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कब आएंगे किसान सम्मान निघि के दायरे में सभी किसान?


Parliamentary Business Team
Parliamentary Business Team | 17 Mar, 2020 | 12:00 am

भारत एक कृषि प्रधान देश है। अन्नदाता के नाम पर राजनीतिक रोटियां सेकने का प्रचलन बहुत पुराना है। उनकी बदहाली को दूर करने के लिए तमाम सरकारें हर वक़्त नई-नई योजनाएं बनाती रहती हैं लेकिन तस्वीर है कि बदलने का नाम ही नहीं लेती। किसानों के आत्महत्या करने का क्रम आज भी सतत जारी है। वर्तमान भारत सरकार ने छोटे व् सीमान्त किसानों को लाभ पहुंचाने के  लिए किसान सम्मान निधि की शुरुआत की।

Main
Points
साढ़े बारह करोड़ किसानों के खातों में 6 हज़ार रुपया देना है।
9 करोड़ किसानों के आँकड़े केन्द्र सरकार के पास

लोकसभा में बजट सत्र के दूसरे चरण के 19 वें दिन प्रश्न काल के दौरान किसान सम्मान निधि को लेकर केन्द्र सरकार और पश्चिम बंगाल से तृणमूल कांग्रेस के सांसदों के बीच तीखी बहस देखने को मिली। 

केन्द्र सरकार का आरोप है कि किसान सम्मान निधि से देश भर के किसानों को मिलने वाले 6 हज़ार रुपया के लिए पश्चिम बंगाल सरकार किसानों ने आँकड़े नहीं भेजे। जबकि तृणमूल कांग्रेस के सांसदों का कहना था कि केन्द्र सरकार की अपेक्षा राज्य सरकार ने किसानों के लिए बेहतर स्कीम बनाई हुई है। इस पर जवाब देते हुए सरकार ने कहा कि आप राज्य सरकार की योजनाओं को लागू करने के लिए स्वतंत्र है लेकिन केंद्र सरकार की किसान सम्मान निधि योजना को लागू करने से आपको परहेज़ क्यों है?  केन्द्र सरकार ने सदन को बताया कि किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत क़रीब साढ़े बारह करोड़ किसानों के खातों में 6 हज़ार रुपया देना है। 9 करोड़ किसानों के आँकड़े केन्द्र सरकार के पास आ गये हैं। राज्यों से आँकड़े आने में देरी हो रही है।

केन्द्र सरकार ने सदन को बताया कि किसान सम्मान निधि योजना के अंतर्गत क़रीब साढ़े बारह करोड़ किसानों के खातों में 6 हज़ार रुपया देने की योजना है।  9 करोड़ किसानों के आँकड़े केन्द्र सरकार के पास आ गये हैं लेकिन राज्यों से आँकड़े आने में देरी हो रही है।

इसी बीच बिहार से जेडीयू सांसद दुलाल चन्द्र गोस्वामी ने पश्चिम बंगाल के किसानों को किसान सम्मान निधि न मिलने की बात कहकर विवाद पैदा कर  दिया, जिस पर केन्द्र सरकार की तरफ़ से केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की तरफ़ से किसानों का डेटा अभी तक केन्द्र सरकार के पास नहीं आया है। हालाँकि सरकार ने सदन में कहा कि पश्चिम बंगाल से 10 लाख लोगों ने योजना के पोर्टल के माध्यम से आवेदन किया है जिसको सत्यापित करने के लिए राज्य सरकार को भेजा गया है। सत्यापित होते ही किसानों के खातों में पैसा आ जाएगा।

क्या है किसान सम्मान निधि योजना?

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना (पीएम-किसान) का ऐलान पिछले साल किया गया था। इस योजना के तहत केंद्र सरकार किसानों के बैंक खातों में सीधे पैसे ट्रांसफर करती है।यह केंद्र सरकार की स्कीम है। इसका एलान 1 फरवरी 2019 को आए बजट में किया गया था। इस स्कीम के तहत छोटे और सीमांत किसान परिवारों को हर साल 6000 रुपये दिए जाते हैं। ऐसे किसान परिवार को इस योजना का लाभ मिलता है जिनकी कुल जमीन 2 हेक्टेयर तक होती है। किसान को 2000-2000 रुपये की तीन किस्तों में यह पैसा दिया जाता है।यह पैसा डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के तहत सीधे किसान के खाते में डाल दिया जाता है.

किन किसान परिवारों को इस योजना का लाभ नहीं मिलता है?

1.अगर परिवार का सदस्य संवैधानिक पद पर हो या रह चुका हो.

2. सरकार में वर्तमान या पूर्व मंत्री, राज्य सभा या लोकसभा का सदस्य, नगर निगम के वर्तमान या पूर्व मेयर आदि.

3. केंद्र या राज्य सरकार के वर्तमान या पूर्व अफसर और कर्मचारी.

4. ऐसे सभी रिटायर्ड कर्मचारी जिन्हें मासिक 10,000 रुपये से ज्यादा पेंशन मिलती हो.

5. डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट जैसे पेशेवर.

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