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लॉकडाउन के बाद बाहर खाने को तरस सकते हैं आप! 50 फ़ीसदी रेस्टोरेंट बंदी की कगार पर!


Riya Rai
Riya Rai | 02 Apr, 2020 | 7:03 pm

भारत में कोरोना महामारी का सबसे बुरा असर फूड और ट्रैवल इंडस्ट्री पर पड़ा है। नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के मुताबिक कोरोना की वजह से उसके 5 लाख सदस्यों को इस साल 2020 में करीब 80 हजार करोड़ रुपए का भारी नुकसान हो सकता है। अगर लॉकडाउन लंबा चला तो देश के 50 प्रतिशत रेस्टोरेंट बंद हो सकते हैं। नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अनुमान के मुताबिक जोमैटो-स्विगी जैसे डिलिवरी चेन का कारोबार घटकर 10 % आ गया है।

Main
Points
कोरोना के वजह से रेस्टोरेंट कारोबार को भारी नुकसान
2020 में क़रीब 80 हजार करोड़ का नुकसान हो सकता है
लॉकडाउन लंबा खिंचा तो बंद हो जाएंगे 50% रेस्टोरेंट
रेस्टोरेंट सेक्टर से 70 लाख लोगों के पास है रोजगार
10 लाख से ज्यादा लोग हो जाएंगे बेरोजगार-NRAI

कारोबारियों पर किराये की मार

वास्तविकता ये है कि देश के क़रीब 90 प्रतिशत रेस्टोरेंट लीज पर ली हुई जगह में चलते हैं। लगभग 20 प्रतिशत ऐसे संगठित रेस्टोरेंट तो मॉल में हैं। इसके अतिरिक्त बाकी रेस्टोरेंट शहरों के मुख्य इलाकों की सड़कों पर बने हैं। जिनको अपनी आमदनी का क़रीब 15 से 30 प्रतिशत तक किराया देना होता है। मॉल में चलने वाले रेंस्टोरेंट की बात करें तो इन्हें अतिरिक्त 5 से 6 प्रतिशत मेंटीनेंस देना पड़ता है। यह मेंटीनेन्स चार्ज कई बार 3000 वर्ग फुट रेस्टोरेंट को करीब 2.5 लाख महीना तक हो जाता है।

लाखों लोग होंगे बेरोजगार

फूड डिलिवरी का कारोबार भी लॉकडाउन बंद हो गया है। पहले के मुकाबले जोमैटो और स्विगी का बिजनेस तो केवल 10 प्रतिशत ही रह गया है। रेस्टोरेंट सेक्टर में क़रीब 73 लाख लोगों को रोजगार मिला हुआ है और NRAI के अनुमान के मुताबिक शुरुआती समय में ही करीब 10 लाख से ज्यादा लोग बेरोजगार हो जाएंगे।

और भी घटेगा बिजनेस

नेशनल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट के मुताबिक कोरोना के बाद दुनिया के हालत कल्पना से परे होंगे क्योंकि जब बेहतर इकॉनमी होती है तभी लोग अच्छी फूड और बेवरेज पर खर्च करते हैं। इसके अलावा कोरोना के कारण देश में जो डर का माहौल बना है उसमें लोग बाहर का खाना भी कम कर देंगे।

चीन में यह देखा गया है कि कोरोना के बाद जब बाजार खुले तो डॉमिनोज़ पिज्ज़ा की बिक्री पहले के मुकाबले एक तिहाई से भी कम हो गई है। यदि चीन में ये हालत है तो भारत में कोरोना के बाद क्या होगा इसके बारे में सोचा जा सकता है। चीन में औसत एक व्यक्ति महीने में 28 बार बाहर खाना खाता है, जबकि भारत में यह औसत सिर्फ 4 बार के क़रीब है।

Tags:
Corona   |  Lockdown   |  India   |  Restaurant   |  business   |  National   |  Association   |  NRAI   |  Jo

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