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दूसरे राहत पैकेज पर जल्द ऐलान संभव, केंद्र में होगा MSME

पिछले हफ्ते में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिख यह डर जताया था कि MSME सेक्टर में 6 करोड़ से ज्यादा लोगों के रोजगार लॉकडाउन की वजह से जा सकते हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए उन्होंने केंद्र सरकार से इस सेक्टर के लिए 1 लाख करोड़ के राहत पैकेज की मांग की थी।

Ankit Mishra
Ankit Mishra | 01 May, 2020 | 11:10 am

गुरुवार को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वित्तमंत्री समेत तमाम आला अधिकारियों के साथ एक के बाद एक छह से अधिक बैठकें आयोजित कर सरकार द्वारा दूसरे राहत पैकेज लाने की संभावनाओं को बल दिया। कोरोना संकट के कारण लंबे समय से बंद पड़ी आर्थिक गतिविधियों से सभी क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। ऐसी खबरें आ रही हैं कि इन क्षेत्रों को उबारने के लिए सरकार दूसरे राहत पैकेज की घोषणा पर काम कर रही है।

Main
Points
प्रधानमंत्री ने वित्तमंत्री समेत तमाम अधिकारियों के साथ की छह से अधिक बैठकें
दूसरे राहत पैकेज पर जल्द ऐलान संभव
नितिन गडकरी ने दी जानकारी MSME को राहत देने से संबंधित प्रस्ताव भेज दिया है

गौर करने की बात यह है कि सरकार के इस राहत पैकेज के केंद्र में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों सेक्टर (MSME) होगा। दूसरे वित्तीय राहत पैकेज के लिए हुई इन बैठकों में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। इस पैकेज में स्वास्थ्य सुविधाएं, वित्तीय क्षेत्र, मजदूर एवं गरीब वर्ग से संबंधित योजनाओं का ऐलान भी संभावित है।

केंद्रीय लघु, सूक्ष्म एवं मध्यम उद्योगों के मंत्री नितिन गडकरी ने पहले ही संकेत दिए थे कि MSME सेक्टर को लेकर बड़ा ऐलान संभव है। लॉकडाउन के दौरान लगातार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सहायता से लोगों से जुड़े रहने वाले नितिन गडकरी ने यह जानकारी दी थी कि प्रधानमंत्री से विस्तृत चर्चा करके केंद्रीय वित्त मंत्रालय को MSME को देने राहत से संबंधित प्रस्ताव भेज दिया है।

इससे पहले 17 अप्रैल को भारतीय रिजर्व बैंक ने MSME सेक्टर को केंद्र में रख इस कठिन समय में उसके उत्थान के लिए नाबार्ड, सिडबी और एनएचबी के लिए 50 हजार करोड़ के पैकेज का एलान किया था लेकिन बैठक में इस पर आम सहमति बनी की इस का बहुत ज्यादा लाभ MSME सेक्टर तक पहुंचा नहीं है। इस सेक्टर के लिए अलग से राहत पैकेज की आवश्यकता है।

अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए इन बैठकों में विदेशी निवेश को आकर्षित करने पर भी जोर दिया गया। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक में भी राज्यों को बड़े विदेशी निवेशों के लिए तैयार रहने को कहा था। कोरोना संकट के बाद ऐसी उम्मीद है कि बड़ी मात्रा में अमेरिकी कंपनियां चीन से अपने व्यापार को समेट किसी नए जगह की तलाश करेंगी। अब ऐसी स्थिति में सरकार पूरी तरह तैयार रहना चाहती है।

हालाँकि इस बैठक के केंद्र में MSME सेक्टर ही रहा। पिछले हफ्ते में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खत लिख यह डर जताया था कि MSME सेक्टर में 6 करोड़ से ज्यादा लोगों के रोजगार लॉकडाउन की वजह से जा सकते हैं। इस स्थिति से निपटने के लिए उन्होंने केंद्र सरकार से इस सेक्टर के लिए 1 लाख करोड़ के राहत पैकेज की मांग की थी। अब MSME सेक्टर को लेकर सरकार क्या फैसला लेती है यह जल्दी ही स्पष्ट हो जायेगा।

Tags:
Corona   |  Pmo   |  FM   |  MSME   |  financialaid

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