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प्रवासी मजदूरों की सहायता के लिए रेलवे ने बढ़ाया हाथ,1200 मजदूर घर रवाना

सुबह 5 बजे लिंगमपल्ली से चली इस ट्रेन में 24 डिब्बे हैं और यह सारे अनारक्षित डिब्बे हैं। इस ट्रेन के रांची के पास मौजूद हटिया रेलवे स्टेशन पर रात 11 बजे पहुंचने की उम्मीद है। इस नॉन स्टॉप ट्रेन को सिर्फ क्रू चेंजिंग और पानी भरने के लिए 1 बार रोका जायेगा।

Ankit Mishra
Ankit Mishra | 01 May, 2020 | 2:04 pm

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करीब 45 दिनों बाद लॉकडाउन में फंसे गरीब प्रवासी मजदूरों के लिए पहली अच्छी खबर तेलंगाना से आई। तेलंगाना के लिंगमपल्ली से आज तड़के 5 बजे 1200 प्रवासी मजदूरों को ट्रेन से झारखंड के हटिया के लिए रवाना किया गया। कोरोना के निराशा के बीच इस खबर से अपने घरों से दूर-दराज़ राज्यों में फंसे लोगों को अब एक उम्मीद जरूर मिलेगी। 

Main
Points
तेलंगाना से 1200 प्रवासी मजदूरों को ट्रेन से झारखंड के लिए किया रवाना
तेलंगाना राज्य सरकार के अनुरोध पर चलाई गई यह विशेष ट्रेन
प्रवासी मजदूरों के लिए कोच्चि से भुवनेश्वर के लिए भी जाएगी विशेष ट्रेन

गृह मंत्रालय द्वारा बुधवार को अन्य राज्यों में फंसे लोगों को वापस भेजने सम्बन्धी दिशा-निर्देश जारी होने के बाद वापस अपने राज्य जाने वाला प्रवासी मजदूरों का यह पहला जत्था रहा। गोपनीय तरीके से गृह और रेल मंत्रालय के बीच हुई बैठक के बाद इस कदम को उठाया गया। भविष्य में ऐसी और भी ट्रेनें चलाये जाने की योजना बनाई जा रही है लेकिन आधिकारिक तौर पर रेलवे की तरफ से कोई घोषणा नहीं हुई है।

सुबह 5 बजे लिंगमपल्ली से चली इस ट्रेन में 24 डिब्बे हैं और यह सारे अनारक्षित डिब्बे हैं। इस ट्रेन के रांची के पास मौजूद हटिया रेलवे स्टेशन पर रात 11 बजे पहुंचने की उम्मीद है। इस नॉन स्टॉप ट्रेन को सिर्फ क्रू चेंजिंग और पानी भरने के लिए 1 बार रोका जायेगा। महाराष्ट्र के बल्लारशाह और नागपुर  होते हुए रायपुर के रास्ते झारखंड की ओर जाने वाली इस ट्रैन के हर डब्बे में 54 लोग हैं।

रेलवे अधिकारी के अनुसार ट्रेन को प्लेटफार्म पर लाने से पहले सैनिटीइज किया गया है और यात्रियों की स्क्रीनिंग कर स्टेशन पर ट्रेन में सभी आवश्यक सावधानियां अपनाई गईं है। सामाजिक दूरी के नियमों को सुनिश्चित करने के लिए ट्रेन में रेलवे सुरक्षा बल के जवानों की भी तैनाती की गई है और साथ ही ट्रेन  में मौजूद चालक दाल और जवानों के लिए खाने और प्रोटेक्टिव गियर जैसे सारी चीजों का इंतजाम किया गया है।

रेल मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक यह ट्रेन तेलंगाना राज्य सरकार के अनुरोध पर चलाई गई है। केंद्र सरकार से आये दिशा-निर्देश के बाद से ही राजस्थान, महाराष्ट्र, झारखंड समेत अन्य राज्यों की तरफ से प्रवासियों के लिए ट्रेन चलने की सुगबुगाहट शुरू हो गई थी। झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन ने रेल मंत्री पीयूष गोयल से इस बाबत बात कर देशभर में फंसे 9 लाख झारखण्ड के प्रवासियों के लिए ट्रेन चलाने की मांग की थी। इसके अलावा कल ऐसी ही मांग बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने भी की थी।

सभी राज्यों का यह मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में बस से प्रवासियों का विस्थापन कराना संभव नहीं है। प्रवासियों के परिवहन के लिए राज्य सरकारों ने केंद्र को पत्र लिख ट्रेन चलाने की मांग की है। तेलंगाना से आई यह खबर इस दिशा में एक सकारात्मक सन्देश देती है।

Tags:
Corona ministryofrailways migrants telanagana jharkhand

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