Your image is ready, you can save / share this image
Please wait!
#MPsPerformance


%
RANKOUT OF

क्या मां का दूध भी बच्चे के लिए कोरोना संक्रमण का कारण बन सकता है?


Manmeet Singh
Manmeet Singh | 18 Apr, 2020 | 10:08 am

वीडियो स्टोरी भी देखें

कोरोना वायरस पर दुनिया भर में शोध जारी है। जैस-जैसे शोध आगे बढ़ रहे हैं नई नई बातें खुलकर सामने आ रही हैं। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के शोध के अनुसार गर्भावस्था के दौरान ही संक्रमित मां से कोरोनावायरस का संक्रमण बच्चे को भी अपनी जद में ले सकता है। इसकी प्रबल संभावना है कि यह संक्रमण प्रसव के दौरान भी बच्चे को हो सकता है।

Main
Points
गर्भवती मां से बच्चे को हो सकता है कोरोना संक्रमण
प्रसव के दौरान भी है संक्रमण का खतरा
गर्भवती महिलाओं की केस हिस्ट्री तैयार करें चिकित्सक- ICMR
नवजात बच्चे को दूध पिलाते समय मां सावधानी बरतें

क्या स्तनपान कराना है सुरक्षित?

पार्लियामेंट्री बिजिनेस ने इस मसले पर जब लैक्टेशन स्पेशलिस्ट डॉक्टर आस्था अग्रवाल से बात की तो उन्होंने बताया कि “बच्चे की डिलीवरी के वक्त यह संक्रमण मां से बच्चे में आ सकता है क्योंकि इसका प्रसार एरोसोल के ज़रिये होता है लेकिन यदि मां एहतियात बरतें तो वह स्तनपान करा सकती है। स्तनपान से बच्चे को वायरस का संक्रमण नहीं होगा। स्तनपान से नवजात के शरीर में एंटीबॉडीज का निर्माण होगा जिससे उसे संक्रमण से लड़ने में सहायता मिलेगी।“

अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ पेंसिलवेनिया के स्कूल ऑफ मेडिसिन की भी एक रिसर्च बताती है कि स्तनपान नवजात को बहुत सारे वायरस से लड़ने में मदद करता है। बच्चे के लिए वह एक कवच का काम करता है।

परिषद ने जारी किए दिशा-निर्देश

दिशा निर्देश जारी करते हुए ICMR ने कहा कि जो महिलाएं ह्रदय रोग से पीड़ित हैं उनमें कोरोना संक्रमण की संभावना काफी ज्यादा है।

गर्भवती महिलाओं का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। कोरोना संक्रमित गर्भवती महिलाओं का इलाज कर रहे चिकित्सकों को उनकी एक केस हिस्ट्री तैयार करने की जरूरत है। शरीर के अंदर और बाहर हो रहे प्रत्येक बदलाव को ध्यान से परखना होगा ताकि इन बदलावों के मद्देनजर की आगे का इलाज किया जा सके।

ICMR ने कहा है की कोरोना संक्रमित मां को नवजात बच्चे से दूर रखा जाए। जब तक माँ पूरी तरह ठीक नहीं हो जाती, दोनों को पास न लाएं।

डॉक्टर आस्था अग्रवाल ने बताया कि “यदि मां बच्चे के करीब जाते वक्त हर संभव एहतिआत बरते जैसे मुंह को ढकना, हाथ में दस्ताने पहनना, नियमित अंतराल पर हाथ धुलना, साफ सफाई रखना, बच्चे के किसी भी अंग पर चुंबन ना लेना आदि तब संक्रमण के फैलने की संभावना बहुत कम है क्योंकि यह एयरोसोल के जरिए फैलता है। 0.5 माइक्रोन का एयरोसोल भी बच्चे को संक्रमित करने के लिए काफी है।“

इन बातों की पुष्टि नहीं

रिपोर्ट में कहा गया है कि गर्भपात या समय से पूर्व प्रसव के दौरान कोरोना संक्रमण का कितना असर होगा , संक्रमण से नवजात बच्चे को कितना खतरा है या उसके विकास पर इसका क्या असर होगा, इसकी अभी पुष्टि नहीं की जा सकती है।

Tags:
ICMR   |  Covid-19   |  PREGNANCY

Stories for you

SEARCH YOUR MP

Or

Selected MP