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लॉकडाउन में निकलकर सैकड़ो लोगों ने कैसे की दो साधुओं की मॉब लिचिंग! जाने खबर का हर पहलू


Ankit Mishra
Ankit Mishra | 20 Apr, 2020 | 6:59 pm

वीडियो स्टोरी भी देखें

महाराष्ट्र के पालघर जिले में जूना अखाड़े के दो साधुओं की हत्या के कारण पूरे देश में आक्रोश है।  साधु-संत, राजनेता और अभिनेता समेत आमजन भी सोशल मीडिया के सहारे मॉब लिंचिंग की भर्त्सना कर रहे हैं। इस मामले में अभी तक महाराष्ट्र सरकार ने 110 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार सभी लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। इस पूरे मुद्दे पर गृह मंत्रालय ने महाराष्ट्र सरकार से रिपोर्ट मांगी है।

Main
Points
जूना अखाड़े के दो साधुओं की मॉब लिंचिंग, पूरे देश में आक्रोश
केंद्रीय गृहमंत्रालय ने महाराष्ट्र सरकार से मांगी रिपोर्ट
9 नाबालिग समेत 110 के खिलाफ FIR दर्ज़, हुई गिरफ्तारी
योगी आदित्यनाथ ने उद्धव ठाकरे से की बात,कठोर कार्यवाही का आग्रह

दादर नगर हवेली की सीमा पर स्थित पालघर के गढ़चिचले गांव में यह लिंचिंग पुलिसकर्मियों के सामने ही हुई। यह घटना तो 17 अप्रैल को घटी लेकिन इसके 3 दिनों बाद सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल होने के बाद यह घटना सामने आयी।

क्या है पूरा मामला?

महाराष्ट्र के पालघर जिले में 17 अप्रैल को ग्रामीणों ने चोरी के संदेह 3 लोगों की पीट-पीट कर हत्या कर दी। इस मॉब लिंचिंग में जूना अखाड़े के दो संत समेत एक ड्राइवर की जान चली गई। पालघर के जिलाधिकारी के अनुसार यह दोनों साधु मुंबई से किराए के वाहन में किसी के अंतिम संस्कार में शामिल होने सूरत जा रहे थे। रास्ते में मुंबई-अहमदाबाद हाईवे के समीप स्थित गढ़चिचले गांव के पास वन विभाग के एक संतरी ने उनके वाहन को रोका था तभी वहां स्थानीय ग्रामीणों की भीड़ आ पहुंची और गाड़ी में मौजूद लोगों को चोर समझकर पिटाई शुरू दी।

कौन थे साधु

पंच दशनाम जूना अखाड़े से संबंध रखने वाले इन दोनों साधुओं के नाम स्वामी कल्पवृक्ष गिरि और स्वामी सुशील गिरि था। यह दोनों साधु मूलतः बनारस के रहने वाले थे। घटना से पूर्व वह मुंबई के कांदीवली स्थित एक आश्रम से चले थे।

महाराष्ट्र सरकार की कार्यवाही

महाराष्ट्र सरकार ने पालघर मामले में 2 पुलिस इंस्पेक्टरों को सस्पेंड कर दिया है। इस मामले में 9 नाबालिग समेत 110 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज़ कर गिरफ़्तारी भी हुई है। 101 लोगों को गिरफ्तार कर पुलिस कस्टडी में भेजा गया है वहीं 9 नाबालिगों को सुधार गृह भेजा गया है। यह सभी आरोपी 30 अप्रैल तक पुलिस कस्टडी में रखें जायेंगे।

क्या कहा मुख्यमंत्री ने

मॉब लिंचिंग की घटना को सांप्रदायिकता से जोड़ने की कोशिशों का खंडन करते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि इस घटना में कुछ भी सांप्रदायिक नहीं है। उन्होंने बताया कि आज सुबह ही गृह मंत्री अमित शाह से इस मुद्दे पर बात हुई है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ उच्चस्तरीय जाँच कर कड़ी कार्यवाही का आश्वासन दिया है। मामले की जाँच के लिए एडीजी सीआईडी (अपराध) अतुलचंद्र कुलकर्णी की नियुक्ती की गई है।

संत समाज में है आक्रोश

इस घटना से पूरे देश में संत समाज आक्रोशित है। उन्होंने लॉकडाउन के बीच ही महाराष्ट्र कूच करने की धमकी दी है। उन्नाव से भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने इस मॉब लिंचिंग के लिए महाराष्ट्र पुलिस को जिम्मेवार ठहराया है और आरोपियों पर रासुका लगाने की मांग की है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरी ने भी महाराष्ट्र सरकार के खिलाफ आंदोलन करने की चेतावनी दी है। महाराष्ट्र के एक अन्य संत महामंडलेश्वर स्वामी विश्वेश्वरानंद गिरी ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को पत्र लिख इस घटना को सभ्य समाज पर कलंक बताया है।

योगी ने की कड़ी कार्यवाही की मांग

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मुद्दे पर सीएम उद्धव ठाकरे से रविवार शाम बात कर आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की। इसकी जानकारी खुद योगी आदित्यनाथ ने ट्विटर के माध्यम से दी।

पहले भी हो चुकी है ऐसी घटना

गढ़चिचले गांव में पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी है। पिछले कई दिनों से इस गांव में चोरी की अफवाहों ने ज़ोर पकड़ रखा था जिससे निपटने के लिए ग्रामीणों ने निगरानी दल का गठन किया था। इस घटना से 3 दिन पूर्व ही एक डॉक्टर और 3 पुलिसकर्मियों पर भी ग्रामीणों ने हमला किया था।

Tags:
alghar   |  moblynching   |  Maharashtra   |  uddhavn thackre

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