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तालाबंदी ने बढाई रिलायंस कर्मचारियों की मुसीबत, वेतन में भारी कटौती

यह वेतन कटौती हाइड्रोकार्बन डिवीजन के सिर्फ उन कर्मचारियों पर ही लागू होगी जो एक साल में 15 लाख रुपये से अधिक की कमाई कर रहे हैं। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि इससे कम कमाई करने वालों पर इस कटौती का असर नहीं पड़ेगा। रिफाइंड उत्पादों और पेट्रोकेमिकल्स की मांग में आई कमी के कारण हाइड्रोकार्बन कारोबार पर बुरा असर पड़ा है। इससे निश्चित रूप से रिलायंस के हाइड्रोकार्बन व्यवसाय पर दबाव बढ़ा है।

Ankit Mishra
Ankit Mishra | 30 Apr, 2020 | 6:01 pm

रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने कोरोना वायरस महामारी के कारण ईंधन की मांग पर पड़े प्रभाव की वजह हाइड्रोकार्बन डिवीजन में अपने कुछ कर्मचारियों के वेतन में 10 प्रतिशत की कटौती करने की घोषणा की है। रिलायंस इंडस्ट्रीज के कार्यकारी निदेशक हितल आर मेवानी द्वारा हस्ताक्षरित पत्र के अनुसार, कंपनी के निदेशक मंडल के सदस्यों की सैलरी में 30 से 50 प्रतिशत की कटौती होगी। भारत के सबसे अमीर व्यक्ति RIL के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी साल 2020-21 के लिए अपना पूरा मुआवजा छोड़ेंगे।

Main
Points
रिलायंस हाइड्रोकार्बन के कुछ कर्मचारियों के वेतन में 10 प्रतिशत की कटौती
कंपनी के निदेशक मंडल के सदस्यों की सैलरी में 30 से 50 प्रतिशत की कटौती
15 लाख रुपये से कम पाने वाले कर्मचारियों पर नहीं पड़ेगा असर

यह वेतन कटौती हाइड्रोकार्बन डिवीजन के सिर्फ उन कर्मचारियों पर ही लागू होगी जो एक साल में 15 लाख रुपये से अधिक की कमाई कर रहे हैं। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि इससे कम कमाई करने वालों पर इस कटौती का असर नहीं पड़ेगा। रिफाइंड उत्पादों और पेट्रोकेमिकल्स की मांग में आई कमी के कारण हाइड्रोकार्बन कारोबार पर बुरा असर पड़ा है। इससे निश्चित रूप से रिलायंस के हाइड्रोकार्बन व्यवसाय पर दबाव बढ़ा है।

इसी को ध्यान में रखते हुए कपंनी ने सभी मोर्चों पर लागत में कमी का फैसला लिया है। कर्मचारियों को वार्षिक नकद बोनस और प्रदर्शन के आधार पर दिया जाने वाला इंसेंटिव भी इस साल के लिए टाल दिया गया है। नियमतः इसका भुगतान साल की प्रथम तिमाही में ही किया जाता है।

पत्र में कहा गया है कि "हम आर्थिक और व्यावसायिक माहौल की बारिकी से निगरानी करेंगे, निरंतर आधार पर स्थिति का मूल्यांकन कर व्यवसाय की कमाई क्षमता में सुधार लाने का प्रयास करेंगे। COVID-19 महामारी ने भारत और दुनिया के लिए अभूतपूर्व चुनौतियां पेश की हैं। सभी समाजों, उद्योगों और व्यापार को प्रभावित किया है और रिलायंस कोई अपवाद नहीं है।"

गौरतलब है कि मार्च में भारत की क्रूड प्रोसेसिंग में मार्च 2019 की तुलना में 5.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी, सितंबर के बाद यह सबसे बड़ी गिरावट थी। कोरोना संकट के कारण यात्रा प्रतिबंधों की वजह से ईंधन की मांग में आई कमी के कारण रिफाइनरी को उत्पादन में कटौती करने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

Tags:
Corona   |  RIL   |  salary   |  cut   |  mukesh ambani

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