Your image is ready, you can save / share this image
Please wait!
#MPsPerformance


%
RANKOUT OF

1967 के बाद क्यों भारत चाइना बॉर्डर पर नहीं चली कोई गोली?

09 Sep, 2020 | 10:19 am

1967 के टकराव के दौरान भारत की 2 ग्रेनेडियर्स बटालियन के जिम्मे नाथू ला की सुरक्षा जिम्मेदारी थी। नाथु ला दर्रे पर सैन्य गश्त के दौरान दोनों देशों के सैनिकों के बीच अक्सर धक्का मुक्की होते रहती थी। 11 सितंबर 1967 को धक्कामुक्की की एक घटना का संज्ञान लेते हुए नाथू ला से सेबु ला के बीच में तार बिछाने का फैसला लिया। जब बाड़बंदी का कार्य शुरु हुआ तो चीनी सैनिकों ने विरोध किया। इसके बाद चीनी सैनिक तुरंत अपने बंकर में लौट आए। कुछ देर बाद चीनियों ने मेडियम मशीन गनों से गोलियां बरसानी शुरु कर दीं। प्रारंभ में भारतीय सैनिकों को नुकसान उठाना पड़ा। पहले 10 मिनट में 70 सैनिक मारे गए। लेकिन इसके बाद भारत की ओर से जो जवाबी हमला हुआ,उसमें चीन का इरादा चकनाचूर हो गया।

Stories for You


Other Stories

SEARCH YOUR MP

Or

Selected MP