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पुडुचेरी में ताकत आजमाने से पहले मैदान क्यों छोड़ा कांग्रेस के सीएम ने

पु़डुचेरी में कांग्रेस के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार सोमवार को गिर गई। पुडुचेरी विधानसभा में सोमवार को फ्लोर टेस्ट होना था, लेकिन इससे पहले सीएम वी. नारायणसामी ने मैदान छोड़ दिया। इसके बाद ले. गवर्नर ने सरकार गिरने की घोषणा सदन में की।

PB Desk
PB Desk | 22 Feb, 2021 | 6:00 pm

देश में कांग्रेस शासित राज्यों की संख्या में और कमी आ गई है। सोमवार को दक्षिण भारत के पुडुचेरी में कांग्रेस-डीएमके गठबंधन की सरकार ने विधानसभा में शक्ति परीक्षण से पहले ही हथियार डाल दिए और वी. नारायणसामी की सरकार गिर गई।  विधानसभा में फ्लोर टेस्ट के दौरान वी नारायणसामी के नेतृत्व वाली कांग्रेस-डीएमके सरकार अपना बहुमत साबित नहीं कर पाई। दरअसल कांग्रेस और डीएमके विधायकों के वॉकआउट के बाद स्पीकर ने ऐलान किया कि सरकार सदन में विश्वासमत साबित कर पाने में विफल रही। पुडुचेरी की उपराज्यपाल तमिलिसाई साउंडराजन ने मुख्यमंत्री से विधानसभा में अपनी सरकार का बहुमत साबित करने को कहा था।

Main
Points
पुडुचेरी में कांग्रेस-डीएमकी की सरकार थी
वी. नारायणसामी समेत विधायकों ने वॉकआउट किया
सरकार को साबित करना था बहुमत

हिंदी थोपने का लगाया आरोप

फ्लोर टेस्ट से पहले पु़डुचेरी के सीएम वी. नारायणसामी ने सदन में कहा कि तमिलनाडु में हम दो भाषाओं तमिल और अंग्रेजी को फॉलो करते हैं लेकिन बीजेपी जबरन हम पर हिंदी थोपना चाहती है। हमने डीएमके और निर्दलीय विधायकों के समर्थन से सरकार बनाई। उसके बाद हमने कई उपचुनावों का सामना किया। हमने सभी उपचुनाव जीते हैं। यह स्पष्ट है कि पुडुचेरी के लोग हम पर भरोसा करते हैं। सीएम ने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री सुषमा स्वराज जब पुडुचेरी आई थीं, तब उन्होंने कहा था कि पुडुचेरी को केंद्रशासित की बजाय पूर्ण राज्य होना चाहिए।

किसानों की मदद का दावा

अपनी सरकार के कामकाज के बारे में सदन को जानकारी देते हुए वी. नारायणसामी ने कहा कि सरकार बनाने के बाद हमने किसानों का सहकारी कृषि लोन माफ किया। छोटे किसानों के लिए पीएम मोदी 6 हजार रुपए दे रहे हैं जबकि हम 37,500 रुपए दे रहे हैं। सीएम ने अपनी सरकार के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों और चुनौतियों के बारे में बताया। सीएम ने आरोप लगाया कि पीएम मोदी और पूर्व एलजी किरण बेदी ने हमे दबाने की कोशिश की लेकिन फिर भी हम लोगों के हित में काम करने में सक्षम बने रहे। प्रदेश में लोगों द्वारा चुने गए लोगों को शासन करना चाहिए।

बीते सप्ताह से शुरू हुआ संकट

पुडुचेरी में सरकार पर संवैधानिक संकट बीते सप्ताह शुरू हुआ था। पुडुचेरी विधानसभा में सदस्यों की कुल संख्या 33 होती है, लेकिन फिलहाल 26 विधायक ही हैं। नियमानुसार 30 विधायकों का चुनाव द्वारा निर्वाचन होता है जबकि 3 सदस्यों को केंद्र सरकार मनोनीत करती है। इनमें से एआईएनआरसी के पास 7 और एआईएडीएमके के पास 4 विधायक हैं। बीजेपी के पास 3 मनोनीत विधायक हैं। कांग्रेस सरकार ने 2016 में विधानसभा चुनाव में 15 सीटें जीती थीं। बाद में डीएमके के तीन विधायकों के समर्थन ने कांग्रेस ने यहां सरकार बनाई थी। इनमें से एक विधायक ने रविवार को इस्तीफा दे दिया, जिससे सरकार पर संकट गहरा गया।

Tags:
V. Narayanasamy   |  Puducherry   |  Chief minister of Puducherry   |  Rahul Gandhi   |  Indian National Congre

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