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कोरोना के डबल अटैक से दुनिया परेशान! ठीक होने पर भी बना हुआ है खतरा


Riya Rai
Riya Rai | 14 Apr, 2020 | 7:29 pm

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दुनियाभर में कोरोना वायरस से अब तक करीब 19,20702 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं और अब तक करीब 4,50,094 लाख लोग ठीक हो चुके हैं। पूरी दुनिया में कुल संक्रमित लोगों के आंकड़ों के मुकाबले ठीक हुए मरीजों का आंकड़ा काफी कम है|

Main
Points
दुनियाभर में कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं करीब 1920702 से ज्यादा लोग
पूरी दुनिया में करीब 450094 संक्रमित लोग हो चुके हैं ठीक
कोरोना वायरस से ठीक हुए लोगों पर कोरोना का दोबारा अटैक
ठीक हुए मरीजों के दोबारा संक्रमण के मामले से वैज्ञानिक परेशान
ठीक हुए मरीजों के दोबारा संक्रमण का कारण शरीर में एंटीबॉडीज का नहीं बनना

चीन के वुहान से उत्पन्न इस कोरोना वायरस का काट ढूंढने में दुनियाभर के वैज्ञानिक लगे हुए हैं, फिर भी कोई खास सफलता हाथ नहीं लगी है| हालांकि अमेरिका,चीन और इजरायल ने दवा बनाने का दावा किया है और इंसानों पर ट्रायल भी शुरू कर दिया है| लेकिन इस बीच दुनिया के कुछ जगहों से ये खबर भी आ रही है की कोरोना वायरस के ठीक हो चुके मरीजों के शरीर पर ये वायरस दोबारा अटैक कर उन्हें वापस संक्रमित कर रहा है| ठीक हुए मरीजों के वापस संक्रमित होने की खबर से दुनिया के वैज्ञानिकों की चिंताऐं और बढ़ा दी हैं।

क्या है डॉक्टरों की राय

कॉरोन वायरस के ठीक हो चुके मरीजों के वापस संक्रमित होने पर डॉक्टर्स का कहना है की ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि उन व्यक्तियों के शरीर में एंटीबॉडीज का निर्माण नहीं हो रहा है और यही वजह है की ठीक हुए मरीज वापस से वायरस के चपेट में आ रहे हैं|

ऐन्टीबॉडीज करते क्या हैं

कोरोना मरीजों के उपचार के बाद भी वायरस से संक्रमण का खतरा बरक़रार है| इसका कारण है संक्रमण से ठीक हुए मरीजों के शरीर में एंटीबॉडीज का नहीं बनना।  शरीर में एंटीबॉडीज ही हमारे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं जो कि किसी वायरस से लड़ने में सक्षम बनाता है|

चीन में ठीक हुए मरीजों में एंटीबॉडीज की जांच

जानकारी के मुताबिक चीन के फुदान यूनिवर्सिटी के अस्पताल में स्वस्थ हुए 130 मरीजों में एंटीबॉडीज की जाँच की गई जिसमे से 10 मरीजों के शरीर में एंटीबॉडीज नहीं मिले।  सबसे खतरनाक बात ये है की जिन 10 मरीजों में एंटीबॉडीज नहीं मिले उनमें से 9 मरीज 40 साल से कम उम्र के थे।  इनके अलावा अन्य 30 प्रतिशत लोगों में एंटीबॉडीज पाए गए इनकी मात्र बहुत कम थी और डॉक्टर्स के मुताबिक दोनों ही अवस्था किसी भी व्यक्ति के लिए ठीक नहीं हैं|

शरीर में एंटीबॉडीज की भूमिका

शरीर को स्वस्थ रखने में एंटीबॉडीज की भूमिका काफी अहम होती है। ये किसी भी बीमारी के प्रभाव को कम करने और बीमारी को ख़त्म करने का काम करती है|

शरीर में एंटीबॉडीज बनने की शुरुआत

मानव शरीर में एंटीबॉडीज बनने की शुरुआत शरीर में एंटीजन प्रवेश के बाद होती है। एंटीबॉडीज शरीर में मौजूद व्हाइट ब्लड सेल्स या बी लिम्फोसाइट्स के जरिए बनती हैं। एंटीजन बी सेल्स एंटीबॉडीज के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं|

दक्षिण कोरिया में दोबारा संक्रमण के मामले

कोरोना वायरस के ठीक हो चुके मरीजों के दोबारा संक्रमित होने के मामले सिर्फ चीन में ही नहीं बल्कि दक्षिण कोरिया में भी ठीक हो चुके मरीजों में 91 मरीजों के दोबारा संक्रमित पाए जाने के मामले सामने आए हैं| चीन के बाद दक्षिण कोरिया में ही सबसे ज्यादा प्रभाव देखा गया था।  लेकिन सरकार ने समय रहते इस पर नियंत्रण कर लिया| यानहाप एजेंसी के मुताबिक यहां कोरोना नियंत्रण और रोकथाम केंद्र के निदेशक जियोंग इयून कियोंग ने इस वायरस के दोबारा सक्रीय होने की आशंका जताई है।  इसके अलावा जापान में भी कोरोना के ठीक हुए मरीज को दोबारा संक्रमित पाया गया है जानकारी के मुताबिक जापान में 70 साल के व्यक्ति को ठीक होने के कुछ दिन बाद वापस कोरोना पॉजिटीव पाया गया है|

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Cornaeffect   |  world   |  China   |  antybodies   |  Coronapatient

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