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कोरोना टेस्टिंग हुई सस्ती, जानें कितने रुपये में होगा टेस्ट


Suyash Tripathi
Suyash Tripathi | 10 Apr, 2020 | 2:22 pm

कोरोना से संक्रमित लोगों का आंकड़ा तेजी से बढ़ता जा रहा है, भारत में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या 6000 के आंकड़े को पार कर चुकी है। देशभर में अब तक कुल 1 लाख से ज्यादा सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं। आईसीएमआर के निर्देशों के तहत प्राइवेट लैब में कोरोना की जांच अधिकतम 4500 रुपये में हो रही थी, जिसमें संक्रमित संदिग्‍ध मामलों में स्‍क्रीनिंग टेस्‍ट के लिए अधिकतम 1,500 तथा कन्‍फर्मेशन टेस्‍ट के लिए अतिरिक्‍त 3,000 रुपये लिए जा रहे थे। लेकिन अब यह टेस्ट काफी सस्ता होने वाला है। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एचएलएल लाइफकेयर और राजीव गांधी सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी (आरजीसीबी) ने ऐसे रैपिड टेस्ट किट का विकास किया है, जिनसे 350 से 400 रुपये में ही एक टेस्ट किया जा सकेगा।

Main
Points
प्राइवेट लैब में कोरोना की जांच अधिकतम 4500 रुपये में होती थी
अब 350 से 400 रुपये में ही एक टेस्ट किया जा सकेगा
भारतीय कंपनियों ने बनाए रैपिड टेस्ट किट
अगले दस दिन में तैयार होंगे 2 लाख किट

बता दें कि एचएलएल लाइफकेयर लिमिटेड तिरुअनंतपुरम मुख्यालय वाली कंपनी है जो केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के तहत संचालित होती है। दूसरी तरफ, राजीव गांधी सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी (आरजीसीबी) केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत संचालित राष्ट्रीय संस्थान है। दोनों ने कोरोना संक्रमण की पहचान के लिए अलग-अलग रैपिड डायगनोस्टिक एंटीबॉडी किट का विकास किया है। एचएलएल ने “मेकश्योर” नाम से एक किट बनायी है जो मरीज के सीरम, प्लाज्मा या खून लेकर नोवेल कोरोना वायरस (कोविड-19) एंटीबॉडी की पहचान कर सकता है। एचएलएल का यह किट उसके मानेसर, हरियाणा स्थित कारखाने में तैयार किया गया है और इसे एनआईवी पुणे तथा इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) ने भारत में इस्तेमाल के लिए मंजूर किया गया है। एचएलएल ऐसी पहली सार्वजनिक कंपनी है जिसे कोविड-19 के रैपिड एंटीबॉडी किट के निर्माण और आपूर्ति के लिए आईसीएमआर से मंजूरी मिली है। कंपनी की योजना ऐसे 2 लाख किट अगले दस दिन में अस्पतालों और जांच केंद्रों तक पहुंचाने की है।

गौरतलब है कि राजीव गांधी सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी(आरजीसीबी) के किट को भी इस सप्ताह आईसीएमआर की मंजूरी मिल सकती है। इसका विकास आरजीसीबी के कोच्चि कैम्पस में , कंपनी उबियो बायोटेक्नोलॉजी ने किया है। संस्थान की योजना हर दिन करीब 2 लाख किट बनाने की है जिससे प्रति महीने 60 लाख किट की आपूर्ति की जा सके। कोरोना संक्रमण पर अंकुश के लिए सबसे जरूरी यह है कि इसकी जांच के लिए अस्पतालों को उपयुक्त संख्या में किट मिले, लेकिन इनकी काफी कमी है। बढ़ते आंकड़े और टेस्टिंग किट की मांग में आ रहे निरंतर तेजी के बीच ऐसे रैपिड टेस्ट किट की खोज राहत दिलाने वाली है। 

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Corona   |  Corona   |  testing   |  rapidtestkit   |  RGCPlab   |  HLLlifecare   |  Coronatestrate   |  ICMR

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