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पीएम मोदी ने मुख्यमंत्रियों के साथ लॉकडाउन पर बनाया मेगा प्लान!

बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रवासी मजदूरों और कोटा में फंसें छात्रों का मुद्दा उठाया। उन्होंने प्रधानमंत्री से सभी राज्यों के लोग जो अन्य राज्यों रह रहे हों उनके लिए एक समान नीति बनाने की मांग की

Ankit Mishra
Ankit Mishra | 27 Apr, 2020 | 7:20 pm

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज कोरोना के हालात पर समीक्षा के लिए सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक की। 20 मार्च के बाद प्रधानमंत्री की मुख्यमंत्रियों के साथ यह चौथी बैठक रही। वीडियो कॉन्फ्रेंस की सहायता से हुई इस बैठक में मुख्यमंत्रियों के अलावा गृह मंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन, पीएमओ और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए। समय की कमी के कारण सिर्फ 9 मुख्यमंत्रियों ने चर्चा में अपने पक्ष रखे।

Main
Points
20 मार्च के बाद प्रधानमंत्री की मुख्यमंत्रियों के साथ यह चौथी बैठक
मुख्यमंत्रियों के अलावा गृह मंत्री अमित शाह और डॉ हर्षवर्धन भी रहे मौजूद
प्रधानमंत्री मोदी बोले, अर्थव्यवस्था पर चिंतित होने की आवश्यकता नहीं

लॉकडाउन पर हुई चर्चा

लॉकडाउन पर हुई चर्चा में प्रधानमंत्री ने इसके परिणाम को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि मार्च में भारत और बाकि देशों में एक जैसे हालात थे लेकिन डेढ़ महीने के इस सामूहिक प्रयास से हजारों जिंदगियां बचाने में कामयाबी हासिल हुई है। लॉकडाउन के भविष्य पर बात करते हुए प्रधानमंत्री ने राज्यों से लॉकडाउन खोलने की नीति बनाने को कहा साथ ही संक्रमण के हॉटस्पॉट्स क्षेत्रों में कड़ाई से दिशा-निर्देश लागू कर क्रमवार तरीके से रेड जोन को ऑरेंज और फिर ग्रीन जोन में बदलने की नीति पर काम करने का निर्देश दिया। 

राज्य नहीं हैं लॉकडाउन खोलने के मूड में

9 मुख्यमंत्रियों द्वारा रखे गए अपने पक्ष में अधिकतर ने लॉकडाउन को 3 मई के बाद भी बढ़ाने की वकालत की। ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने इसे 1 महीने और बढ़ाने का अनुरोध किया। पटनायक  ने कहा कि ओडिशा अभी उस हालात में नहीं है जो कोरोना संक्रमण को संभाल सके। उनके अलावा गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत और हिमांचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी लॉकडाउन को 3 मई के बाद भी बढ़ाने का सुझाव दिया। मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने कहा कि वह ग्रीन जोन में कुछ छूट के साथ गतिविधियों की अनुमति देंगे बाकि जगह लॉकडाउन की स्थिति बनी रहेगी।

अर्थव्यवस्था पर न करें चिंता

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अर्थव्यवस्था पर चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। प्रधानमंत्री के अनुसार कोरोना संकट के बाद काफी बड़ी संख्या में चीन से कम्पनियां निकलेंगी और अन्य देशों में संभावनाएं तलाशेंगी। भारत एक सुरक्षित देश है और यह भारत के लिए बड़ा अवसर होगा। उन्होंने मुख्यमंत्रियों से इस अवसर को भुनाने के लिए अपने राज्यों में इसकी तैयारी करने को कहा। साथ ही उन्होंने तकनीक के महत्व और इसके इस्तेमाल पर अधिक ज़ोर देने का भी अनुरोध किया।

मौसम में बदलाव को लेकर राज्यों को किया आगाह

प्रधानमंत्री ने मौसम में होने वाले बदलाव के लिए मुख्यमंत्रियों से आग्रह करते हुए कहा कि गर्मी और मानसून का आगमन हो रहा है और वे बीमारियां जो इस मौसम में संभावित रूप से सामने आ सकती हैं और देश में इसी समय में बीमारियां ज्यादा फैलती हैं। इसके लिए आगे की रणनीति बनाएं।

नीतीश ने उठाया कोटा का मुद्दा

बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रवासी मजदूरों और कोटा में फंसें छात्रों का मुद्दा उठाया। उन्होंने प्रधानमंत्री से सभी राज्यों के लोग जो अन्य राज्यों रह रहे हों उनके लिए एक समान नीति बनाने की मांग की। गौरतलब है कि गत दिनों यूपी सरकार द्वारा कोटा में फंसे अपने छात्रों को वापस बुलाये जाने के बाद से ही नीतीश कुमार विपक्ष के निशाने पर हैं और उनपर भारी दबाव है।

केरल  मुख्यमंत्री रहे गायब

इस बैठक में केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन को छोड़ कर ममता बनर्जी समेत बाकि सभी मुख्यमंत्री मौजूद रहे। पिनरई विजयन की जगह केरल के मुख्य सचिव टॉम जोस सभा में सम्मलित हुए। इस बैठक में केवल मेघालय, मिजोरम, पुड्डुचेरी, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, बिहार, गुजरात और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों को बोलने का मौका मिला। अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों से अपने सुझाव लिखित में देने के लिए कहा गया। अटकलें ऐसी भी लगाई जा रही हैं कि विजयन का नाम नौ मुख्यमंत्रियों में शामिल नहीं होने की वजह से उन्होंने बैठक से दूरी बनाई।

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Corona   |  PM   |  confrence   |  narendra modi   |  Lockdown-2

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