Your image is ready, you can save / share this image
Please wait!
#MPsPerformance


%
RANKOUT OF

कोरोना संक्रमित के अंतिम संस्कार पर राजनीति, मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने जलाने पर जताया विरोध


Archna jha
Archna jha | 07 Apr, 2020 | 6:18 pm

महामारी बन चुके कोरोना के बढ़ते संक्रमण की रोकथाम के लिए तमाम प्रयास किये जा रहे हैं। जिसके चलते यह प्रश्न भी सामने आया कि कोरोना से मरने वालों के शवों का क्या किया जाए?  क्या संक्रमण मृतक के अंतिम संस्कार के दौरान भी फैल सकता है? क्या अंतिम संस्कार से संक्रमण हवा में फैल जाएगा? दरअसल 31 मार्च को मुबंई में बृहन्मुखी नगर निगम (बीएमसी) ने यह सर्कुलर जारी किया कि कोरोना मृतक चाहे किसी भी धर्म का क्यों न हो, उसे दफनाने की अनुमति नहीं है। उसे केवल जलाया ही जाएगा। शव के दफनाने से दूसरे में संक्रमण की संभावना रहती है और इसको रोकने के लिए जलाना ही एकमात्र बेहतर तरीका है। हालाकिं, इसके एक घंटे बाद ही महाराष्ट्र सरकार की तरफ से दबाव पड़ने के बाद यह आदेश वापस ले लिया गया।

Main
Points
बीएमसी ने जारी किया सर्कुलर, कोरोना शवों को केवल जलाया जाए
मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष ने जलाने को इस्लाम के खिलाफ बताया
अंतिम संस्कार पर WHO और भारत सरकार ने जारी कियें अंतिम संस्कार संबंधी दिशा-निर्देश

मुस्लिम शवों को जलाना धर्म के खिलाफ

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य कमाल फारुकी ने कहा कि कोरोना के शवों के अंतिम संस्कार के मामले में सरकार को सभी धर्मों की भावनाओं का ध्यान रखना होगा। क्योंकि इस्लाम मे शव को जलाने की इजाज़त नही है। इसलिए सरकार कोई और विकल्प तलाश करें। फारुकी ने इस संदर्भ में विश्व स्वास्थ्य संगठन की पूरी दुनिया में कोरोना के मृतकों के अंतिम संस्कार सम्बन्धी गाइडलाइन को पेश करते हुए कहा कि शव को जलाया और दफनाया भी जा सकता है। ऐसे में सरकार यदि इस तरह के फरमान प्रस्तुत करेगी ,तो यह किसी धर्म विशेष की भावना को ठेस पहुंच सकता है।

WHO के दिशा-निर्देशों के आधार पर सभी देशों में कोविड-19 से मरने वालों के अंतिम संस्कार के लिए जो दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं उनके मुताबिक मृतक को आइसोलेशन रुम से बाहर ले जाते हुए मृतक के शरीर का कोई भी द्रव्य किसी के सम्पर्क में न आये, मृत शरीर को बिना छुए पूरी सावधानी से बाँडी बैग में डाला जाये, बॉडी बैग इस तरह से तैयार हों कि मृतक के शरीर से खून ,कफ कुछ बाहर न आये। यहां तक कि बॉडी के पोस्टमार्टम करने वाले मेडिकल स्टाफ के लिए भी सावधानी बरतने की बात कही। उनके पास डिस्पोज़ेबल, पूरी आस्तीन के वाटरप्रूफ गाउन होने चाहिए,जिससे मृत शरीर से यदि स्टाफ का कोई संपर्क होता भी है तो वायरस उसके शरीर में प्रवेश न कर सके।

हिन्दु धर्म के अलावा ज्यादातर धर्मों में दफनाने की प्रथा

दरअसल लगभग पूरी दुनिया के अधिकांश धर्मों में शवों को जलाने से ज्यादा दफनाने की प्रथा है। जिसके लिए भी WHO का कहना है कि कोरोना मृतकों को दफनाने की प्रक्रिया करते हुए गढ्ढा सामान्य से अधिक गहरा खोदा जाए व बॉडी को पूरी तरह से सैनेटाइज करके ही यह प्रक्रिया हो।

भारत सरकार ने नेशनल सेंटर आफ डिज़ीज कंट्रोल की मदद से कोरोना मृतक को जलाने या दफनाने संबंधी कुछ दिशा-निर्देश जारी किए है-

अंतिम संस्कार की जगह और कब्रिस्तान को संवेदनशील जगह माना जाए, भीड़ को जमा न होने दिया जाए,जिससे संक्रमण फैलने के खतरे कम हों,अंतिम संस्कार से जुड़ी केवल उन्हीं धार्मिक क्रियाओं की अनुमति होगी, जिनमें शवों को न छुआ जाता हो, शव दहन से उठने वाली राख से कोई खतरा नहीं, जिस वाहन से शव को ले जाया जाए, उसे भी सैनेटाइज़ करना आवश्यक है। कहने का अर्थ है कि कोरोना मृतक का अंतिम संस्कार किसी भी प्रक्रिया से किया जाए पर उस वक्त भी एहतियातों का ध्यान रखना ज़रुरी है ,जिससे संक्रमण न फैले।

Tags:
Covid 19   |  deadbodies   |  funeral   |  who   |  India   |  government   |  guideline

Stories for you

SEARCH YOUR MP

Or

Selected MP