Your image is ready, you can save / share this image
Please wait!
#MPsPerformance


%
RANKINGOUT OF

रमज़ान की तैयारी कर रहे मुस्लिमों के लिए आयी सऊदी अरब से खबर!

सऊदी अरब की धार्मिक परिषद ने रमज़ान के समय मस्जिदों में नमाज न पढ़ने की अपील जारी की, भारत के बुद्धिजीवी मुस्लिमों ने जारी की गाइडलाइन

Alisha
Alisha | 20 Apr, 2020 | 1:30 pm

रमजान शुरु होने जा रहे हैं..सऊदी अरब की एक बड़ी धार्मिक परिषद ने दुनिया भर के मुसलमानों से रमजान के पवित्र महीने के दौरान मस्जिदों में जानकर नमाज़ न पढ़ने की अपील जारी की है। दुनियाभर में कोरोना वायरस के फैसले संक्रमण और उससे बचने के सबसे कारगर उपाय सोशल डिस्टैसिंग को ध्यान में रखते हुए परिषद ने अपील की है कि मुसलमानों को भीड़-भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचना चाहिए।

Main
Points
23 या 24 अप्रैल से रमज़ान हो सकते हैं शुरु
लॉकडाउन के चलते मस्जिदों में नमाज न पढ़ने पर अपील
सऊदी अरब की बड़ी धार्मिक परिषद की अपील
मस्जिदों में जाकर नमाज़ न पढ़ें
रमज़ान में खरीददारी के लिए बाज़ार न जाने की अपील

कब शुरु होगा पवित्र महीना रमज़ान का

रमज़ान भारत में 23 या 24 अप्रैल से शुरू होगा और एक महीने चलेगा। इसके बाद ईद का त्योहार मनाया जाता है जिसमें आमतौर पर लोग एक दूसरे के घर जाते हैं और गले मिलते हैं। कोरोना वायरस के चलते भारत में लॉकडाउन 3 मई तक के लिए है और देश भर की धार्मिक स्थलों जिनमें मस्जिद भी शामिल है, को बंद किया गया है।

कोरोना को प्रभाव मक्का पर भी

सऊदी अरब ने भी अपनी मस्जिदें बंद कर दीं, जिनमें दुनिया की सबसे पवित्र कही जाने वाली मक्का की मस्जिद भी शामिल है। इसी बीच ईरान की इस्लामी सरकार ने कहा है कि अगर मुसलमान लॉकडाउन के कारण रमज़ान में रोज़े न रखना चाहें तो कोई हर्ज नहीं है। लेकिन भारत के पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के इमामों और मौलवियों ने अपनी सरकार के ख़िलाफ़ बग़ावत कर दी और मौलवियों की एक काउंसिल ने घोषणा की है कि मुसलमान रमज़ान के महीने में मस्जिदों में जाकर नमाज़ अदा करेंगे।

रमजान के लिए जारी की गाइडलाइन

भारत के बुद्धिजीवी मुस्लिमों ने मौलवियों से सलाह करके भारतीय मुसलमानों के लिए कुछ गाइडलाइंस जारी की हैं, जिसमें कहा गया है कि

- मस्जिदों के बजाय मुसलमान अपने घरों में नमाज़ पढ़ें और लॉकडाउन में मस्जिदों से लाउडस्पीकर से अज़ान भी बंद कर दें

- रोज़ा खोलने के बाद रात में पढ़ी जाने वाली नमाज़ और तरावीह (रोज़ा खोलने के बाद की एक अहम नमाज़) भी घरों में ही पढ़ें

- मस्जिदों में होने वाली इफ़्तार पार्टी का आयोजन न करें, इफ्तार पार्टी में भीड़ आती है

- रमज़ान की ख़रीदारी के लिए घरों से बाहर न निकलें और सरकार के लॉकडाउन का पालन करें

रमज़ान का महीना होगा चुनौती भरा

मिल रही जानकारी के मुताबिक देश भर की कई मस्जिदों से भी रमज़ान के महीने में लॉकडाउन का पालन करने की घोषणा की जा रही है। मुसलमानों ने रमज़ान की तैयारियां शुरू कर दी हैं. लेकिन लोगों से बातें करके लगता है कि इस लॉकडाउन में वो खान-पान के बजाय रूहानी तैयारी में जुटे हैं।

लॉकडाउन के चलते रमज़ान का महीना भारतीय मुसलमानों के लिए चुनौती भरा होगा। ये मुसलमानों का सबसे पवित्र महीना है जिसके दौरान 30 दिनों तक मुसलमान मस्जिदों में नमाज़ और क़ुरान साथ पढ़ते हैं।

मुस्लिम समुदाय काफ़ी सतर्क है। समुदाय के अंदर आम राय ये है कि तब्लीग़ी जमात ने इज्तेमा (धर्म सम्मलेन) का आयोजन करके एक भारी ग़लती की लेकिन इसको बहाना बनाकर पूरे समाज को बदनाम करने की कोशिश की गई है। वे इस बात पर हैरान हैं कि सरकारी तौर पर इसकी निंदा नहीं की गई। शुरू में इस पर सरकारी बयान नहीं आया लेकिन बाद में भारत सरकार ने एक बयान में कहा कि मुसलमानों को टारगेट न किया जाए।

इसके अलावा कर्नाटक के मुख्यमंत्री येदियुरप्पा ने कोरोना को लेकर मुसलमानों को बदनाम करने वालों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की घोषणा भी की।

और अब रविवार को ख़ुद प्रधानमंत्री मोदी ने यह बयान दिया कि "कोविड-19 जाति, धर्म, रंग, जाति, पंथ, भाषा या सीमाओं को नहीं देखता इसलिए हमारी प्रतिक्रिया और आचरण में एकता और भाईचारे को प्रधानता दी जानी चाहिए। इस परिस्थिति में हम एक साथ हैं."

लॉकडाउन के दौरान यूपी, बिहार से कई मस्जिदों में नमाज़ पढ़ने की खबरें

लॉकडाउन के दौरान यूपी, बिहार के कई जिलों में मस्जिदों के अंदर कुछ लोगों के एकत्र होकर नमाज़ पढ़ने की तमाम खबरें भी आयी। नमाज के दौरान सोशल डिस्टैसिंग के नियमों को तोड़ने के लिए पुलिस ने कई लोगों पर मुकदमा भी दर्ज किया है, यहां तक सोशल मीडिया में आये वीडियों में पुलिस को बल प्रयोग भी करना पड़ा है।

Tags:
Corona pandemic   |  saudiaarabia   |  ramadan   |  Lockdow

Stories for you

SEARCH YOUR MP

Or

Selected MP