Your image is ready, you can save / share this image
Please wait!
#MPsPerformance


%
RANKINGOUT OF

चीन से अगर भारत ने सबक लिया तो नहीं खत्म होगा लॉकडाउन, जानें क्यों!


Archna jha
Archna jha | 08 Apr, 2020 | 9:10 am

चीन में 19 दिसम्बर 2019 से लेकर 25 मार्च 2020 तक कोरोना की वजह से लगभग 7500 लोगों की मौत और 80 हजार लोगों के संक्रमित होने के मामले सामने आये हैं। जिस पर लगाम लगाने के लिए चीनी सरकार ने विशेषकर वुहान और हुबेई प्रांतों में 23 जनवरी से लॉकडाउन घोषित कर दिया। क्योंकि सबसे अधिक कोरोना केस इन दो जगहों से ही सामने आ रहे थे। जिसका असर निश्चित ही चीन की अर्थव्यवस्था पर भी हुआ । तमाम कठोर प्रयासों और लॉकडाउन के बाद मार्च के अंतिम सप्ताह में कोरोना मामलों में कुछ कमी आई। जिसके चलते चीनी अर्थव्यवस्था को सामान्य करने के उद्देश्य से केवल हुबेई प्रांत से 25 मार्च को लॉकडाउऩ हटा दिया गया। जिसमें फैक्ट्री, सिनेमाघर, ट्रासंपोर्ट-सर्विस, कूरियर-कम्पनियों स्कूल- कालेज लगभग सभी को बहाल कर दिया गया। यहां तक की चीनी मीडिया से यह खबर भी सामने आई कि लगभग 57 हजार मरीज़ों को हुबेई के अस्पतालों से डिस्चार्ज कर दिया गया है। चीनी प्रशासन ने लोगों से यह तक कह दिया कि 2 महीने का लॉकडाउन काफी था और अब उनकों मास्क पहनने की भी ज़रुरत नही है।

Main
Points
लॉकडाउन हटाने के बाद चीन के हुबेई में ASYMPTOMATIC मरीजों का एक समूह आया सामने
माना जा रही है कोरोना की खतरनाक स्टेज
भारत में भी 14 अप्रैल को लॉकडाउन हटाया जाएगा
पीएम ने कहा लॉकडाउन हटने के बाद भी रहेगीं पाबंदियां, पालन करवाने के लिए प्रशासन कर सकता है सख्त कार्रवाई

लॉकडाउन के हटाने का निर्णय पड़ा भारी

अचानक ही 29 मार्च को हुबेई से 1541 कोरोना मरीज़ों  के ऐसे मामले सामने आये जो ASYMPTOMATIC  हैं। यानि वो संक्रमित तो हैं लेकिन उनमें पहले के समान कोरोना के लक्षण नही हैं। जो की कोरोना की एक खतरनाक स्टेज मानी जा सकती है। जिसकी वजह से कोरोना मरीज़ों को पहचानने में दिक्कतें आ रही हैं।

अन्तर्राष्ट्रीय जहाजों को मंजूरी देना पड़ा भारी

हुबेई से लॉकडाउन हटाने के बाद दूसरे देशों में फसें चीनी नागरिकों की वापसी के लिए चीन ने अपनी अन्तर्राष्ट्रीय उड़ानों को सुचारु कर दिया। बताया जा रहा है कि इन 1541 मामलों में से अधिकाशं ASYMPTOMATIC  मामलें बाहर से आए लोगों के है। जिनमें 10 मरीजों की मृत्यु तक हो गई है। जिसके चलते एक बार फिर 31 मार्च को हुबेई में लॉकडाउन घोषित कर दिया गया है।

14 अप्रैल को भारत से लॉकडाउन हटाने के बाद क्या हो सकता है असर

20 जनवरी 2020 को भारत में प्रवेश करने के बाद कोरोना संक्रमण का ग्राफ बढ़ता ही जा रहा है। वर्तमान में भारत में कोरोना संक्रमण के मामले 4000 के पार हैं। जिसमें 109 लोगों की मौत हो चुकी है। जिसके चलते प्रधानमंत्री मोदी ने 24 मार्च को 21 दिन के लॉकडाउऩ की घोषणा की। जो अब 14 अप्रैल को खत्म होने जा रहा है। जिसे कैबिनेट सैक्रेटरी राजीव गौबा ने भी सत्यापित किया- “कि लॉकडाउन बढ़ाने की सरकार की कोई मंशा नही है।“ लेकिन प्रतिदिन बढ़ती मौतों और कोरोना संकमण को देखते हुए साथ ही, यदि एक बार चीन की वर्तमान स्थिति को भी संज्ञान में लिया जाये। तो क्या 14 अप्रैल को लाँकडाउन हटाना उचित होगा?

3 अप्रैल मोदी ने क्या दिए थे संकेत

पीएम मोदी ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात करते हुए सूचना दी कि 15 अप्रैल को लॉकडाउन तो हटा दिया जाएगा। लेकिन कुछ पाबंदियां रहेगीं। जिसमें सोशल डिस्टेसिंग का पालन  करना ही होगा। बढ़ते हुए कोरोना मामलों को देखते हुए आवश्यक नहीं कि केन्द्र सरकार ही कोई कदम उठाये। राज्य सरकारें भी इस दिशा में न केवल निर्णय ले सकती हैं। बल्कि उनका पालन करवाने के लिए सख्त कार्रवाई भी कर सकती हैं। हो सकता है कि धारा 144 लागू करने का निर्णय भी सरकार को लेना पड़े। उम्मीद है कि ऐसे में कम संक्रमण वाले ज़िलों से पहले लॉकडाउन हटाया जाये। पर पाबंदियों से समझौता किसी हाल में नही होगा।

Tags:
Corona penedemic   |  Lockdown   |  China   |  asymptomatic patients   |  14 april   |  India   |  remove   |  Lockdown   |  applyrestrictio

Stories for you

SEARCH YOUR MP

Or

Selected MP