधियों को फिर से चालू करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें धीरे-धीरे छूट दे रही हैं । ऐसे में सबकी निगाहें अब इस बात पर हैं कि तीन मई के बाद लॉकडाउन को लेकर क्या फ़ैसला लिया जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ लॉकडाउन को मददगार मानते हैं क्योंकि अगर लॉकडाउन ना होता तो एक व्यक्ति से औसतन तीन लोगों में वायरस जा सकता था। लेकिन अगर लॉकडाउन बढ़ता है तो देश के सामने कई चुनौतियां भी होंगी।

अगर लॉकडाउन बढ़ा तो...

3 मई के बाद लॉकडाउन बढ़ता है तो ज़्यादातर छोटे कारोबार और बड़े कारोबार बंद ही रहेंगे । कारोबार बंद रहेंगे तो व्यापारियों और उनके यहां काम करने वाले लोगों की आमदनी पर असर पड़ेगा । आमदनी पर असर पड़ेगा तो इसका सीधा सीधा असर खपत पर पड़ेगा। खपत पर असर पड़ा तो उसका सीधा प्रभाव अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा । छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारियों ने एक महीने से ज़्यादा वक़्त का लॉकडाउन तो जैसे-तैसे काट लिया । लेकिन अगर लॉकडाउन आगे बढ़ा तो छोटे व्यापारी अपने कामगारों को तनख्वा देने की स्थिति में नहीं होंगे । इससे लोगों की नौकरियां जाएंगी और उनकी तनख्वाहें काटी जाएंगी ।

ना मरेगा तो लोग भी मरेंगे

जिन लोगों के पास पैसा है, जो लोग आर्थिक रूप से संपन्न हैं वो लोग अपने घरों में बंद हैं । अब ऐसी स्थिति में ना वो बाहर जा सकते है ऐर ना कुछ खरीद सकते हैं ।इसके अलावा बाजार भी बंद है तो खरीदारी हो नहीं सकती । जब खरीदारी होगी नहीं तो बाज़ार में पैसा आएगा नहीं । गर्मी के इस महीने में  एसी, कुलर, पंखे, फ्रीज जैसे सामाने की खरीदारी होती है जो लॉकडाउन के वजह से संभव नहीं है । तो कुल मिलाकर व्यापार मार खाएगा। व्यापार मार खाएगा तो लोग भी मारे जाएंगे ।

'जान है तो जहान है'  नारा, अब 'जान भी जहान भी' हो गया 

केंद्र और राज्य सरकारें लॉकडाउन पूरी तरह खोले जाने के पक्ष में नज़र नहीं हैं । पिछले दिनों आए सरकारी निर्देश भी यही कहते हैं कि ग्रीन ज़ोन यानी जिनमें एक भी मामला नहीं है या ऑरेंज ज़ोन जहां मामले कम होते जा रहे हैं, वहां कुछ सावधानियां बरतते हुए आर्थिक गतिविधियां शुरू की जा सकती हैं। क्योंकि 'जान है तो जहान है' का नारा, अब 'जान भी जहान भी' में बदल गया है। लेकिन ये आंशिक लोकडॉउन भी कम चुनौती भरा नहीं होगा ।

सप्लाई चेन की मुश्किलें

सप्लाई चेन में कुछ सुधार ज़रूर हुआ है, लेकिन इलाक़ों को ग्रीन ज़ोन, ऑरेंज ज़ोन और रेड ज़ोन में बांटे जाने से नई मुश्किलें खड़ी हो गई हैं। इसमें अब ये चुनौती आ गई है कि ग्रीन ज़ोन या ऑरेंज ज़ोन अपने आप को प्रोटेक्ट कर रहे हैं, बाहर से कुछ भी नहीं आने दे रहे हैं। जैसे तमिलनाडु ने हाइवे पर एक दीवार खड़ी कर दी। आंध्र प्रदेश ने हाइवे पर गड्ढा खोद दिया, ताकि कोई क्रॉस ना करे। हरियाणा ने अपनी सीमा सील कर दी है। इससे इंटर-स्टेट ट्रांसपोर्टेशन में दिक्क़त आ रही है।

बस, ट्रेनें और फ्लाईट चलना संबव नहीं 

लॉकडाउन बढ़ा तो बस और ट्रेनों पर रोक भी जारी रह सकती है । स्वास्थ्य विशेषज्ञ का कहना है कि ये ज़रूरी भी है क्योंकि इससे वायरस जंगल की आग की तरह फैल सकता है। अगर इंटर स्टेट बसें, उड़ाने और ट्रेने शुरु कर दी जाएंगी तो पिछले 40 दिन के लॉकडाउन पर पानी फिर जाएगा 

कुल मिलाकर अगर लॉकडाउन बढ़ता है तो कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण पर लगाम लगेगा लेकिन साथ ही देश की अर्थव्यवस्था पर भी गंभीर असर पड़ेगा। सरकार की भी कमाई में भी काफी कमी आएगी जिससे सरकारी खर्चों का बोझ बढ़ेगा साथ निजी संस्थानों की भी हालत खराब होगी ।

Tags:
Corona Pandemic   |  PM Modi   |  Lockdown-2

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