Your image is ready, you can save / share this image
Please wait!
#MPsPerformance


%
RANKOUT OF

2008-09 में आयी मंदी का भी टूटेगा रिकार्ड, दुनिया के लिए आगे


Manmeet Singh
Manmeet Singh | 06 Apr, 2020 | 6:17 pm

शेयर मार्केट दुनिया की किसी भी अर्थव्यवस्था की सेहत को नापने का पैमाना होता है। कोरोना वायरस के तेजी से प्रसार ने दुनिया में गतिरोध पैदा कर दिया है और वैश्विक अर्थव्यवस्था को मंदी के गर्त में धकेल दिया है।

Main
Points
कोरोना ने विश्व अर्थव्यवस्था को मंदी के दौर में धकेला
2008-09 की वैश्विक आर्थिक संकट से भी बदतर होंगे हालात
साल 2021 में वापसी संभव लेकिन रोकना होगा कोरोना का प्रसार
RBI ने बाजार की दैनिक व्यापार अवधि घटाई

2008-09 की वैश्विक आर्थिक संकट से भी बदतर

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आईएमएफ की प्रबंधक निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवा ने कहा, "WHO दुनिया के लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा कर रहा है और IMF वैश्विक अर्थव्यवस्था की स्वास्थ्य की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। यह एक अभूतपूर्व संकट है। आईएमएफ के इतिहास में हमने कभी भी विश्व अर्थव्यवस्था में   ऐसा  गतिरोध नहीं देखा है। हम अब मंदी के दौर में हैं और यह मंदी का दौर 2008-09 की वैश्विक आर्थिक संकट से भी बदतर है।" उन्होंने कहा कि 90 से अधिक देशों - आईएमएफ के 189 सदस्यों में से लगभग आधे ने महामारी से निपटने के  लिए आईएमएफ से आपातकालीन आर्थिक सहायता की मांग की है।

आईएमएफ और डब्ल्यूएचओ ने मुख्य रूप से स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने, डॉक्टरों और नर्सों को भुगतान करने और सुरक्षात्मक गियर खरीदने के लिए आपातकालीन सहायता का उपयोग करने का आह्वान किया है।

उन्होंने कहा कि आईएमएफ $1 ट्रिलियन की धनराशि, अपनी वॉर चेस्ट से ज्यादा इस्तेमाल करने के लिए तैयार है।

अर्थव्यवस्थाओं पर उठाये गये बड़े कदम

जी 20 देशों सहित विभिन्न देश  मौद्रिक और राजकोषीय दोनों मोर्चों पर उपाय कर रहे हैं ताकि कोरोनो वायरस के कारण अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे बुरे प्रभाव को एक हद तक टाला जा सके।

भारतीय रिजर्व बैंक ने 7 अप्रैल से 17 अप्रैल, 2020 तक मुद्रा बाजार के साथ-साथ ऋण बाजार  के दैनिक  व्यापार अवधि में भी कटौती की है। कोरोना के  प्रकोप के बीच, मुद्रा बाजार के लिए समय सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक संशोधित किया गया है। । वर्तमान में, मनी मार्केट सुबह 9 से शाम 5 बजे तक ट्रेड करता है।

आरबीआई ने कहा कि कोविड 19 की वजह से उत्पन्न हुई अभूतपूर्व स्थिति ने बाजार की स्थिरता को प्रभावित किया है।

जिसके परिणामस्वरूप अव्यवस्थाओं के वित्तीय बाजारों के कामकाज पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। स्टाफ और आईटी संसाधनों पर भी विपरीत असर हुआ है। लॉकडाउन जैसी गतिविधियाँ बाजार की तरलता को प्रभावित कर रहीं है और वित्तीय कीमतों की अस्थिरता बढा रही हैं।

वापसी की उम्मीद

हालांकि आईएमएफ ने वर्ष 2021 में रिकवरी का अनुमान लगाया है लेकिन उसके लिए दुनिया को वायरस के प्रसार को रोकना होगा। कोरोनोवायरस का संकट वैश्विक अर्थव्यवस्था में उत्पन्न तरलता संकट के लिए भी ज़िम्मेदार है। दुनिया की अर्थव्यवस्था को फिर से पैरों पर खड़ा करने के लिए तरलता की समस्याओं को भी हल करना होगा।

Tags:
global   |  recession   |  economic   |  crisis   |  Corona Virus   |  Covid-19   |  IMF

Stories for you

SEARCH YOUR MP

Or

Selected MP