Your image is ready, you can save / share this image
Please wait!
#MPsPerformance


%
RANKOUT OF

14 अप्रैल के लिए संस्पेंश बरकरार, क्या लॉकडाउन को खोलने का फैसला लेगी सरकार!


Riya Rai
Riya Rai | 08 Apr, 2020 | 11:31 am

दुनिया के साथ भारत में भी कोरोना के बढ़ते कहर को देखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने देश में 21 दिनों के  लॉक डाउन का ऐलान कर दिया था, जो 14 अप्रैल तक लागू है।  सम्पूर्ण देश में 21 दिनों के लॉक डाउन का फैसला पीएम मोदी के लिए आसान नहीं था। देश के तमाम लोगों ने समर्थन तो किया लेकिन महज कुछ दिनों बाद ही पीएम मोदी को लॉक डाउन के बाद गरीब मजदूरों के पलायन को लेकर काफी आरोप लगे। लॉक डाउन को जल्दबाजी में लिया गया फैसला बताया गया। जिसके बाद मन की बात में लॉक डाउन की वजह से लोगों को हो रही परेशानी के लिए पीएम मोदी ने माफ़ी माँगी। लॉक डाउन को लागू करना जितना कठिन चुनौती रहा उससे कही ज्यादा कठिन चुनौती प्रधानमंत्री के लिए लॉक डाउन को खोलना है। आजादी के बाद पहली बार देश में सम्पूर्ण लॉक डाउन हुआ है। हर तरह के यातायात सेवाएं ठप हैं। देशी-विदेशी उड़ाने, ट्रेन बस बंद हैं। छोटे बड़े उद्योग, दफ्तर बंद हैं।

Main
Points
लॉकडाउन खोलने को लेकर बोले विशेषज्ञ
लॉकडाउन खोलना सरकार के लिए चुनौती से कम नहीं
स्थिति की समीक्षा करने के बाद लॉक डाउन खोलने या न खोलने का फैसला
अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाना सरकार के लिए चुनौती
लॉक डाउन ख़त्म होने के बाद भी बंद रह सकती हैं अंतरराष्ट्रीय उड़ानें

लॉकडाउन को खोलना बन गयी है बड़ी चुनौती

लॉक डाउन को खोलना किसी चुनौती से कम नहीं है। ऐसे समय में मोदी सरकार देश को कोरोना से बचाने के लिए लॉक डाउन ख़त्म होने से एक दिन पहले देश की स्थिति की समीक्षा के बाद ये तय करेगी की जनजीवन को पटरी कैसे लाया जाए। सरकार के लिए दूसरी चुनौती है की लोगों को किस तरह बाहर लाया जाए की देश में कोरोना संक्रमण भी न फैले और देश में अर्थव्यवस्था की पहिया भी पटरी पर आ जाए।

जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ

लॉकडाउन खोलने को लेकर विशेषज्ञों का कहना है की राज्य सरकारें इस पर नए मॉडल पेश कर सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है की जिस तरह से पंजाब ने उद्योगों को सेनिटाइज कर मिसाल पेश किया है। पंजाब ने लॉक डाउन के चलते गरीब मजदूरों का पलायन रोकने के लिए उद्योग खोलने की अनुमति दे दी है। इस शर्त के साथ की वे श्रमिकों को रहना,खाना, इलाज मुफ़्त देंगे। ऐसे दूसरे राज्य भी इसे लागू कर सकते हैं। देश में 12 राज्य ऐसे हैं जहां संक्रमण के नए मामले नहीं आ रहे हैं।

वहीँ नागरिक उन्नयन मंत्रालय के अधिकारी का कहना है की सरकार उड़ानों का संचालन चरणबद्ध तरीके से धीरे धीरे शुरू करने की  इजाजत दे सकती है। जानकारी है की एयरलाइंस को 14 अप्रैल के बाद बुकिंग करने की छूट है। यदि लॉकडाउन 14 अप्रैल के बाद भी जारी रहा तो टिकट कैंसिल करने पड़ेंगे।

कौन कौन सी सेवाऐं हो सकती हैं शुरु

जानकारी के मुताबिक डेयरी, दुग्ध उत्पादन, फ़ूड प्रोसेसिंग शुरू हो सकती हैं। मजदूरों की संख्या सीमित कर उद्योग खोले जा सकते हैं। ई-कॉमर्स को पूरी छूट दी जा सकती है जिससे ऑनलाइन बाजार बहाल हो सके।

आधी क्षमता के साथ बहाल हो यातायात सेवाएं

विशेषज्ञों के अनुसार लॉक डाउन ख़त्म होने के बाद ट्रेनें और डोमेस्टिक फ्लाइट्स को बंदिशों के साथ खोला जा सकता है। इन्हें आधी क्षमता के साथ चलाया जा सकता है। ट्रेन कोच में 60 की जगह 30 ही यात्रियों के बैठेने के साथ ही डोमेस्टिक फ्लाइट्स की बुकिंग सीमित होनी की जा सकती है।

नियंत्रण के साथ मिले अनुमति

14 अप्रैल को लॉक डाउन समाप्त होने के बाद उन बाजारों को नियंत्रित ढंग से  खोल जा सकता है जहां से कोरोना संक्रमण के मामले सामने नहीं आ रहे हैं और बाजार को नियमित समय के लिए 6 से आठ घंटे के लिए खोला जाए। साथ ही दुकानदार ग्राहकों से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करवाएं। 

100% रहे पाबंदी

विशेषज्ञों के अनुसार लॉक डाउन ख़त्म होने के बाद अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों पर पाबन्दी बनी रहे। क्योंकि भारत में आयतित संक्रमण के मामले अधिक सामने आए हैं। चीन ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू की  करीब 1000 से अधिक संक्रमण के नए मामले सामने आ गए।

इसके साथ ही सिनेमा हॉल और खेल लॉकडाउन ख़त्म होने तक पूरी तरह से बंद रहें। इसके अलावा शादी, सामाजिक समारोह, धार्मिक अनुष्ठान पर भी पूर्ण पाबन्दी बनी रहे और शैक्षणिक संस्थानों जैसे स्कूल-कॉलेज को लॉक डाउन के बाद अतिरिक्त 2 महीनों के लिए बंद रखा जाए।

बता दें लॉक डाउन के बावजूद भारत में कोरोना संक्रमण काफी तेजी से फ़ैल रहा है। देश में कोरोना से करीब चार हजार से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं और करीब 110 से भी ज्यादा लोगों की कोरोना से संक्रमण होने के वजह से मौत हो चुकी है। हालाँकि देश में करीब तीन सौ से अधिक लोग कोरोना को हराकर हॉस्पिटल से घर पहुँच चुके हैं। इसलिए लॉक डाउन खुले या न खुले ज्यादा जरुरी न हो तो घर में रहें, सुरक्षित रहें और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ कोरोना महामारी को हराने में देश को बचाने में घर बैठें।

Tags:
Corona   |  indai   |  Lockdown   |  experts   |  economy

Stories for you

SEARCH YOUR MP

Or

Selected MP