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एनआईपी कार्यबल ने सौंपी वित्त मंत्रालय को अंतिम रिपोर्ट

नेशनल इंटरेस्ट पाइप लाइन के लिए गठित कार्यबल ने अपनी तीसरी और अंतिम रिपोर्ट वित्त मंत्रालय को सौंप दी है। इस रिपोर्ट के मुताबिक देश में इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए 111 लाख करोड़ के निवेश की जरूरत है।

Manmeet Singh
Manmeet Singh | 30 Apr, 2020 | 5:51 pm

देश के प्रमुख इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर परियोजनाओं में निवेश को गति देने के उद्देश्‍य से गठित किए गए कार्यबल एनआईपी ने बुधवार को वित मंत्री निर्मला सीतारमण को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। वित्‍त मंत्रालय में सीतारमण को नेशनल पाइपलाइन (एनआईपी) 2020-25 के लिए गठित कार्यबल की ओर से यह रिपोर्ट सौंपी गई।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 2019-20 के अपने बजट भाषण में देश में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 100 करोड़ के निवेश की घोषणा की थी। यह निवेश अगले 5 साल 2020-25 के बीच किए जाएंगे।

Main
Points
कार्यबल ने सौंपी वित्त मंत्रालय को अपनी अंतिम रिपोर्ट
111 लाख करोड के निवेश का है अनुमान
देश का इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर बनाने की ओर बड़ा कदम
2019-20 के बजट में की थी वित्त मंत्री ने घोषणा

क्या कहती है रिपोर्ट

मंत्रालयों एवं राज्य सरकारों द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के आधार पर एनआईपी कार्यबल द्वारा वित्त मंत्रालय को सौंपी गई रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है कि 2020 से 25 के बीच में देश के इंफ्रास्ट्रक्चर पर 111 लाख करोड़ रुपए के निवेश की जरूरत होगी। यह रिपोर्ट 3 भाग में उपलब्ध है।

एक बड़ा कदम

भारत  का  इंफ्रास्ट्रक्चर सुधारने की दिशा में यकीनन यह एक बड़ा कदम है। इससे न केवल लोगों की जिंदगी जीने का तरीका बदलेगा बल्कि रोजगार के तमाम अवसर भी पैदा होंगे। इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास होने की वजह से देश में निवेश आकर्षित करने में भी मदद मिलेगी और 2025 में 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की ओर भारत मजबूती से कदम बढ़ाएगा।

क्या है वर्तमान स्थिति

अपेक्षित पूंजीगत व्यय 111 लाख करोड़ में से 44 लाख करोड़ रुपये (40% एनआईपी) की परियोजनाएं क्रियान्वयन के अधीन हैं, 33 लाख करोड़ रुपये (30%) की परियोजनाएं वैचारिक स्तर पर हैं।  प्रमुख क्षेत्र जैसे ऊर्जा  (24%), सड़कें (18%), शहरी (17%) और रेलवे (12%) भारत में अनुमानित बुनियादी ढांचे के निवेश का लगभग 71% हैं। केंद्र (39%) और राज्यों (40%) के भारत में एनआईपी को लागू करने में लगभग बराबर हिस्सेदारी होने की उम्मीद है, इसके बाद निजी क्षेत्र (21%) है।

कैसे बनी नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन

इसका गठन करने के लिए बॉटम-अप पद्धति का इस्तेमाल किया गया। एक सधी हुई सर्वोत्तम प्रयास के जरिए तमाम मंत्रालय विभाग राज्य सरकार और निजी क्षेत्र द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी की मदद से नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन तैयार किया गया।

और क्या है शामिल रिपोर्ट में

एनआईपी कार्यबल की अंतिम रिपोर्ट में भारत के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर बुनियादी ढांचे की प्रवृत्ति का उल्लेख है। इस रिपोर्ट में क्षेत्र की प्रगति, और लक्ष्य की ओर अग्रसर होते वक्त  सामने आने वाली चुनौतियों  का भी  विवरण शामिल है।   रिपोर्ट देश भर में विभिन्न क्षेत्रों में बुनियादी ढाँचे के निवेश को बढ़ाने और बेहतर बनाने के लिए सुधारों  की पहचान कर उजागर किया है। रिपोर्ट में एनआईपी के वित्तपोषण के तरीके और साधन भी सुझाए गए हैं, जिनमें नगर निगम के बांड भी शामिल हैं।

सुझाव

अपनी अंतिम रिपोर्ट में कार्यबल ने सरकार को 3 तरह की समिति बनाने का सुझाव दिया है:-

●पहली समिति जो नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की प्रगति पर नजर रखेगी और सामने आने वाली सभी बाधाओं को दूर करेगी

●दूसरी समिति का गठन नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन के लिए आर्थिक संसाधनों को मुहैया कराने के लिए होगा

●तीसरी समिति का गठन कार्यान्वयन के लिए प्रत्येक इन्फ्रास्ट्रक्चर मंत्रालय स्तर पर होगा जिससे काम सुचारू रूप से चलता रहे।

Tags:
NIP   |  task   |  force   |   Ministry   |  of   |  Finance   |  Nirmala sitharama

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